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Twisha Sharma Re-Postmortem: भोपाल AIIMS की मर्चुरी में शुरू हुआ ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम, मां बोलीं- “13 तारीख को आने वाले थे… उससे पहले सब खत्म हो गया”



भोपाल AIIMS में ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम शुरू, परिवार भावुक। नई फॉरेंसिक रिपोर्ट से बड़े खुलासों की उम्मीद।

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में रविवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब दिल्ली AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने भोपाल AIIMS में ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम शुरू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान और परिवार की लगातार उठती मांगों के बाद हो रहे इस री-पोस्टमार्टम पर पूरे देश की नजरें टिक गई हैं। AIIMS की मर्चुरी के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा, वहीं SIT की निगरानी में फॉरेंसिक विशेषज्ञों का पांच सदस्यीय पैनल मौत से जुड़े हर पहलू की वैज्ञानिक जांच में जुटा रहा। इस दौरान ट्विशा का परिवार भी AIIMS पहुंचा, जहां मां भावुक हो गईं और उन्होंने समर्थ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए।

दिल्ली AIIMS की हाई-लेवल टीम ने संभाली जांच, मर्चुरी के बाहर सुरक्षा कड़ी

भोपाल AIIMS में रविवार सुबह से ही हलचल तेज हो गई थी। जैसे ही दिल्ली AIIMS की फॉरेंसिक टीम अस्पताल परिसर पहुंची, पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सूत्रों के मुताबिक AIIMS फॉरेंसिक बोर्ड के चेयरमैन डॉ. मिलो की अगुवाई में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल पोस्टमार्टम प्रक्रिया को अंजाम दे रहा है। इस टीम में फॉरेंसिक मेडिसिन, मेडिकल लीगल जांच और वैज्ञानिक विश्लेषण से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।

बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम के दौरान हर छोटे-बड़े मेडिकल संकेत का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। पूरे री-पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न रहे। SIT की टीम लगातार डॉक्टरों के संपर्क में बनी हुई है और जांच से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट किया जा रहा है।

AIIMS की मर्चुरी के बाहर सुबह से मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। आम लोगों में भी इस केस को लेकर जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिली। कई लोग सिर्फ इस उम्मीद में अस्पताल के बाहर मौजूद रहे कि शायद आज इस हाई-प्रोफाइल केस से जुड़ा कोई बड़ा सच सामने आ जाए।

पहले पोस्टमार्टम पर उठे सवाल, अब दूसरी रिपोर्ट से बड़े खुलासों की उम्मीद

ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरा पोस्टमार्टम इसलिए सबसे अहम माना जा रहा है क्योंकि परिवार लगातार पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाता रहा है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और मौत की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच नहीं हुई।

परिवार का कहना है कि उन्हें शुरू से ही जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं था। यही वजह रही कि उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की। मामले ने जब राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां पकड़ीं और सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया, तब जाकर प्रशासन और जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नए मेडिकल तथ्य सामने आते हैं तो पूरे केस की दिशा बदल सकती है। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक साफ नहीं हो पाए हैं। मौत की वास्तविक वजह, घटना के समय की परिस्थितियां और कथित मानसिक दबाव जैसे पहलुओं पर अब नई फॉरेंसिक रिपोर्ट अहम भूमिका निभा सकती है।

बताया जा रहा है कि डॉक्टरों की टीम शरीर से जुड़े उन पहलुओं की भी दोबारा जांच कर रही है जिन्हें पहले स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड नहीं किया गया था। यही कारण है कि इस री-पोस्टमार्टम को सिर्फ मेडिकल प्रक्रिया नहीं बल्कि पूरे केस का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

AIIMS पहुंचा परिवार, मां बोलीं- “अजमेर जाना चाहती थी ट्विशा”

री-पोस्टमार्टम के दौरान ट्विशा शर्मा का पूरा परिवार भोपाल AIIMS पहुंचा। अस्पताल परिसर में ट्विशा के पिता, भाई, चाचा, भाभी और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। उनके साथ परिवार के वकील भी लगातार प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए थे।

इस दौरान सबसे भावुक पल तब आया जब ट्विशा की मां मीडिया से बात करते हुए रो पड़ीं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा अजमेर जाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन समर्थ सिंह ने उसे जाने से मना कर दिया था। मां ने कहा कि परिवार 13 तारीख को उससे मिलने आने वाला था, लेकिन उससे पहले ही सबकुछ खत्म हो गया।

ट्विशा के पिता और भाई ने कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है। उनका कहना है कि अदालत ने जिस गंभीरता से इस मामले को लिया, उससे उन्हें भरोसा हुआ कि अब सच सामने आ सकता है। परिवार ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ ट्विशा के लिए नहीं बल्कि उन सभी बेटियों के लिए है जिन्हें न्याय पाने के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है।

परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से परिवार लगातार मानसिक तनाव में है। लेकिन दूसरी पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू होने के बाद उन्हें लग रहा है कि अब जांच सही दिशा में आगे बढ़ सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया मामला

ट्विशा शर्मा मौत मामला अब सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं रह गया है। सुप्रीम Court के स्वतः संज्ञान लेने के बाद यह केस राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक इस केस को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि यह मामला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक बड़ी मिसाल बन सकता है, जहां परिवार शुरुआती जांच पर सवाल उठाता है और स्वतंत्र मेडिकल जांच की मांग करता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहली रिपोर्ट से अलग निष्कर्ष देती है, तो कई अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

इस बीच SIT टीम लगातार समर्थ सिंह और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि घटना से पहले और बाद में किन लोगों से संपर्क हुआ और क्या किसी तरह के दबाव या सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी।

अब पूरे देश की नजरें AIIMS की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस बहुचर्चित केस में कई बड़े सवालों के जवाब दे सकती है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद जांच एजेंसियां कई अहम फैसले ले सकती हैं और केस में नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

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