नीट विवाद में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर शरद पवार बोले- मैंने पीएम मोदी से छात्रों से संवाद करने को कहा था, युवाओं की जीत हुई।
NEET पेपर लीक मामले में 28 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। पवार ने कहा कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर छात्रों से संवाद करने की अपील की थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए युवाओं की जीत बताई और पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की।
'पीएम मोदी से मैंने की थी संवाद की अपील'
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने जंतर-मंतर पर 28 दिनों तक बिना डरे लगातार संघर्ष करने वाले युवाओं की सराहना की है। पवार ने बताया कि उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर आग्रह किया था कि लोकतंत्र में संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है, इसलिए उन्हें छात्रों से बातचीत शुरू करनी चाहिए। पवार के मुताबिक, इस बातचीत के बाद ही प्रधानमंत्री ने आग्रह स्वीकार किया और केंद्र सरकार से अपने सहयोगी (शिक्षा मंत्री) को हटाते हुए इस्तीफा लिया। इस दौरान पवार ने अभिजीत और उनके साथी आंदोलनकारी छात्रों से भी बात कर उन्हें समझाया था कि अगर सरकार संवाद की पहल करती है, तो वे बातचीत से इनकार न करें।
छात्रों पर लाठीचार्ज और मेट्रो बंद करने पर उठाए सवाल
युवाओं के इस आंदोलन को लोकतंत्र का प्रतीक और एकजुटता की जीत बताते हुए पवार ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के साथ इस तरह के मामलों से निपटते समय आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसी दमनात्मक कार्रवाइयों से बचना चाहिए था, इससे बेहतर संदेश जाता। जंतर-मंतर तक पहुंचने के लिए मेट्रो बंद रखने के फैसले को भी उन्होंने नासमझी भरा करार दिया। पवार ने संतोष जताया कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महाराष्ट्र के पुणे और मुंबई समेत देश के कोने-कोने से युवा इसमें शामिल हुए, जिससे केंद्र सरकार जरूर सबक लेगी।
'देर से ही सही, लेकिन झुकी सरकार'
पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के एक आरोपी का नाम सामने आने पर पवार ने कहा कि इससे सिर झुकाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में उनसे कहा गया था कि मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया जाएगा, लेकिन अंततः इस्तीफा लिया गया। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की राय को भी उन्होंने उचित ठहराया। पवार ने साफ किया कि सरकार देर से ही सही, लेकिन झुकी। उन्होंने चेताया कि देश की युवा शक्ति एकजुट हो चुकी है और जहां भी अन्याय या अत्याचार होगा, नई पीढ़ी चुप नहीं बैठेगी बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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