Monalisa Pregnancy Mystery: वायरल गर्ल की प्रेग्नेंसी से मचा बवाल, नाबालिग होने का दावा, फरमान पर POCSO केस और पुलिस लौटी खाली हाथ



वायरल गर्ल मोनालिसा की प्रेग्नेंसी का दावा, उम्र विवाद के बीच फरमान पर POCSO केस, कोच्चि पहुंची पुलिस खाली हाथ लौटी

कुंभ से वायरल हुई मोनालिसा अब कानूनी विवाद के केंद्र में

प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा में आई मोनालिसा भोंसले अब एक गंभीर कानूनी विवाद का हिस्सा बन चुकी है। पहले जहां उसकी तस्वीरों ने इंटरनेट पर सनसनी मचाई थी, वहीं अब उसका नाम प्रेग्नेंसी, नाबालिग होने के आरोप और अंतरराज्यीय पुलिस कार्रवाई जैसे संवेदनशील मुद्दों से जुड़ गया है। इस पूरे मामले में उसके पति मोहम्मद फरमान का भी नाम सामने आया है, जिन पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

कोच्चि पहुंची MP पुलिस को नहीं मिली सफलता

मध्य प्रदेश के महेश्वर से निकली पुलिस की एक टीम मोनालिसा और फरमान को हिरासत में लेने के लिए केरल के कोच्चि पहुंची थी। इस टीम में एक महिला सब-इंस्पेक्टर सहित कुल पांच सदस्य शामिल थे। हालांकि, काफी कोशिशों के बावजूद पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी और उन्हें बिना किसी गिरफ्तारी के वापस लौटना पड़ा।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी अड़चन तब आई जब फरमान ने दावा किया कि मोनालिसा गर्भवती है और वह इस हालत में यात्रा करने या पुलिस के सामने पेश होने की स्थिति में नहीं है। इस दावे ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया और पुलिस को मानवीय और कानूनी आधार पर पीछे हटना पड़ा।

प्रेग्नेंसी का दावा बना जांच का नया केंद्र

फरमान द्वारा किया गया यह दावा कि मोनालिसा गर्भवती है, अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा मोड़ बन चुका है। पुलिस इस दावे की सच्चाई को लेकर जांच कर रही है। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो इससे कानूनी प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि गर्भवती महिला के मामले में कार्रवाई के दौरान विशेष प्रावधान लागू होते हैं।

वहीं दूसरी ओर, इस दावे को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या यह पुलिस कार्रवाई से बचने की रणनीति है या वास्तव में मोनालिसा गर्भवती है।

उम्र को लेकर विवाद ने बढ़ाई मुश्किलें

इस पूरे मामले की जड़ में मोनालिसा की उम्र को लेकर विवाद है। लड़की के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया है कि उसकी बेटी की उम्र महज 16 साल है। इस शिकायत के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में भी मोनालिसा को नाबालिग बताया गया, जिससे मामला और पेचीदा हो गया। इसी आधार पर पुलिस ने मोहम्मद फरमान के खिलाफ POCSO एक्ट, अपहरण और SC/ST अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

मोनालिसा का दावा- बालिग हूं, अपनी मर्जी से की शादी

जहां एक ओर परिवार और जांच एजेंसियां उसे नाबालिग बता रही हैं, वहीं मोनालिसा ने खुद को बालिग बताया है। उसका कहना है कि वह 18 साल की हो चुकी है और उसने अपनी इच्छा से 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में फरमान से शादी की है।

मोनालिसा के इस बयान ने मामले को और उलझा दिया है, क्योंकि अब यह केवल आपराधिक मामला नहीं रह गया, बल्कि सहमति और उम्र के प्रमाण का भी विवाद बन गया है।

केरल हाई कोर्ट से फरमान को मिली बड़ी राहत

मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई के बीच केरल हाई कोर्ट ने मोहम्मद फरमान को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर 20 मई तक रोक लगा दी है।

इस आदेश के बाद पुलिस के पास तत्काल कार्रवाई का विकल्प सीमित हो गया, जिसके चलते कोच्चि पहुंची टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। अदालत के इस फैसले ने मामले को फिलहाल ठहराव की स्थिति में ला दिया है, लेकिन जांच अभी जारी है।

सुरक्षा की गुहार, जबरन ले जाने का आरोप

जैसे ही पुलिस कोच्चि पहुंची, मोनालिसा ने केरल के मुख्यमंत्री और कोच्चि पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा की मांग की। उसने आरोप लगाया कि उसे जबरन मध्य प्रदेश ले जाने की कोशिश की जा सकती है।

मोनालिसा का कहना है कि वह अपने पति के साथ केरल में सुरक्षित है और उसे किसी तरह का खतरा महसूस हो रहा है। इस पत्र ने मामले में एक नया आयाम जोड़ दिया है, जिसमें अब सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा भी शामिल हो गया है।

फरमान के दोस्त जोशुआ की तलाश जारी

इस पूरे मामले में एक और नाम सामने आया है, जोशुआ। पुलिस का आरोप है कि जोशुआ ने इस जोड़े को केरल में छिपने, रहने और शादी करने में मदद की है।

फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है, लेकिन वह अभी तक गिरफ्त से बाहर है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी।

आगे क्या होगा, इस पर टिकी सबकी नजर

मोनालिसा और फरमान का मामला अब कई स्तरों पर उलझ चुका है। एक तरफ प्रेग्नेंसी का दावा है, दूसरी ओर नाबालिग होने का आरोप, वहीं अदालत की रोक और सुरक्षा की मांग ने इसे और जटिल बना दिया है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और अदालत इस पूरे मामले में आगे क्या रुख अपनाती है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी बड़े खुलासे कर सकता है, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे।

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