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लखनऊ में अंदर से लॉक कार में मिली दारोगा की लाश, नाक से बह रहा था खून; पुलिस महकमे में हड़कंप



लखनऊ के पारा इलाके में दारोगा अजय कुमार का शव उनकी ही कार में संदिग्ध हालत में मिला। कार अंदर से लॉक थी और नाक से खून बह रहा था।

​यूपी की राजधानी लखनऊ में गाजीपुर थाने में तैनात 34 वर्षीय दारोगा अजय कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनका शव पारा इलाके में सड़क किनारे खड़ी उन्हीं की कार में मिला। कार अंदर से लॉक थी और उनकी नाक से खून बह रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

गुरुवार दोपहर से चल रहे थे लापता

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सर्वोदय नगर चौकी पर तैनात दारोगा अजय कुमार गुरुवार दोपहर से ही अपने स्टाफ के संपर्क में नहीं थे। साथी पुलिसकर्मियों ने उनसे लगातार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी का फोन नहीं उठाया। किसी अनहोनी की आशंका के चलते उच्चाधिकारियों ने उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करवाई। यह लोकेशन पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुद्धेश्वर-मोहन रोड के पास की मिली।

शीशा तोड़कर निकाला गया बाहर

मोबाइल लोकेशन के आधार पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो मोहन रोड पर अर्श अस्पताल के सामने दारोगा की सेंट्रो कार खड़ी मिली। कार के दरवाजे अंदर से बंद थे और अजय कुमार ड्राइविंग सीट पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई। इसके बाद कार का शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया और तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान, नाक से बह रहा था खून

प्रारंभिक जांच में पुलिस को मृतक दारोगा के शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, उनकी नाक से खून निकलने की पुष्टि हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक टीम की जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह कार गुरुवार रात करीब 11 बजे से ही अस्पताल के सामने आकर खड़ी हुई थी। शुक्रवार को काफी देर तक कार खड़ी रहने पर लोगों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी।

मूल रूप से हापुड़ के रहने वाले थे अजय कुमार

डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अजय कुमार साल 2020 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे। वह मूल रूप से हापुड़ जिले के निवासी थे और वर्तमान में लखनऊ के पारा क्षेत्र स्थित नरपतखेड़ा में किराये के कमरे में रहते थे। उनकी पत्नी कोमल पिछले लगभग एक साल से अपने गृह जनपद हापुड़ में ही रह रही हैं। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं। फिलहाल फॉरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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