मथुरा यमुना नाव हादसा, स्टीमर पलटने से 10 की मौत, कई लापता, वायरल वीडियो में दिखी चीख-पुकार और रेस्क्यू ऑपरेशन
यमुना में चीख-पुकार और मौत का मंजर
उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार को यमुना नदी के शांत जल ने अचानक भयावह रूप ले लिया, जब श्रद्धालुओं से भरी एक स्टीमर अचानक हादसे का शिकार हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही स्टीमर पलट गई और दर्जनों लोग पानी में डूबने लगे। नदी के बीचों-बीच मची चीख-पुकार और जान बचाने की जद्दोजहद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
बताया जा रहा है कि यह श्रद्धालु समूह लुधियाना और पंजाब के अन्य इलाकों से दर्शन के लिए वृंदावन आया था। सभी लोग धार्मिक यात्रा पर थे और यमुना में नौका विहार कर रहे थे, तभी यह बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद नदी का दृश्य किसी आपदा से कम नहीं था, जहां लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे और अपनी जान बचाने के लिए हाथ-पैर मार रहे थे।
कैसे हुआ हादसा, क्या है पूरा घटनाक्रम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह हादसा केशी घाट के पास हुआ, जहां स्टीमर गहरे पानी में जाने के बाद एक तैरते हुए पोंटून से टकरा गई। यह पोंटून असल में पीपा पुल का हिस्सा था, जिससे टकराने के बाद स्टीमर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।
हादसे के वक्त स्टीमर में कुल 37 श्रद्धालु सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्टीमर कुछ ही सेकंड में पानी में उलट गई और लोग उसमें फंसकर डूबने लगे। कई लोग तो सीधे नदी में गिर गए, जबकि कुछ स्टीमर के नीचे दब गए होने की आशंका जताई गई थी।
वायरल वीडियो में कैद हुई भयावह सच्चाई
इस हादसे का जो वीडियो सामने आया है, वह किसी को भी अंदर तक हिला देने वाला है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे लोग पानी में डूबते हुए बचने के लिए छटपटा रहे हैं। कुछ लोग एक-दूसरे को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ पूरी तरह से पानी में समा जाते हैं।
वीडियो में मौजूद चीखें और मदद की गुहार इस हादसे की भयावहता को बयां करती हैं। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में डर और गुस्सा दोनों पैदा कर रहा है।
10 की मौत, कई घायल और लापता
मथुरा जिला प्रशासन के मुताबिक इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 8 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं 5 श्रद्धालु अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
करीब 14 श्रद्धालु ऐसे हैं जो इस हादसे में सुरक्षित बच गए। हालांकि हादसे के बाद सभी लोग सदमे में हैं और घटनास्थल पर मातम पसरा हुआ है।
10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बाहर निकाली गई स्टीमर
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंच गई। करीब 10 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद स्टीमर को यमुना नदी से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि स्टीमर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।
रेस्क्यू टीमों ने गोताखोरों की मदद से नदी में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अभी भी लापता लोगों की तलाश जारी है।
पंजाब प्रशासन भी हरकत में, हेल्पलाइन जारी
घटना की जानकारी मिलते ही लुधियाना जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
उन्होंने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वृंदावन प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। पीड़ित परिवारों की मदद के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि किसी को भी जानकारी प्राप्त करने में परेशानी न हो।
मथुरा प्रशासन ने भी जारी किए जरूरी नंबर
मथुरा जिला प्रशासन ने भी हादसे के बाद तुरंत हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए लोग जारी किए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि राहत कार्यों में किसी भी तरह की देरी न हो और पीड़ितों को तुरंत मदद मिल सके।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे पर नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
इसके साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि वह घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं और इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था बनी हादसे की वजह?
यह हादसा एक बार फिर से धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हर साल लाखों श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़ा कर देती हैं।
फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक घटना को भूल नहीं पा रहे हैं। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।


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