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PF खाताधारकों के लिए बड़ी राहत! EPFO 3.0 में 75% ही नहीं, इन हालात में निकाल सकेंगे पूरा पैसा



EPFO 3.0 में PF निकासी आसान हुई। 75% तत्काल निकासी के साथ विशेष परिस्थितियों में 100% PF निकालने की सुविधा जारी।

EPFO 3.0: पीएफ निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव, जानिए कब निकाल सकेंगे पूरी रकम

EPFO 3.0 को लेकर कर्मचारियों के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है। नए सिस्टम के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों को पीएफ निकासी की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान बनाने जा रहा है। नई व्यवस्था में खाताधारकों को अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत हिस्सा तेजी से निकालने की सुविधा मिलेगी। वहीं विशेष परिस्थितियों में पूरी 100 प्रतिशत राशि निकालने का विकल्प भी पहले की तरह उपलब्ध रहेगा। इस बदलाव का उद्देश्य दावों के निपटारे को आसान बनाना और अनावश्यक रिजेक्शन को कम करना है।

100% पीएफ निकासी की सुविधा खत्म नहीं हुई

EPFO की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि पूर्ण पीएफ निकासी की व्यवस्था जारी रहेगी। कई कर्मचारियों के बीच यह भ्रम था कि EPFO 3.0 लागू होने के बाद केवल 75 प्रतिशत राशि ही निकाली जा सकेगी, लेकिन ऐसा नहीं है। पात्र सदस्य विशेष परिस्थितियों में अपने खाते की पूरी जमा राशि निकाल सकते हैं। नए नियमों में प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि कर्मचारियों को अपने पैसे तक आसानी से पहुंच मिल सके।

किन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं पूरा PF?

मौजूदा नियमों के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में सदस्य अपने पीएफ खाते की पूरी रकम निकाल सकते हैं। यदि कोई कंपनी 15 दिनों से अधिक समय तक बंद रहती है और कर्मचारी को वेतन नहीं मिल रहा है, तो वह पूर्ण निकासी के लिए आवेदन कर सकता है। इसी तरह छंटनी या नौकरी से निकाले जाने के बाद यदि मामला अदालत में लंबित है, तब भी पात्र कर्मचारी पूरी राशि निकाल सकता है।

इसके अलावा यदि कोई संस्थान छह महीने से अधिक समय तक बंद है और कर्मचारी बेरोजगार हो चुका है, तो उसे भी पूर्ण निकासी की अनुमति मिल सकती है। गंभीर बीमारी की स्थिति में स्वयं या परिवार के सदस्य के इलाज के लिए भी खाते से पूरी पात्र राशि निकाली जा सकती है। पहले इन मामलों में विभिन्न प्रमाण पत्र और दस्तावेज जमा करने पड़ते थे।

नए नियम से क्या होगा फायदा?

EPFO 3.0 के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह माना जा रहा है कि कई विशेष श्रेणियों में निकासी के दौरान कारण बताने की अनिवार्यता को आसान बनाया गया है। पहले प्राकृतिक आपदा, महामारी, बेरोजगारी या कंपनी बंद होने जैसे कारणों का उल्लेख करना पड़ता था, जिसके चलते कई आवेदन तकनीकी कारणों से खारिज हो जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद दावों की प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में वित्तीय सहायता जल्दी मिल सकेगी। साथ ही पीएफ निकासी से जुड़े विवाद और आवेदन अस्वीकृत होने की घटनाएं भी कम हो सकती हैं।



साभार: TV9 Bharatvarsh

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