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जलते गेस्ट हाउस के बाथरूम में एक-दूसरे को गले लगाए मिले पति-पत्नी के शव, दिल्ली अग्निकांड की दर्दनाक कहानी ने रुलाया


दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड में बाथरूम में गले लगे मिले पति-पत्नी के शव, हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत।

दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में एक पति-पत्नी की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया। आग और जहरीले धुएं से बचने के लिए दोनों बाथरूम में छिप गए थे, लेकिन दम घुटने से उनकी मौत हो गई। रेस्क्यू टीम जब अंदर पहुंची तो दोनों के शव एक-दूसरे को गले लगाए हुए मिले। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

बाथरूम में छिपकर बचाना चाहते थे जान, लेकिन धुएं ने ले ली जिंदगी

मालवीय नगर स्थित गेस्ट हाउस में आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी बिल्डिंग धुएं से भर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहली मंजिल पर मौजूद यह दंपति बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पाया। जान बचाने की उम्मीद में दोनों बाथरूम में घुस गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।

दमकल अधिकारियों के अनुसार, आग से ज्यादा खतरनाक जहरीला धुआं साबित हुआ। बंद बाथरूम में धुआं भरने लगा और दोनों बेहोश हो गए। जब राहत टीम दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो पत्नी टॉयलेट सीट पर और पति पास में कुर्सी पर मिला। दोनों के शरीर झुलस चुके थे, लेकिन दोनों एक-दूसरे को पकड़े हुए थे। यह दृश्य देखकर राहतकर्मी भी भावुक हो गए।

एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, आखिरी कॉल में बोला- “यहां आग लग गई है”

इस हादसे ने गुरुग्राम के रहने वाले विवेक अग्रवाल के पूरे परिवार को खत्म कर दिया। जानकारी के मुताबिक विवेक अपने पिता राधेश्याम अग्रवाल के इलाज के लिए दिल्ली आए थे। उनके पिता साकेत के एक अस्पताल में भर्ती थे, इसलिए परिवार अस्पताल के पास बने गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था।

परिवार में विवेक, उनकी पत्नी, मां, दो बेटियां और रिश्तेदार भी मौजूद थे। आग लगने के दौरान विवेक ने अपने रिश्तेदार को फोन कर सिर्फ इतना कहा कि “भाई, यहां आग लग गई है।” इसके बाद फोन कट गया और फिर संपर्क नहीं हो सका। कुछ घंटों बाद परिवार के आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई।

संकरे गलियारे और जहरीले धुएं ने बना दिया मौत का जाल

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक इमारत में वेंटिलेशन की भारी कमी थी। संकरे रास्तों और बंद गलियारों के कारण धुआं तेजी से फैल गया। कई लोग कमरे से बाहर निकलने से पहले ही बेहोश हो गए। बेसमेंट में फंसे लोगों को निकालने के लिए दमकलकर्मियों को लोहे के शटर और ग्रिल काटनी पड़ी।

दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के बाद बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और गेस्ट हाउस प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है।

दिल्ली के इस अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। बाथरूम में एक-दूसरे को गले लगाए मिले पति-पत्नी की तस्वीर अब इस हादसे की सबसे दर्दनाक याद बन गई है।

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