चलती कार में जिंदा जल गई पत्नी, ऑपरेशन के बाद लौट रहे थे घर… लॉक हो गए दरवाजे और बन गई मौत की कैद



बदायूं में चलती कार में लगी आग से महिला जिंदा जली, पति गंभीर झुलसा। ऑपरेशन के बाद लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा


बदायूं में दर्दनाक हादसा, खुशियों से लौट रहा सफर बना मौत का मंजर

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक दंपति जो इलाज के बाद घर लौट रहा था, उसे क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। देर रात उसावां-उसहैत मार्ग पर रौता गांव के पास चलती कार अचानक आग का गोला बन गई और कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो गया।

यह हादसा इतना भयावह था कि कार के अंदर बैठी महिला जिंदा जल गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने जो देखा, वह किसी खौफनाक फिल्म के दृश्य से कम नहीं था। सड़क पर दौड़ती कार अचानक आग की लपटों में घिर गई और देखते ही देखते पूरी गाड़ी जलकर राख हो गई।

ऑपरेशन के बाद घर लौट रही थी महिला, खुशियां बदलीं मातम में

मिली जानकारी के अनुसार, अर्पित भारद्वाज नाम के व्यक्ति सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कादरचौक में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। उनकी शादी करीब ढाई साल पहले प्रिया से हुई थी। दोनों की जिंदगी सामान्य और खुशहाल चल रही थी।

हाल ही में प्रिया को पथरी की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उन्हें लखीमपुर खीरी ले जाया गया था। ऑपरेशन सफल होने के बाद दंपति राहत की सांस लेकर अपने घर उसहैत लौट रहे थे। परिवार में खुशी का माहौल था कि इलाज सफल हो गया है और अब सब ठीक हो जाएगा।

लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही उनकी कार बदायूं के रौता गांव के पास पहुंची, अचानक कार में आग लग गई और पूरा घटनाक्रम कुछ ही मिनटों में बदल गया।

चलती कार बनी आग का गोला, लॉक हो गए दरवाजे

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार अचानक धुआं छोड़ने लगी और देखते ही देखते उसमें आग भड़क उठी। इससे पहले कि अर्पित और प्रिया कुछ समझ पाते, आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।

सबसे भयावह बात यह रही कि कार के दरवाजे लॉक हो गए थे। आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं और अंदर बैठी प्रिया बाहर निकलने की कोशिश करती रह गईं। लेकिन दरवाजे न खुलने के कारण वह कार के अंदर ही फंस गईं।

कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेज हो गई कि कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। प्रिया की चीखें दूर तक सुनाई दे रही थीं, लेकिन कोई भी उन्हें बचा नहीं सका। वह जिंदा जल गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

पति ने किसी तरह बचाई जान, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

कार में मौजूद अर्पित भारद्वाज ने किसी तरह खुद को बाहर निकालने की कोशिश की। आग की लपटों से घिरे होने के बावजूद उन्होंने जान बचाने की जद्दोजहद जारी रखी।

स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए उन्हें कार से बाहर निकाला। उस वक्त उनकी हालत बेहद गंभीर थी और शरीर का बड़ा हिस्सा जल चुका था। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

डॉक्टरों के अनुसार, अर्पित की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें गहन चिकित्सा में रखा गया है।

मौके पर पहुंची पुलिस, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। अंदर से महिला का जला हुआ शव बरामद किया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है।

तकनीकी खराबी बनी मौत की वजह, जांच जारी

प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि कार में आग लगने का कारण तकनीकी खराबी हो सकता है। हालांकि, पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इतनी तेजी से आग कैसे फैल गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि कार में शॉर्ट सर्किट, फ्यूल लीक या इंजन की किसी खराबी के कारण इस तरह की घटना हो सकती है। कई बार ऐसी स्थिति में कार के लॉक सिस्टम भी फेल हो जाते हैं, जिससे अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल पाते।

परिवार में मचा कोहराम, खुशियों का घर बना शोक का घर

इस हादसे के बाद अर्पित और प्रिया के परिवार में कोहराम मच गया है। जिस घर में कुछ घंटों पहले खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

परिवार के लोग इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। एक तरफ जहां प्रिया की दर्दनाक मौत ने सभी को तोड़ दिया है, वहीं अर्पित की हालत को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

गांव और आसपास के इलाके में इस घटना की चर्चा हर तरफ हो रही है। लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं और इसे बेहद दुखद और भयावह बता रहे हैं।

सड़क हादसों में बढ़ती घटनाएं और सुरक्षा पर सवाल

यह घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और वाहन की तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े करती है। अक्सर देखा जाता है कि छोटी-सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है।

कार में अचानक आग लगना कोई नई घटना नहीं है, लेकिन इस तरह का हादसा जहां किसी की जान चली जाए, वह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन की नियमित जांच और मेंटेनेंस बेहद जरूरी है। साथ ही, इमरजेंसी स्थिति में बाहर निकलने के उपायों की जानकारी होना भी जीवन बचा सकता है।

एक पल में खत्म हो गई पूरी जिंदगी

बदायूं की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने एक खुशहाल परिवार को बिखेर कर रख दिया।

जिस सफर की शुरुआत इलाज के बाद राहत और खुशी के साथ हुई थी, वह कुछ ही मिनटों में दर्द और मौत में बदल गया।

यह हादसा उन तमाम लोगों के लिए एक चेतावनी भी है जो वाहन की छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। कभी-कभी यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

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