कानपुर में ‘कलयुगी पिता’ का खूनी खेल: जुड़वा बेटियों का गला 4 इंच तक रेता, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली रूह कंपा देने वाली सच्चाई



कानपुर में पिता ने जुड़वा बेटियों की बेरहमी से हत्या की, पोस्टमार्टम में 4 इंच गहरे घाव का खुलासा, सनसनीखेज मामला


खौफनाक वारदात ने दहला दिया कानपुर

उत्तर प्रदेश के कानपुर के किदवई नगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में घटी इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक पिता, जिसे अपनी बेटियों का रक्षक होना चाहिए था, वही उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया। 11 वर्षीय जुड़वा बहनों रिद्धि और सिद्धि की जिस तरह से निर्मम हत्या की गई, उसने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई और हर कोई यही सोचने पर मजबूर है कि आखिर एक पिता इतना निर्दयी कैसे हो सकता है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई खौफनाक सच्चाई

इस दोहरे हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। तीन डॉक्टरों की पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में पाया गया कि दोनों बच्चियों की श्वास नली पूरी तरह काट दी गई थी। उनकी गर्दन पर 3 से 4 इंच तक गहरे घाव थे, जो यह दर्शाते हैं कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह के घाव के बाद किसी भी इंसान के बचने की कोई संभावना नहीं होती। यह रिपोर्ट इस बात का साफ संकेत देती है कि आरोपी पिता ने पूरी योजना के साथ इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।

हत्या से पहले बेहोश करने की आशंका, बिसरा सुरक्षित

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि हत्या से पहले बच्चियों को बेहोश करने के लिए उनके खाने में कोई नशीला पदार्थ मिलाया गया हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। डॉक्टरों ने इस संबंध में बिसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसकी फॉरेंसिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। अगर यह बात सही साबित होती है, तो यह मामला और भी ज्यादा भयावह हो जाएगा क्योंकि इसका मतलब होगा कि पिता ने पूरी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया।

एक ही घर में हत्या, मां को भनक तक नहीं

इस पूरे मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस समय पिता अपनी बेटियों की हत्या कर रहा था, उसी समय मां घर के दूसरे कमरे में मौजूद थी, लेकिन उसे इस घटना की भनक तक नहीं लगी। यह तथ्य इस बात को और भी रहस्यमय बनाता है कि आखिर इतनी बड़ी वारदात चुपचाप कैसे हो गई। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले से ही ऐसा कोई इंतजाम किया था जिससे किसी को आवाज न सुनाई दे।

बेरोजगारी और अवसाद ने बनाया हैवान

पुलिस जांच में आरोपी पिता शशि रंजन मिश्रा की पृष्ठभूमि भी सामने आई है। वह पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर काम करता था, लेकिन नौकरी छोड़कर खुद का व्यवसाय शुरू करने की कोशिश में असफल रहा। आर्थिक तंगी और लगातार असफलताओं ने उसे मानसिक अवसाद में धकेल दिया। इसी बीच उसे शराब की लत भी लग गई, जिसने उसकी मानसिक स्थिति को और खराब कर दिया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा था।

आरोपी का कबूलनामा: पहले दवा, फिर गला दबाया, अंत में चापड़ से वार

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि पहले उसने अपनी बेटियों के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं, ताकि वे बेहोश हो जाएं। इसके बाद उसने उनका गला दबाया, लेकिन जब इससे भी उसकी क्रूरता शांत नहीं हुई, तो उसने बाजार से खरीदे गए चापड़ से उनका गला रेत दिया। यह बयान सुनकर पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए।

मां की मांग: ‘फांसी ही चाहिए इंसाफ’

इस दर्दनाक घटना के बाद बच्चियों की मां रेशमा पूरी तरह टूट चुकी हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए। उनका कहना है कि जब आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, तो उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, यही उनकी बेटियों के लिए सच्चा इंसाफ होगा और तभी उनके दिल को कुछ सुकून मिल सकेगा।

पुलिस जांच जारी, कई पहलुओं पर हो रही पड़ताल

फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और बिसरा जांच के बाद कई और खुलासे होने की संभावना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इस घटना को अंजाम देने के लिए कितनी पहले से योजना बनाई थी। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।

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