ग्वालियर में नवविवाहिता पलक रजक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, आखिरी कॉल में मां को बताया था ससुराल वालों का डर।
ग्वालियर में 21 वर्षीय नवविवाहिता पलक रजक की संदिग्ध मौत ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शादी के महज कुछ समय बाद ही पलक की मौत ऐसे हालात में हुई, जिसने एक बार फिर दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और रसूखदार ससुराल पक्ष पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौत से ठीक पहले पलक ने अपनी मां और पिता को फोन कर बताया था कि ससुराल वाले उससे झगड़ रहे हैं, उसे प्रताड़ित कर रहे हैं और उसके कमरे में “पंखा टांग रहे हैं।” इसके करीब 20 मिनट बाद परिवार को फोन आया कि पलक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अब परिवार इसे सुनियोजित हत्या बता रहा है और ब्रेजा कार की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ना का आरोप लगा रहा है। इस मामले ने भोपाल की ट्विशा शर्मा और ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर की संदिग्ध मौतों की याद फिर से ताजा कर दी है।
आखिरी कॉल में छलका था पलक का डर, मां से बोली- “ये लोग मुझे मार डालेंगे”
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के सुरैया पुरा इलाके में रहने वाली पलक रजक की शादी 14 अप्रैल 2025 को अमित रजक से हुई थी। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति से बढ़कर शादी में दहेज दिया था। परिजनों के अनुसार शादी के बाद शुरुआती कुछ दिन ठीक रहे, लेकिन धीरे-धीरे पलक के साथ मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई।
पलक की मां सीमा रजक ने बताया कि उनकी बेटी अक्सर फोन कर रोती थी। वह कहती थी कि ससुराल वाले उसे ताने देते हैं, खाना नहीं देते और लगातार कार की मांग कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि शादी में पहले ही लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं।
12 मई की रात पलक ने अपनी मां को फोन किया। फोन पर उसकी आवाज डरी हुई थी। उसने कहा, “मां, ये लोग मुझसे झगड़ रहे हैं और मेरे लिए पंखा टांग रहे हैं।” मां कुछ समझ पातीं, उससे पहले कॉल कट गया। परिवार के मुताबिक इसके बाद पलक ने अपने पिता मोहर सिंह को भी फोन किया और कहा कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
पिता ने आरोप लगाया कि पलक ने रोते हुए कहा था कि “पापा मुझे यहां से ले जाओ, ये लोग मुझे मार डालेंगे। तीन दिन से खाना नहीं खाया। कोई मुझसे बात नहीं करता।” पिता का कहना है कि बेटी की आवाज में इतना डर था कि उन्हें किसी बड़ी अनहोनी का अंदेशा हो गया था। लेकिन वह वहां पहुंच पाते, उससे पहले ससुराल पक्ष का फोन आ गया कि पलक ने फांसी लगा ली है।
ब्रेजा कार और सोने की मांग ने ली जान? परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
पलक रजक के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के समय उन्होंने करीब 2 लाख रुपये की कार, लाखों रुपये का फर्नीचर, नकद रकम और लगभग 10 तोला सोना दिया था। इसके बावजूद ससुराल वाले नई ब्रेजा कार और अतिरिक्त सोने की मांग कर रहे थे।
परिवार का कहना है कि हर बार मांग पूरी न होने पर पलक को पीटा जाता था। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और बार-बार कहा जाता था कि वह अपने मायके से और पैसे लेकर आए। पलक की मां का कहना है कि बेटी कई बार मायके आकर रोई थी, लेकिन हर बार समाज और रिश्ते टूटने के डर से उसे समझाकर वापस भेज दिया गया।
सीमा रजक ने कहा कि “अगर उन्हें हमारी बेटी पसंद नहीं थी, तो उसे वापस भेज देते। लेकिन उन्होंने उसे इतना परेशान किया कि आज वह जिंदा नहीं रही।”
परिजनों का आरोप है कि पलक का ससुर सरकारी कर्मचारी है और इसी रसूख के कारण पुलिस कार्रवाई में देरी हो रही है। पिता मोहर सिंह का कहना है कि जब भी वे बेटी के ससुराल जाकर बात करते थे, कुछ दिन मामला शांत रहता और फिर से प्रताड़ना शुरू हो जाती थी।
परिवार अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और ससुराल पक्ष की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते बेटी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद आज वह जिंदा होती।
ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर केस जैसा दिख रहा पैटर्न
पलक रजक की मौत के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर क्यों लगातार नवविवाहिताओं की संदिग्ध मौतें सामने आ रही हैं। भोपाल की ट्विशा शर्मा, ग्रेटर नोएडा की दीपिका नागर और अब ग्वालियर की पलक रजक। तीनों मामलों में कई समानताएं दिखाई दे रही हैं।
तीनों ही मामलों में मौत से पहले पीड़िताओं ने परिवार को फोन कर प्रताड़ना की बात बताई थी। तीनों मामलों में दहेज, हाई स्टैंडर्ड और महंगी गाड़ियों की मांग सामने आई। तीनों मामलों में ससुराल पक्ष प्रभावशाली या रसूखदार बताया जा रहा है। और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तीनों मौतें अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुईं।
ट्विशा शर्मा केस में जहां परिवार ने ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज मांगने का आरोप लगाया था, वहीं दीपिका नागर केस में भी फॉर्च्यूनर कार और लाखों रुपये की मांग की बात सामने आई थी। अब पलक रजक केस में ब्रेजा कार को लेकर प्रताड़ना का आरोप लगाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी लोग इन मामलों को जोड़कर देख रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों शादी के कुछ महीनों बाद ही बेटियां संदिग्ध हालात में मर रही हैं और हर बार मामला आत्महत्या बताकर खत्म करने की कोशिश की जाती है।
“संबंध टूटने के डर ने बेटी छीन ली”, मां का दर्द सुन कांप उठे लोग
पलक की मां सीमा का बयान सुनकर हर कोई भावुक हो गया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में आज भी माता-पिता यही सोचते हैं कि बेटी का घर बस जाए, चाहे वह कितनी भी तकलीफ में क्यों न हो। इसी सोच के कारण उन्होंने कानूनी कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि “हम डरते रहे कि अगर पुलिस में शिकायत कर दी तो बेटी का घर टूट जाएगा। रिश्ते खराब हो जाएंगे। लेकिन हमें क्या पता था कि हमारी चुप्पी ही बेटी की जान ले लेगी।”
परिवार के मुताबिक पलक कई बार मायके आने की जिद करती थी, लेकिन हर बार उसे समझाकर वापस भेज दिया जाता था। अब परिवार को यही पछतावा खाए जा रहा है कि अगर समय रहते बेटी को वापस बुला लिया होता, तो शायद आज वह जिंदा होती।
मोहल्ले के लोगों का कहना है कि शादी के बाद से पलक पहले जैसी खुश नहीं रहती थी। वह अक्सर चुप रहती थी और कम लोगों से बात करती थी। हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो चुका है।
पुलिस क्या कह रही है?
ग्वालियर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी अतुल कुमार सोनी के अनुसार 12 मई को सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। पलक को पहले मुरार अस्पताल ले जाया गया और बाद में बिरला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिवार द्वारा लगाए गए दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और स्त्रीधन रोकने जैसे आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और कॉल डिटेल्स, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे परिवार में नाराजगी है।
बढ़ते दहेज और घरेलू हिंसा के मामलों ने बढ़ाई चिंता
पलक रजक की मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के खिलाफ चल रही बहस को तेज कर दिया है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि आज भी कई परिवार शादी को एक आर्थिक सौदे की तरह देखते हैं। महंगी गाड़ियां, कैश और लग्जरी लाइफस्टाइल की मांगें बेटियों की जिंदगी पर भारी पड़ रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई लड़कियां परिवार और समाज के दबाव में अपनी पीड़ा छुपाती रहती हैं। उन्हें लगता है कि शिकायत करने से उनका घर टूट जाएगा या परिवार बदनाम हो जाएगा। इसी चुप्पी का फायदा प्रताड़ित करने वाले लोग उठाते हैं।
पलक रजक केस अब सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं रह गया है, बल्कि यह उन हजारों बेटियों की कहानी बनता जा रहा है जो शादी के बाद मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही हैं लेकिन खुलकर बोल नहीं पा रहीं।


0 टिप्पणियाँ
आपका विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, कृपया अपनी राय नीचे लिखें।