लखनऊ में शादी के 6 महीने बाद नवविवाहिता श्वेता सिंह की संदिग्ध मौत, परिवार ने दहेज हत्या का लगाया गंभीर आरोप।
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में नवविवाहिता श्वेता सिंह उर्फ बऊआ की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। महज 6 महीने पहले धूमधाम से हुई शादी के बाद अब श्वेता का शव फंदे से लटका मिला। मायके पक्ष ने पति, सास-ससुर समेत पूरे ससुराल परिवार पर 10 लाख रुपये नकद और एक महंगी कार की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
शादी के कुछ महीनों बाद ही बदल गया श्वेता का जीवन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली श्वेता सिंह की शादी 22 नवंबर 2025 को भूपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह के साथ हुई थी। परिवार के अनुसार शादी बेहद धूमधाम और सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई थी। लड़की पक्ष ने अपनी क्षमता के अनुसार दान-दहेज भी दिया था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही श्वेता के जीवन में परेशानियों का दौर शुरू हो गया।
मृतका के पिता उमेश सिंह ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। ससुराल पक्ष की तरफ से लगातार 10 लाख रुपये नकद और एक चार पहिया वाहन की मांग की जा रही थी। पिता का कहना है कि वह एक प्राइवेट नौकरी करते हैं और इतनी बड़ी रकम जुटा पाना उनके लिए संभव नहीं था। इसी वजह से उनकी बेटी को लगातार परेशान किया जाता रहा।
परिजनों का आरोप है कि श्वेता कई बार फोन पर रोते हुए अपनी पीड़ा बताती थी। वह कहती थी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो उसके साथ कुछ भी हो सकता है। परिवार ने उसे समझाने और हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते चले गए।
रात में आया फोन, ट्रॉमा सेंटर में मिली बेटी की लाश
घटना वाली रात श्वेता के पिता उमेश सिंह को अचानक फोन आया। कॉल करने वाले श्वेता के पति और ससुर थे। उन्हें बताया गया कि श्वेता की तबीयत खराब हो गई है। जब परिवार ससुराल पहुंचा तो वहां श्वेता मौजूद नहीं थी। बाद में पता चला कि उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है।
जब पिता ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी बेटी मृत अवस्था में पड़ी थी। पिता के अनुसार श्वेता के गले पर फंदे के निशान थे। इसके बाद परिवार ने सीधे तौर पर इसे हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि यदि यह आत्महत्या थी तो घटना के तुरंत बाद उन्हें सही जानकारी क्यों नहीं दी गई। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर शादी के सिर्फ 6 महीने के भीतर ऐसा क्या हुआ कि नवविवाहिता की मौत हो गई। परिवार इसे सुनियोजित हत्या बता रहा है।
‘मेरी बेटी को मार डाला गया’, पिता ने लगाई इंसाफ की गुहार
मृतका के पिता उमेश सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दामाद, सास, ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। पिता ने कहा कि उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और आखिरकार उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इंसाफ की मांग करते हुए कहा कि जिस तरह उनकी बेटी की जिंदगी छीनी गई है, उसी तरह दोषियों को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार का कहना है कि श्वेता बेहद खुशमिजाज लड़की थी और वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी।
परिवार के आरोपों के बाद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने पति, सास, ससुर, देवर और ननद के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है। पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि उसी के आधार पर मौत की असली वजह सामने आएगी।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सहायक पुलिस आयुक्त पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना के बाद इलाके में भी दहेज प्रताड़ना और नवविवाहिता की मौत को लेकर चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।


0 टिप्पणियाँ
आपका विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, कृपया अपनी राय नीचे लिखें।