महिला सशक्तिकरण विधेयक लोकसभा में पास न होने पर भाजपा नेता सर्वप्रिय त्यागी ने विपक्ष पर साधा निशाना, उठाए गंभीर सवाल
विश्व मीडिया डेस्क
लोकसभा में विधेयक पारित न होने पर प्रतिक्रिया
गुरुग्राम, दिनांक 18 अप्रैल 2026, लोकसभा में गत दिवस 17 अप्रैल को 131वां संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक 2026 एवं केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में बहुमत के अभाव में पारित न हो सका। इस विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। दो-तिहाई बहुमत (विशेष बहुमत) न मिलने के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। इस पर भाजपा गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने गहरी निराशा व्यक्त करते हुए विपक्षी दलों, विशेषकर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की कड़ी आलोचना की है।
विधेयकों का उद्देश्य और महत्व
भाजपा गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि इन तीनों महत्वपूर्ण विधेयकों का मूल उद्देश्य लोकसभा, राज्य विधानसभाओं तथा केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी को 33 प्रतिशत तक सुनिश्चित करना तथा परिसीमन के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को और अधिक संतुलित एवं प्रभावी बनाना था। यह कदम देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक प्रयास था।
विपक्ष पर आरोप और राजनीतिक टिप्पणी
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने संकीर्ण राजनीतिक सोच एवं स्वार्थपूर्ण राजनीति के चलते इन जनहितकारी विधेयकों का समर्थन नहीं किया जिससे महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिलने का एक महत्वपूर्ण अवसर बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह केवल विधेयकों का विरोध नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं-बहनों की आकांक्षाओं का भी अनादर है।
केंद्र सरकार के प्रयासों का उल्लेख
सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु ठोस एवं ऐतिहासिक निर्णय ले रही है लेकिन विपक्ष ने एक बार फिर नकारात्मक राजनीति का परिचय देते हुए राष्ट्रहित के ऊपर अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी है।
भविष्य की रणनीति
भाजपा गुरुग्राम जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश की जनता अब यह भली-भांति समझ चुकी है कि कौन सी ताकतें महिला सशक्तिकरण के पक्ष में हैं और कौन सी इसके मार्ग में बाधा बन रही हैं। आने वाले समय में जनता इस मानसिकता का उचित जवाब देगी। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा संगठन इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगा और महिलाओं के अधिकारों एवं सम्मान के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में इन विधेयकों को पारित कराकर महिलाओं को उनका अधिकार अवश्य दिलाया जाएगा।


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