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कुछ ही मिनट में डूब गया पूरा क्रूज! बरगी डैम हादसे की खौफनाक सच्चाई—लाइफ जैकेट होते हुए भी कैसे गई 9 लोगों की जान?



जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे में 9 मौतें, 10 मिनट में डूबा जहाज, लाइफ जैकेट और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, जहां महज 10 मिनट के भीतर एक चलता-फिरता क्रूज मौत के मंजर में बदल गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल और कुछ अब भी लापता बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच और बचे यात्रियों के बयान से सामने आया है कि तेज हवा, ऊंची लहरें और यात्रियों की घबराहट ने मिलकर इस हादसे को और भयावह बना दिया। लाइफ जैकेट मौजूद होने के बावजूद उनका समय पर इस्तेमाल न होना भी इस त्रासदी की बड़ी वजह बनकर सामने आया है।

10 मिनट में कैसे बदला सैर का सफर मौत के जाल में

शाम करीब 6 बजे का समय था, जब बरगी डैम के शांत पानी में क्रूज अपनी सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। पर्यटक इस सफर का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक मौसम ने करवट बदली और तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हालात अचानक इतने बिगड़े कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला और महज 10 मिनट के भीतर पूरा क्रूज पलटकर पानी में समा गया।

लाइफ जैकेट बनी वजह या लापरवाही का खेल?

जांच में सामने आया कि क्रूज में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट मौजूद थीं, लेकिन यात्रियों ने शुरुआत में उन्हें नहीं पहना था। जैसे ही खतरे का एहसास हुआ, क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा। इसी दौरान अफरा-तफरी मच गई और सभी यात्री एक ही तरफ जैकेट लेने के लिए जुट गए। इस अचानक भार के असंतुलन ने क्रूज को एक तरफ झुका दिया, जिससे वह तेजी से डूबने लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआत से ही सुरक्षा नियमों का पालन किया जाता, तो शायद यह हादसा इतना बड़ा नहीं होता।

तैरना जानने वाले बचे, बाकी के लिए बना मौत का जाल

हादसे के दौरान जिन यात्रियों को तैरना आता था, वे किसी तरह अपनी जान बचाकर किनारे तक पहुंचने में सफल रहे। लेकिन जो लोग तैरना नहीं जानते थे, उनके लिए यह हादसा जानलेवा साबित हुआ। पानी में डूबते हुए कई लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन तेज हवाओं और लहरों के बीच बचाव कार्य तुरंत शुरू नहीं हो सका। यही कारण रहा कि मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया।

मां-बेटी की दर्दनाक कहानी ने सबको रुलाया

इस हादसे की सबसे दिल दहला देने वाली तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब करीब 12 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने एक मां और उसकी छोटी बेटी का शव बरामद किया। बताया गया कि हादसे के दौरान मां ने अपनी बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश की और उसे सीने से लगाकर रखा। जब शव बाहर निकाले गए, तब भी मां अपनी बेटी को कसकर पकड़े हुए थी। इस दृश्य ने रेस्क्यू टीम के जवानों तक को भावुक कर दिया।

कितने लोग थे सवार, आंकड़ों में उलझन

क्रूज में सवार यात्रियों की संख्या को लेकर शुरुआत में अलग-अलग आंकड़े सामने आए। हालांकि अब तक करीब 43 लोगों के सवार होने की पुष्टि हुई है। इनमें से 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 9 लोगों की मौत हो चुकी है और कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।

रेस्क्यू ऑपरेशन: चुनौती भरा अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए NDRF और सेना को भी बुलाया गया। सेना के गोताखोरों ने गहरे पानी में उतरकर क्रूज के हिस्सों को काटते हुए अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा और चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि पानी की गहराई और खराब मौसम ने राहत कार्य में बाधा डाली।

20 साल पुराना क्रूज, पहली बार हुआ ऐसा हादसा

बताया जा रहा है कि यह क्रूज मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा था और पिछले करीब 20 वर्षों से बरगी डैम में पर्यटकों को सैर करवा रहा था। इतने लंबे समय में इस तरह का कोई बड़ा हादसा सामने नहीं आया था, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन और सरकार की सक्रियता

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार भी पूरी तरह सक्रिय नजर आई। मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी मौके पर पहुंचे और रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी करते रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी लगातार हालात पर नजर बनाए रखी और अधिकारियों से अपडेट लेते रहे।

मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान

सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। साथ ही घायलों के इलाज की जिम्मेदारी भी सरकार ने अपने ऊपर ली है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस हादसे की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

हादसे के बाद उठे बड़े सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। क्या क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को पहले से लाइफ जैकेट पहनने के लिए नहीं कहा था, या फिर यात्रियों ने खुद लापरवाही बरती? क्या मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज किया गया? इन सभी सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल बरगी डैम का यह हादसा एक बड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी किस तरह कई जिंदगियों को लील सकती है

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