मंदसौर में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या कर शव के टुकड़े कर खेत में दफनाया, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
रिश्तों का खून और खौफनाक साजिश की शुरुआत
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से सामने आई यह घटना रिश्तों के विश्वास को झकझोर देने वाली है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेम संबंध को बचाने के लिए अपने ही पति की जान ले ली। यह मामला भानपुरा थाना क्षेत्र के दुधाखेड़ी गांव का है, जहां रहने वाले धनराज नाथ की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। शुरुआत में यह मामला एक साधारण गुमशुदगी जैसा दिख रहा था, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलती गईं, एक खौफनाक साजिश का खुलासा होता गया।
धनराज नाथ अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन घर के भीतर चल रही एक गुप्त कहानी ने इस परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। उसकी पत्नी धापूबाई का गांव के ही पंकज चौधरी के साथ लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। यह रिश्ता धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि उसने वैवाहिक संबंधों को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।
अवैध संबंध बना मौत की वजह
धनराज को जब अपनी पत्नी के इस संबंध के बारे में पता चला तो घर में आए दिन विवाद होने लगे। वह अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन धापूबाई अपने प्रेमी के मोह में इस कदर डूब चुकी थी कि उसे अपने पति का अस्तित्व ही बोझ लगने लगा।
इन झगड़ों ने धीरे-धीरे एक खतरनाक रूप ले लिया। धापूबाई और पंकज ने मिलकर यह फैसला किया कि अगर उन्हें अपने रिश्ते को खुलकर जीना है तो धनराज को रास्ते से हटाना होगा। यहीं से एक खौफनाक साजिश की नींव रखी गई, जिसमें एक पत्नी ने अपने ही पति की हत्या का प्लान बना लिया।
10 अप्रैल की रात: जब रची गई खून की कहानी
घटना की रात, यानी 10 अप्रैल को, पहले से तैयार योजना के तहत धनराज को निशाना बनाया गया। जैसे ही मौका मिला, दोनों आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि सब्बल और तलवार जैसे हथियारों से उस पर ताबड़तोड़ वार किए गए।
हमले की क्रूरता इतनी अधिक थी कि धनराज को बचने का कोई मौका नहीं मिला। जब तक उसकी सांसें पूरी तरह थम नहीं गईं, तब तक आरोपियों ने हमला जारी रखा। यह केवल एक हत्या नहीं थी, बल्कि एक ऐसी बर्बरता थी जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
हत्या के बाद हैवानियत की हदें पार
हत्या के बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए ऐसी हरकत की, जिसे सुनकर कोई भी सिहर उठे। सबसे पहले शव को जलाने की कोशिश की गई ताकि पहचान मिटाई जा सके।
इसके बाद शव के कई टुकड़े किए गए। यह कदम पूरी तरह सोच-समझकर उठाया गया था ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके और अपराध का कोई सुराग न मिल सके।
JCB से खेत में दफनाए गए शव के टुकड़े
आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए एक और खौफनाक तरीका अपनाया। उन्होंने JCB मशीन बुलवाई और खेत में गहरा गड्ढा खुदवाया। इसके बाद शव के टुकड़ों को उस गड्ढे में दफना दिया गया।
इस पूरी प्रक्रिया को इस तरह अंजाम दिया गया कि किसी को भनक तक न लगे। आरोपियों को लगा कि उन्होंने अपने अपराध के सारे सबूत मिटा दिए हैं और अब कोई भी उन तक नहीं पहुंच पाएगा।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से शुरू हुआ खेल
हत्या के बाद खुद को बचाने के लिए धापूबाई ने एक चालाकी भरा कदम उठाया। उसने खुद थाने जाकर अपने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
यह कदम पुलिस को गुमराह करने के लिए उठाया गया था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। शुरुआत में पुलिस भी इसे एक सामान्य मामला मान रही थी, लेकिन परिवार के अंदर उठ रहे संदेह ने जांच की दिशा बदल दी।
बच्चों ने खोला मां का राज
इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका मृतक के बच्चों ने निभाई। उन्हें अपनी मां और पंकज के व्यवहार पर पहले से ही शक था।
उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पिता को आखिरी बार पंकज के साथ देखा गया था और इसके बाद वह अचानक गायब हो गए। बच्चों की इस जानकारी ने पुलिस को जांच का एक नया रास्ता दिखाया।
CCTV और तकनीकी साक्ष्य बने कड़ी
पुलिस ने जब मामले की गंभीरता को समझा तो तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की जांच शुरू की। धीरे-धीरे सारी कड़ियां जुड़ने लगीं और शक पंकज चौधरी पर गहराता गया।
इसके बाद पुलिस ने पंकज को हिरासत में लिया और उससे सख्ती से पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आया सनसनीखेज सच
पुलिस की पूछताछ के दौरान पंकज ज्यादा देर तक सच छुपा नहीं सका और उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। उसने बताया कि कैसे उसने और धापूबाई ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
पंकज की निशानदेही पर पुलिस ने उस खेत की खुदाई करवाई, जहां शव को दफनाया गया था। खुदाई के दौरान जब क्षत-विक्षत शव के टुकड़े बरामद हुए, तो पूरा इलाका सन्न रह गया।
मंदसौर के पुलिस अधीक्षक विनोद मीना ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में यह गुमशुदगी का मामला था, लेकिन जांच के दौरान सच्चाई सामने आई।
पुलिस के अनुसार, हत्या गला घोंटकर की गई थी और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने और दफनाने की कोशिश की गई। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल हथियारों की तलाश की जा रही है।


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