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Ram Mandir Donation Case: इस्तीफे के बाद पहली बार चंपत राय से मिले गोविंद देव गिरी, अयोध्या में तेज हुई हलचल



राम मंदिर ट्रस्ट में बदलाव के बाद गोविंद देव गिरी ने चंपत राय से मुलाकात की। चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज, कई सवाल बरकरार।

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के हालिया बदलाव के बाद गतिविधियां तेज हो गई हैं। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद पहली बार ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी उनसे मिलने पहुंचे। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है और ट्रस्ट के भीतर हुए बदलावों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। दूसरी ओर पुलिस भी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए रिमांड पर लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।

चंपत राय से मिलने पहुंचे गोविंद देव गिरी, कई नेताओं की भी हुई मुलाकात

बुधवार सुबह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी अयोध्या में चंपत राय से मिलने पहुंचे। दोनों की यह पहली मुलाकात है, जो ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद हुई। इससे पहले मंगलवार को कृष्ण मोहन और बजरंग लाल बागड़ा भी चंपत राय से मिलने पहुंचे थे। वहीं गोपाल राव तीर्थ क्षेत्र भवन में मौजूद रहे, हालांकि वह इस बैठक का हिस्सा नहीं बने।

ट्रस्ट बैठक के बाद सामने आया पूरा हिसाब, जांच पर बढ़ा फोकस

सोमवार को हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक करीब तीन घंटे चली थी। बैठक में महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। इसके साथ ही चंपत राय की जिम्मेदारियां कृष्ण मोहन को सौंप दी गईं। बैठक के दौरान ट्रस्ट के सदस्यों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद पहली बार राम मंदिर में मिले कुल चढ़ावे और विभिन्न मदों में हुए खर्च का विस्तृत लेखा-जोखा सार्वजनिक किया गया।

बैठक के अगले दिन गोविंद देव गिरी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी स्थिति सामने आएगी। उनके अनुसार, चंपत राय ने कुछ ऐसे लोगों पर भरोसा किया जिन्होंने विश्वास तोड़ा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चढ़ावे की चोरी हुई है और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में कहां कमी रह गई, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनका इस मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है और वह पद नहीं छोड़ेंगे।

चंपत राय के संकेत और पुलिस की जांच दोनों पर टिकी निगाहें

चंपत राय ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा किया, जिसमें उन्होंने विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने पर आश्चर्य जताया। उन्होंने फिलहाल विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन यह भी कहा कि वह हमेशा चुप नहीं रहेंगे। उनके इस बयान के बाद आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर उनके संभावित खुलासों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस ने जेल में बंद तीन आरोपियों—लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करूणेश पांडेय—को अदालत से एक दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर उन पैसों के स्रोत का पता लगाने का प्रयास करेगी, जो जांच के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में बरामद किए गए थे। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं और जांच को नई दिशा मिल सकती है।



साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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