इंडोनेशिया में पीएम मोदी ने 2+6 और 1+7 का अनोखा गणित समझाया। राष्ट्रपति प्राबोवो की DNA वाली टिप्पणी का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को एक दिलचस्प गणितीय उदाहरण से समझाया। उन्होंने भारत के गणतंत्र दिवस की तारीख 26 जनवरी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के जन्मदिन 17 तारीख को जोड़ते हुए दोनों का योग 8 बताया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके भीतर भारत का DNA है। पीएम मोदी ने इसे दोनों देशों के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया।
2+6 और 1+7 के जरिए दोस्ती का दिया संदेश
जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत हर साल 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस मनाता है। उन्होंने लोगों से 2 और 6 को जोड़ने के लिए कहा, जिसका परिणाम 8 आया। इसके बाद उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो का जन्म 17 तारीख को हुआ था और 1 तथा 7 को जोड़ने पर भी 8 होता है। पीएम मोदी ने इस संयोग को भारत और इंडोनेशिया की मजबूत मित्रता का प्रतीक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा विरासत और विश्वास पर आधारित हैं।
राष्ट्रपति की 'भारत का DNA' वाली टिप्पणी का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में याद दिलाया कि राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उस दौरान राष्ट्रपति ने कहा था कि उनके भीतर भारत का DNA है। पीएम मोदी ने कहा कि यह बात लाखों भारतीयों के दिल को छू गई थी और इस बार भी जब राष्ट्रपति ने इसका जिक्र किया तो वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी भावनाएं दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे आत्मीय संबंधों को और मजबूत बनाती हैं।
साझा विरासत और भविष्य के सहयोग पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध सदियों पुरानी सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक जुड़ाव और समुद्री संपर्कों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज सुधार, बेहतर प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता न केवल भारतीयों के लिए बल्कि इंडोनेशिया और पूरे आसियान क्षेत्र के लिए भी नए अवसर लेकर आ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, संस्कृति और रणनीतिक सहयोग के नए आयाम विकसित होंगे।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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