PREMIUM AD SPACE
अपने बिजनेस को दें बड़ी पहचान
Vishwa Media पर Premium Advertising Space बुक करें
WhatsApp पर BOOK NOW

ताजा खबरें

5/National/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

हड्डी जोड़ने के बाद फिर तोड़ दी? मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल पर रिश्वत और क्रूरता का गंभीर आरोप


मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में डॉक्टरों पर रिश्वत लेने और बच्ची की जुड़ती हड्डी दोबारा तोड़ने का गंभीर आरोप लगा।

Muzaffarnagar Hospital News: मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में एक गरीब विधवा महिला ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसकी मानसिक रूप से बीमार 14 वर्षीय बेटी के पैर का ऑपरेशन करने के बदले पहले 25 हजार रुपये मांगे गए। डीएम के हस्तक्षेप के बाद 8 हजार रुपये लेकर ऑपरेशन किया गया, लेकिन बाद में चेकअप के दौरान डॉक्टर ने जबरन पैर मोड़ दिया, जिससे जुड़ रही हड्डी दोबारा टूट गई। पीड़ित मां अब कलेक्ट्रेट पहुंचकर कार्रवाई और इंसाफ की मांग कर रही है। मामले में सीएमओ ने जांच कराने की बात कही है।

रिश्वत नहीं देने पर इलाज रोकने का आरोप

पीड़ित महिला रेशमा ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उसकी 14 साल की बेटी का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उसके पैर की हड्डी टूट गई। वह बेटी को लेकर मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए 25 हजार रुपये की मांग की। महिला का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर अस्पताल स्टाफ ने इलाज करने से मना कर दिया।

रेशमा के अनुसार वह विधवा है और मजदूरी करके परिवार चलाती है। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वह रकम नहीं जुटा सकी। इसके बाद उसने जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई। महिला का कहना है कि डीएम के आदेश के बाद डॉक्टरों ने नाराजगी जताई और फिर 8 हजार रुपये लेकर ऑपरेशन किया।

चेकअप के दौरान दोबारा टूटी हड्डी

महिला का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने कुछ दिन बाद चेकअप के लिए बुलाया था। जब वह बेटी को लेकर अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर ने पैर की एक्सरसाइज कराने के नाम पर जबरन घुटना मोड़ दिया। इसी दौरान तेज आवाज आई और बच्ची दर्द से चीख उठी।

रेशमा का कहना है कि डॉक्टरों ने मामले को सामान्य बताकर उन्हें अस्पताल से भेज दिया, लेकिन घर पहुंचने के बाद बच्ची के पैर में तेज सूजन आ गई। बाद में निजी सेंटर पर कराए गए एक्स-रे में हड्डी दोबारा टूटने की बात सामने आई।

कलेक्ट्रेट पहुंची पीड़ित मां, जांच के आदेश

घटना के बाद महिला अपनी बेटी को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंची और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। उसने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही और अवैध वसूली की वजह से उसकी बेटी की हालत और खराब हो गई।

मामले पर मुजफ्फरनगर के सीएमओ सुनील तेवतिया ने कहा कि शिकायत गंभीर है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ का पक्ष भी लिया जाएगा। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ