धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने आंदोलन खत्म किया। नड्डा संग बैठक के बाद जंतर-मंतर से लौटने की अपील की।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया है। संविधान क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बैठक के बाद सौरव दास ने कहा कि प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है और प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर का धरना खत्म कर घर लौटने की अपील की गई है।
नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संविधान क्लब में हुई बातचीत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों ने संविधान क्लब में केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ बातचीत की। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ CJP की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हुए।
बातचीत पूरी होने के बाद CJP ने जंतर-मंतर पर जारी धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। पार्टी की ओर से कहा गया कि उसकी मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इसके साथ ही धरना स्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन खत्म कर वापस लौटने का अनुरोध किया गया।
सौरव दास बोले- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारी पहली मांग थी
बैठक के बाद सौरव दास ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है और इसी के साथ उनकी पहली मांग पूरी हो गई है। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेना उनकी दूसरी प्रमुख मांग थी, जिस पर भी सरकार के साथ सहमति बनने की बात कही गई।
दास के मुताबिक, दर्ज एफआईआर की प्रतियां भी CJP के साथ साझा की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ये प्रतियां तीन से चार दिनों के भीतर मिलने की उम्मीद है और एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया को लेकर भी सहमति बनी है।
प्रदर्शनकारियों और CJP आयोजकों पर कार्रवाई नहीं होने की लिखित गारंटी का दावा
सौरव दास ने बैठक के बाद बताया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों और CJP के आयोजकों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भी सहमति हुई है। उनके अनुसार, इस संबंध में लिखित गारंटी देने की बात हुई है और सरकार मंगलवार को इसे लिखित रूप में देने वाली है।
CJP ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने पांच सूत्री एजेंडा भी रखा था। दास ने बताया कि चार सप्ताह बाद दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक होगी, जिसमें विस्तृत सुधारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से तय गारंटी मिलने की स्थिति में संगठन आंदोलन वापस लेना चाहता है। इसी बातचीत के बाद जंतर-मंतर पर जारी धरने को समाप्त करने का फैसला सामने आया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से लौटने की अपील
बैठक के बाद CJP ने जंतर-मंतर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को भी संदेश दिया। संगठन ने कहा कि उसकी मांगों पर सरकार के साथ सहमति बन चुकी है, इसलिए प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक धरना स्थल छोड़कर अपने घर वापस लौट जाएं।
आंदोलन समाप्त करने का यह ऐलान केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और CJP के बीच हुई बातचीत के बाद किया गया। संगठन की ओर से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दर्ज मामलों की वापसी और प्रदर्शनकारियों तथा आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की गारंटी को प्रमुख मुद्दों के रूप में रखा गया था।
जेपी नड्डा ने कहा- यह तीसरी मुलाकात, चार मांगों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि CJP प्रतिनिधियों के साथ यह तीसरी मुलाकात थी। इस बार प्रतिनिधि लिखित मसौदा लेकर पहुंचे थे और आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर चार मांगें सामने रखी गई थीं।
#WATCH दिल्ली: सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी यह ऐलान करती है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा।" pic.twitter.com/1KFob83trX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 25, 2026
नड्डा के मुताबिक, इन मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बातचीत के बाद इस बात पर सहमति बनी कि कोई केस नहीं होगा और नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने आपसी सहमति के आधार पर इन बातों को स्वीकार किया है।
इस बैठक के बाद CJP ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा कर दी और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म कर वापस लौटने की अपील की।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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