लखनऊ में BJP युवा नेता शिवम सिंह की सिगरेट विवाद में बेरहमी से हत्या, दोस्तों पर भी उठे सवाल।

लखनऊ में भाजपा युवा मोर्चा के युवा नेता शिवम सिंह की बेरहमी से हत्या ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया है। मामूली सिगरेट विवाद इतना खूनी हो जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। अयोध्या से दोस्तों के साथ पार्टी करने पहुंचे शिवम सिंह पर पहले क्लब के बाहर हमला हुआ और फिर कुछ देर बाद बदमाशों ने उनका पीछा कर ईंट-पत्थरों से सिर कुचल दिया। खून से लथपथ हालत में सड़क पर पड़े शिवम को राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई, दोस्तों की भूमिका और क्लब के बाहर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जलवा क्लब के बाहर शुरू हुआ विवाद, सिगरेट को लेकर बढ़ा झगड़ा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विभूति खंड थाना क्षेत्र स्थित जलवा क्लब के बाहर सोमवार देर रात हुई यह वारदात अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है। अयोध्या जिले के रामनगर धौरहरा गांव निवासी और भाजपा युवा मोर्चा जिला कमेटी सदस्य शिवम सिंह अपने दोस्तों नीलेश मौर्य और जीशान के साथ लखनऊ घूमने और पार्टी करने पहुंचे थे।

बताया जा रहा है कि तीनों देर रात तक जलवा क्लब में मौजूद रहे। क्लब से बाहर निकलने के बाद सुबह करीब तीन बजे बाइक पर आए तीन युवकों ने शिवम सिंह से सिगरेट मांगी। पहली बार शिवम ने उन्हें सिगरेट दे दी, लेकिन जब दूसरी बार सिगरेट मांगी गई तो उन्होंने मना कर दिया।

इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और बाइक सवार युवकों ने शिवम सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया, जिसके बाद हमलावर वहां से भाग निकले।

घटना के बाद शिवम सिंह ने अपने परिचित आशीष को फोन कर पूरी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि आशीष ने उन्हें तुरंत वहां से निकलकर घर लौटने की सलाह दी थी। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि हमलावर दोबारा लौटकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देंगे।

कार रुकवाकर ईंट-पत्थरों से किया हमला, सड़क पर तड़पते रहे शिवम

पहले विवाद के बाद शिवम सिंह अपने दोस्तों के साथ वर्ना कार में बैठकर वहां से निकल गए। कार जैसे ही कठौता झील रोड स्थित एलपीएस स्कूल के पास पहुंची, तभी वही बाइक सवार युवक दोबारा सामने आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने कार पर ईंट और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। लगातार हो रहे हमले की वजह से कार रोकनी पड़ी। जैसे ही शिवम कार से बाहर निकले, हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और सिर पर ताबड़तोड़ ईंट-पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया।

हमले की क्रूरता इतनी ज्यादा थी कि शिवम का सिर बुरी तरह फट गया और वह सड़क पर खून से लथपथ होकर गिर पड़े। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शिवम के साथ मौजूद दोस्त और अन्य लोग उन्हें घायल हालत में छोड़कर वहां से भाग निकले। इसी बात को लेकर अब मृतक परिवार लगातार सवाल उठा रहा है।

करीब सुबह चार बजे एक राहगीर की नजर सड़क किनारे पड़े घायल युवक पर पड़ी। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शिवम सिंह को गंभीर हालत में डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें गोमती नगर स्थित केएनएस अस्पताल रेफर कर दिया गया।

दोस्तों पर उठे सवाल, परिवार ने जताई साजिश की आशंका

अस्पताल में भर्ती शिवम सिंह की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण 26 मई की रात करीब 12 बजे उनकी मौत हो गई।

शिवम सिंह की मौत के बाद परिवार का गुस्सा फूट पड़ा। छोटे भाई सौरभ सिंह ने आरोप लगाया कि पूरी घटना सामान्य झगड़ा नहीं बल्कि साजिश लग रही है। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने तीन यूनिट ब्लड की मांग की थी, लेकिन शिवम के दोस्त मदद करने के बजाय गायब हो गए।

परिवार का आरोप है कि घटना के समय कार में मौजूद लोगों और ड्राइवर की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्हें शक है कि कहीं न कहीं अंदरूनी जानकारी हमलावरों तक पहुंचाई गई थी।

मृतक के भतीजे आयुष सिंह ने बताया कि शिवम ने फोन पर अपने परिचित आशीष को बताया था कि कुछ लोग लगातार पीछा कर रहे हैं और गाड़ी पर पत्थर फेंक रहे हैं। लेकिन जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।

इस मामले में शिवम के दोस्त नीलेश मौर्य का बयान भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि 27 मई को वह थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि हमले के दौरान वह डर गया था, इसलिए वहां से भाग निकला।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, भाजपा नेताओं में नाराजगी

विभूति खंड थाना पुलिस ने पहले अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन शिवम सिंह की मौत के बाद मामले को हत्या में बदल दिया गया है।

इंस्पेक्टर अमर सिंह के मुताबिक पुलिस जलवा क्लब और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। हमलावरों की पहचान करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस क्लब में मौजूद लोगों और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है।

घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। भाजपा नेता अभिषेक प्रताप सिंह ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक सिर्फ पोस्टमॉर्टम और औपचारिकताएं पूरी की गई हैं, जबकि असली आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ में अगर भाजपा युवा नेता सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

लखनऊ में बढ़ते अपराधों पर फिर उठे सवाल

शिवम सिंह हत्याकांड ने एक बार फिर लखनऊ की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। राजधानी में लगातार हो रही हत्या, लूट और गैंगवार जैसी घटनाओं से लोगों में डर बढ़ता जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्लब और पब के बाहर देर रात सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर रहती है। कई बार शराब के नशे में विवाद होते हैं, लेकिन समय रहते पुलिस हस्तक्षेप नहीं करती।

इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि मामूली विवाद किस तरह कुछ ही मिनटों में खूनी संघर्ष में बदल सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

परिवार की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और घटना में शामिल सभी लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। शिवम सिंह की मौत के बाद उनके गांव और राजनीतिक समर्थकों में शोक और गुस्से का माहौल बना हुआ है।