5 राज्यों के एग्जिट पोल में बंगाल में BJP, तमिलनाडु में TVK और केरल में UDF की बढ़त के दावे, जानें किसने माने नतीजे
देश के पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान खत्म होने के बाद सामने आए एग्जिट पोल ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जहां पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने का दावा किया जा रहा है, वहीं तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी TVK को लेकर चौंकाने वाले अनुमान सामने आए हैं, केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF की वापसी की बात कही जा रही है, जबकि असम और पुड्डुचेरी में सत्ताधारी गठबंधन के दोबारा सत्ता में लौटने के संकेत मिले हैं, हालांकि इन दावों को लेकर कई राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं और 4 मई के नतीजों का इंतजार करने की बात कही है
बंगाल में बीजेपी की एंट्री के दावे से बढ़ा सियासी तापमान
पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल ने सबसे ज्यादा चौंकाया है, जहां ज्यादातर सर्वे एजेंसियों ने भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिलने का दावा किया है, कई एजेंसियों के अनुसार बीजेपी पहली बार राज्य की सत्ता पर काबिज हो सकती है, चाणक्य, मैट्राइज, पी-मार्क, प्रजा पोल और पोल डायरी जैसे सर्वे में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत के आंकड़े के आसपास या उससे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है, कुछ सर्वे में तो पार्टी को 200 सीटों तक मिलने की संभावना भी जताई गई है
हालांकि इस पूरे परिदृश्य में एक बड़ा ट्विस्ट भी सामने आया है, जहां पीपुल्स पल्स नाम की एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस की वापसी का दावा किया है, इस सर्वे के मुताबिक टीएमसी चौथी बार सत्ता में लौट सकती है और उसे भारी बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है, इस विरोधाभासी अनुमान ने बंगाल की राजनीति को और भी दिलचस्प बना दिया है
तमिलनाडु में विजय की एंट्री ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
तमिलनाडु के एग्जिट पोल में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां अधिकतर सर्वे में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व वाले गठबंधन की वापसी की बात कही गई है, वहीं एक प्रमुख सर्वे ने अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK को सत्ता के करीब बताया है, इस सर्वे के अनुसार TVK को 98 से 120 सीटें मिल सकती हैं, जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है
डीएमके ने इन एग्जिट पोल पर भरोसा जताते हुए दावा किया है कि पार्टी 180 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी, वहीं AIADMK ने इन सर्वे को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि जनता पहले ही बदलाव का मन बना चुकी है और अंतिम परिणाम में उनकी जीत होगी
केरल में सत्ता बदलने के संकेत
केरल में एग्जिट पोल के अनुसार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा का 10 साल का शासन खत्म होता नजर आ रहा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की वापसी के संकेत मिल रहे हैं, सर्वे में बीजेपी को यहां सीमित सफलता मिलने का अनुमान जताया गया है और वह दहाई के भीतर ही सिमट सकती है
हालांकि एलडीएफ के नेताओं ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि एग्जिट पोल पहले भी गलत साबित होते रहे हैं, उनका कहना है कि इस बार भी वास्तविक नतीजे अलग होंगे और जनता फिर से उन्हें सत्ता में लाएगी
असम और पुड्डुचेरी में सत्ता बरकरार रहने का अनुमान
असम में एग्जिट पोल ने किसी बड़े उलटफेर के संकेत नहीं दिए हैं, यहां बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की वापसी लगभग तय मानी जा रही है, सर्वे के अनुसार पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल सकता है और कांग्रेस यहां सत्ता से काफी दूर नजर आ रही है
वहीं पुड्डुचेरी में भी एनडीए गठबंधन के दोबारा सरकार बनाने के संकेत मिले हैं, अलग-अलग सर्वे में बीजेपी गठबंधन को आरामदायक बढ़त दी गई है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि यहां सत्ता परिवर्तन की संभावना कम है
एग्जिट पोल पर सियासी घमासान शुरू
एग्जिट पोल के सामने आते ही राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं, जिन दलों के पक्ष में अनुमान आए हैं उन्होंने इसे जनता का मूड बताया है, जबकि विपक्षी दलों ने इन सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इन एग्जिट पोल को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि पहले भी ऐसे सर्वे गलत साबित हुए हैं, उनका कहना है कि 2021 के चुनाव में भी एग्जिट पोल वास्तविक नतीजों से काफी अलग थे और इस बार भी ऐसा ही होगा
कांग्रेस नेताओं ने भी इन सर्वे को लेकर संशय जताया है और कहा है कि अंतिम नतीजे चौंकाने वाले होंगे, उनका दावा है कि एग्जिट पोल पर भरोसा करना जल्दबाजी होगी
4 मई पर टिकी देश की नजर
एग्जिट पोल के इन चौंकाने वाले अनुमानों के बीच अब पूरे देश की नजर 4 मई को आने वाले वास्तविक चुनाव परिणामों पर टिकी है, क्योंकि यही दिन तय करेगा कि क्या सर्वे एजेंसियों के दावे सही साबित होते हैं या फिर राजनीतिक दलों का विश्वास
इन एग्जिट पोल ने जहां एक ओर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मतदाताओं की उत्सुकता भी चरम पर पहुंचा दी है, अब देखना यह होगा कि क्या बंगाल में इतिहास बदलता है, क्या तमिलनाडु में नया चेहरा सत्ता में आता है और क्या केरल में सत्ता परिवर्तन होता है या नहीं


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