भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद से रवाना। जानिए इसकी क्षमता, गति, तकनीक और प्रमुख विशेषताएं।
भाजपा जिला प्रभारी कमल यादव कहा कि भारतीय रेल ने आज देश में स्वच्छ और हरित परिवहन (Green Mobility) के एक नए युग का सूत्रपात किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित डेमू (DEMU) ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कमल यादव ने कहा कि यह ट्रेन जींद-सोनीपत रेल खंड पर संचालित होगी, जो न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
कमल यादव ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल भारत को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और भविष्योन्मुख सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक नई पहचान दिलाएगी।
कमल यादव ने इस ऐतिहासिक हाइड्रोजन ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं बताते हुए कहा कि ये ट्रेन शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) यह ट्रेन डीजल के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी, जो अपनी बिजली खुद ट्रेन पर ही उत्पन्न करती है। इससे उप-उत्पाद के रूप में केवल पानी की भाप (Water Vapour) और गर्मी निकलती है, जिससे प्रदूषण पूरी तरह शून्य होगा।
कमल यादव ने बताया कि क्षमता और गति: 10 कोच वाली इस आधुनिक ट्रेन में लगभग 2,600 यात्रियों के सफर करने की क्षमता है। यह ट्रेन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
कमल यादव ने कहा कि ट्रेन को ईंधन देने के लिए हरियाणा के जींद में देश का सबसे बड़ा रेलवे हाइड्रोजन स्टोरेज और रीफ्यूलिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जो एक बार में 3,000 किलोग्राम तक हाइड्रोजन स्टोर कर सकता है।
कमल यादव ने बताया कि ट्रेन में एडवांस्ड सेफ्टी सेंसर्स, वेंटिलेशन सिस्टम और ऑटोमैटिक हाइड्रोजन कट-ऑफ मैकेनिज्म लगाया गया है, जिसे आरडीएसओ (RDSO) और पीईएसओ (PESO) द्वारा प्रमाणित किया गया है।
कमल यादव ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत सरकार के 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' (National Green Hydrogen Mission) और वर्ष 2030 तक भारतीय रेलवे को नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जक बनाने के संकल्प को गति देने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।


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