TMC में बड़ी बगावत: ममता बनर्जी के 19 लोकसभा सांसद हुए बागी, शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान भी शामिल। जानें पूरी खबर।
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हो गई है। पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों ने बगावत कर दी है और काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का दावा किया है। बागी गुट में शत्रुघ्न सिन्हा, सयानी घोष और यूसुफ पठान जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिसके बाद अब लोकसभा में ममता बनर्जी के साथ केवल 9 सांसद ही शेष बचे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा पत्र, NDA को समर्थन की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी के इन 19 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को अपना हस्ताक्षरयुक्त पत्र सौंप दिया है। यह गुट वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में काम कर रहा है और केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए को समर्थन देने की बात कह रहा है। गौरतलब है कि संसद के दोनों सदनों को मिलाकर टीएमसी के कुल 41 सांसद हैं, जिनमें से 28 लोकसभा में हैं। इस बड़ी बगावत के बाद लोकसभा में ममता बनर्जी के खेमे में अब महज 9 सांसद ही रह गए हैं, जो उनके साथ बने रहने का दावा कर रहे हैं।
बागी गुट में शामिल हैं कई दिग्गज चेहरे
ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले सांसदों की सूची में कई हाई-प्रोफाइल नाम शामिल हैं। आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, जादवपुर से सयानी घोष और बहरामपुर से सांसद व पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने भी इस बागी गुट का दामन थाम लिया है। इनके अलावा सूची में माला रॉय, दीपक अधिकारी (देव), जून मालिया, शताब्दी रॉय, रचना बनर्जी, खलीलुर रहमान और अबू ताहेर खान सहित कुल 19 नाम शामिल हैं। दूसरी तरफ, ममता बनर्जी के वफादार बचे 9 सांसदों में अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, सौगत रॉय और कल्याण बनर्जी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं।
हार के बाद बढ़ीं मुश्किलें, डैमेज कंट्रोल में जुटीं ममता
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से ही टीएमसी के भीतर आंतरिक असंतोष पनप रहा था। कई वरिष्ठ सांसदों ने पहले ही ममता बनर्जी के कोर ग्रुप से दूरियां बनानी शुरू कर दी थीं, जो अब खुलकर सामने आ गई हैं। इस बड़े संकट के बीच ममता बनर्जी ने दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की है, वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा की है। टीएमसी नेतृत्व फिलहाल इस बड़े राजनीतिक नुकसान की भरपाई करने और बचे हुए सांसदों को एकजुट रखने के प्रयासों में जुटा हुआ है।


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