गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या, जेल से छूटे बदमाश पर लगा सनसनीखेज आरोप।
गाजीपुर में शुक्रवार देर रात होटल कारोबारी आलोक राय के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडे और उसके साथियों ने होटल के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं।
होटल के बाहर बरसी गोलियां, मौके पर मची चीख-पुकार
जानकारी के अनुसार, विनीत राय शुक्रवार रात करीब 11 बजे अपने पिता के बिंदु होटल पहुंचे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फायरिंग इतनी तेजी से हुई कि आसपास के लोग संभल भी नहीं सके। विनीत राय को करीब पांच गोलियां लगीं, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद होटल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देर रात बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके की घेराबंदी की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है।
परिवार ने लगाया गैंगस्टर पर हत्या कराने का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडे ने दो साल पहले रंगदारी मांगी थी। आरोप है कि रंगदारी नहीं मिलने पर साल 2024 में होटल में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट की गई थी। उस मामले में कार्रवाई के बाद शंकर पांडे जेल गया था, लेकिन अगस्त 2025 में जमानत पर बाहर आने के बाद से लगातार धमकियां दी जा रही थीं।
परिवार का कहना है कि जेल में रहते हुए भी आरोपी अपने गैंग को संचालित करता रहा और बाहर आते ही उसने पुरानी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिलाया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर पहले मिली धमकियों को गंभीरता से न लेने का भी आरोप लगाया है।
सालभर पहले हुई थी शादी, दो महीने पहले बना था पिता
विनीत राय की हत्या के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। बताया जा रहा है कि उनकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी और दो महीने पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। घटना के बाद पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हत्याकांड की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और परिचित अस्पताल पहुंच गए। जिले के होटल कारोबारियों में भी इस घटना को लेकर गहरा डर और नाराजगी देखने को मिल रही है। व्यापारियों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण और एडीजी पीयूष मोर्डिया भी गाजीपुर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया।
कोतवाली प्रभारी लाइन हाजिर, पुलिस पर बढ़ा दबाव
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह गहमर थाना प्रभारी रहे प्रमोद सिंह को नया कोतवाल बनाया गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं इस हत्याकांड को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा है।


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