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पाकिस्तानी स्कॉलर के वीडियो सुनता था आयुष! शामली केस में फिलिस्तीन कनेक्शन की जांच तेज


शामली धर्म परिवर्तन केस में आयुष मलिक के पाकिस्तानी स्कॉलर और फिलिस्तीन कनेक्शन की जांच तेज, कई मौलवी रडार पर।

उत्तर प्रदेश के शामली में दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्म परिवर्तन मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उसके कथित पाकिस्तानी और फिलिस्तीनी कनेक्शन की जांच में जुट गई हैं। आयुष ने खुद स्वीकार किया है कि वह पाकिस्तान के इस्लामी स्कॉलर डॉ. इसरार के वीडियो सुनता था। वहीं मामले में उसकी पत्नी चांदनी कुरैशी और ससुर इस्लाम कुरैशी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई मौलवी भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।

धर्म परिवर्तन केस में जांच एजेंसियां अलर्ट

शामली के कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक के इस्लाम धर्म अपनाने का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस को शक है कि यह मामला केवल निजी स्तर का धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि किसी बड़े नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है। इसी वजह से शामली पुलिस ने इस मामले में एसआईटी समेत कई टीमें गठित की हैं। स्थानीय खुफिया इकाई और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

पुलिस के मुताबिक, गाजियाबाद, दिल्ली और शामली के कुछ मौलवियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। अब तक इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है, जिनमें से कई आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

आयुष बोला- मैंने अपनी मर्जी से अपनाया इस्लाम

आयुष मलिक, जो अब खुद को रहमान बताता है, उसने जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों को खारिज कर दिया है। पूछताछ में उसने कहा कि उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है और वह साल 2008 से इस्लाम की पढ़ाई कर रहा था। आयुष का दावा है कि उसने परिवार से यह बात उस समय साझा की जब उसकी तीनों बहनों की शादी हो चुकी थी।

आयुष ने यह भी बताया कि उसने चार साल पहले दिल्ली निवासी चांदनी कुरैशी से निकाह किया था। उसका कहना है कि अगर उसका ब्रेनवॉश किया गया होता तो वह अपने परिवार से सारे रिश्ते खत्म कर देता, लेकिन वह आज भी अपने माता-पिता और परिवार को महत्व देता है।

पाकिस्तानी स्कॉलर और फिलिस्तीन कनेक्शन की जांच

पूछताछ के दौरान आयुष ने स्वीकार किया कि वह पाकिस्तान के इस्लामी विद्वान डॉ. इसरार अहमद के यूट्यूब वीडियो और भाषण नियमित रूप से सुनता था। उसने दावा किया कि डॉ. इसरार के संदेश प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव पर आधारित होते हैं। इसके अलावा उसने फिलिस्तीन से जुड़े मुद्दों में भी रुचि होने की बात भी मानी है।

इसके बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिजिटल एक्टिविटी, मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं किसी विदेशी नेटवर्क या संदिग्ध फंडिंग से उसका कोई संबंध तो नहीं था।

मामले की शुरुआत आयुष के पिता देवराज मलिक की शिकायत के बाद हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चांदनी कुरैशी ने प्रेम संबंधों के जरिए उनके बेटे का धर्म परिवर्तन कराया और परिवार की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आएगी।

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