जौनपुर में दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव एनकाउंटर में ढेर, SHO समेत पुलिसकर्मी घायल।
जौनपुर में दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश रवि यादव को पुलिस ने देर रात एनकाउंटर में मार गिराया। खेतासराय थाना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह घायल हो गए। दो कांस्टेबल भी गोली लगने से बाल-बाल बच गए क्योंकि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी। पुलिस लंबे समय से रवि यादव की तलाश कर रही थी और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जिलों समेत नेपाल बॉर्डर तक टीमें लगाई गई थीं। अब पुलिस इस सनसनीखेज दूल्हा हत्याकांड के बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
खेतासराय में देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़
रविवार देर रात जौनपुर पुलिस को सूचना मिली कि दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी रवि यादव खेतासराय थाना क्षेत्र के रानीमऊ मोड़ के आसपास देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम एक्टिव हो गई और इलाके में वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी गई। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे रोकने की कोशिश की गई।
पुलिस को देखते ही आरोपी रवि यादव ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाश की घेराबंदी कर दी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपी को कई बार सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन वह लगातार फायरिंग करता रहा।
मुठभेड़ के दौरान रवि यादव की गोली लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह के बाएं हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा दो कांस्टेबलों को भी गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से उनकी जान बच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से रवि यादव मौके पर ही ढेर हो गया।
घटना के बाद घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसएचओ केके सिंह की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
दूल्हा आजाद बिंद की हत्या से मचा था हड़कंप
यह पूरा मामला 1 मई की रात का है, जब 25 वर्षीय आजाद बिंद अपनी बारात लेकर जा रहा था। शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब रास्ते में बदमाशों ने उसे गोली मार दी। दूल्हे की हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
परिवार वालों का आरोप था कि आजाद बिंद को पहले से रंजिश के चलते निशाना बनाया गया। घटना के बाद बारात में शामिल लोग दहशत में आ गए थे और शादी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया था। इस हत्याकांड ने पूरे पूर्वांचल में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा खड़ा कर दिया था।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए सात लोगों को मुख्य आरोपी बनाया था। इनमें रवि यादव, प्रदीप बिंद और भोले राजभर प्रमुख थे। तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस को शक था कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे हैं और गिरफ्तारी से बचने के लिए दूसरे राज्यों में भी छिप सकते हैं।
नेपाल बॉर्डर तक फैला था पुलिस का ऑपरेशन
जौनपुर पुलिस के लिए यह केस प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका था। दूल्हे की हत्या के बाद लगातार प्रदर्शन हो रहे थे और पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ता जा रहा था। यही वजह थी कि पुलिस ने कई जिलों में स्पेशल टीमें बनाई थीं।
दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, सुल्तानपुर और नेपाल बॉर्डर तक पुलिस की टीमें सक्रिय थीं। पुलिस लगातार मोबाइल लोकेशन, मुखबिर नेटवर्क और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश कर रही थी। कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, रवि यादव लगातार पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल रहा था। वह कभी आजमगढ़ तो कभी दूसरे जिलों में छिपकर रह रहा था। पुलिस को उसकी गतिविधियों की लगातार जानकारी मिल रही थी, लेकिन हर बार वह गिरफ्तारी से बच निकलता था।
आखिरकार रविवार रात पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन मिल गई और खेतासराय इलाके में घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिस पर जानलेवा हमला किया।
भाई की हत्या के बाद बहन ने खोला मोर्चा
दूल्हा आजाद बिंद की हत्या के बाद उसकी बहन सौम्या बिंद लगातार इंसाफ की मांग को लेकर धरने और प्रदर्शन कर रही थी। वह कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिली और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
बिंद समाज के लोगों ने भी इस मामले में बड़ा आंदोलन किया था। कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शन की वजह से पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा था।
सौम्या बिंद का कहना था कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। परिवार लगातार आरोप लगा रहा था कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पा रही।
अब रवि यादव के एनकाउंटर के बाद परिवार को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अभी भी दो बड़े आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जौनपुर पुलिस के सामने अब बाकी फरार आरोपियों की चुनौती
रवि यादव के एनकाउंटर के बाद जौनपुर पुलिस ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुलिस अब प्रदीप बिंद और भोले राजभर समेत बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी चल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गैंग का सफाया कर दिया जाएगा।
इस एनकाउंटर के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी पक्ष की ओर से किसी तरह की प्रतिक्रिया हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है और इसे दूल्हा हत्याकांड में बड़ी सफलता बताया है।


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