बरेली में किडनैप हुए मासूम ऋषभ को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सकुशल बचाया, IPS अंशिका वर्मा की तस्वीर वायरल।
बरेली में 24 मई को किडनैप हुए मासूम ऋषभ को पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के बाद सकुशल बरामद कर लिया। पांच टीमों ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पूरे ऑपरेशन के बाद जब IPS अंशिका वर्मा ने डरे-सहमे बच्चे को अपनी गोद में उठाकर प्यार किया तो वह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। परिवार जहां बेटे को सुरक्षित देखकर भावुक हो उठा, वहीं पूरे जिले में पुलिस टीम की जमकर तारीफ हो रही है।
24 मई को अचानक गायब हुआ था मासूम ऋषभ
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला इलाके में रहने वाले अमन मंदिर में सफाई का काम करते हैं। 24 मई की शाम उनका छोटा बेटा ऋषभ घर के बाहर खेल रहा था। परिवार को लगा कि बच्चा आसपास ही होगा, लेकिन काफी देर तक खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। धीरे-धीरे पूरे परिवार की चिंता बढ़ने लगी। घरवालों ने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से संपर्क किया, लेकिन कहीं से भी बच्चे की जानकारी नहीं मिली।
कुछ देर बाद परिवार को फिरौती से जुड़ी जानकारी मिली तो पूरे मामले ने खौफनाक मोड़ ले लिया। परिवार को समझते देर नहीं लगी कि उनके मासूम बेटे का अपहरण हो चुका है। घर में चीख-पुकार मच गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोग भी परिवार को संभालने में जुट गए।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। बरेली पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लिया। SP साउथ IPS अंशिका वर्मा ने खुद पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाली। जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया और बच्चे की तलाश शुरू हो गई।
पुलिस ने तुरंत कई टीमें बनाईं। सर्विलांस टीम मोबाइल फोन और लोकेशन ट्रैक करने में जुट गई। दूसरी तरफ CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जाने लगी। पुलिस लगातार यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि आखिर बच्चे को कहां ले जाया गया है और आरोपी कौन हैं।
पुलिस की 5 टीमों ने रातभर चलाया ऑपरेशन
जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले। पुलिस की जांच धीरे-धीरे शाहजहांपुर और बदायूं जिले तक पहुंच गई। इसी दौरान दो संदिग्धों के नाम सामने आए। पहला आरोपी शाहजहांपुर का रहने वाला योगेश था, जिसने नर्सिंग की पढ़ाई की थी। दूसरा आरोपी बदायूं का रहने वाला पवन सिंह बताया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने पैसों के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया। उन्हें लगा था कि मासूम बच्चे का अपहरण कर मोटी फिरौती वसूल ली जाएगी और बाद में वह आसानी से फरार हो जाएंगे। लेकिन बरेली पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
27 मई की तड़के पुलिस को दोनों आरोपियों की लोकेशन मिल गई। इसके बाद पांच अलग-अलग टीमों ने घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस ने पूरे इलाके को चारों तरफ से कवर कर लिया ताकि आरोपी भाग न सकें।
जैसे ही पुलिस टीम आरोपियों के करीब पहुंची, दोनों घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद सबसे बड़ा सवाल था मासूम ऋषभ की सुरक्षा। पुलिस टीम तुरंत उस जगह पहुंची जहां बच्चे को रखा गया था। कई घंटों से डरा-सहमा बच्चा पुलिस को देखकर पहले घबराया, लेकिन जब उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया तो वहां मौजूद हर व्यक्ति ने राहत की सांस ली।
IPS अंशिका वर्मा की गोद वाली तस्वीर क्यों हो रही वायरल
पूरे ऑपरेशन के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने लोगों का दिल जीत लिया। IPS अंशिका वर्मा ने मासूम ऋषभ को अपनी गोद में उठाया और उसे प्यार से दुलार किया। तस्वीर में बच्चा बेहद शांत नजर आया जबकि पुलिस अधिकारियों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही थी।
सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से वायरल होने लगी। लोग IPS अंशिका वर्मा और पूरी पुलिस टीम की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे “मानवता की तस्वीर” बताया तो कुछ ने कहा कि पुलिस का ऐसा चेहरा कम ही देखने को मिलता है।
बच्चे के परिवार के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं था। परिवार वालों का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका बेटा इतनी जल्दी सुरक्षित वापस मिल जाएगा। जब ऋषभ घर पहुंचा तो मां ने उसे सीने से लगा लिया। वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
पूरे इलाके में इस घटना की चर्चा हो रही है। लोग लगातार पुलिस टीम की सराहना कर रहे हैं कि उन्होंने तेजी दिखाते हुए इतने कम समय में बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मासूम बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
बरेली पुलिस का यह ऑपरेशन अब पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है। एक तरफ मुठभेड़ में बदमाशों की गिरफ्तारी हुई, दूसरी तरफ मासूम ऋषभ की सुरक्षित वापसी ने लोगों को राहत दी। लेकिन सबसे ज्यादा जिस तस्वीर ने लोगों के दिल को छुआ, वह थी IPS अंशिका वर्मा की गोद में सुरक्षित बैठे मासूम ऋषभ की तस्वीर, जिसने पूरे मामले को एक भावुक अंत दे दिया।


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