गुरुग्राम में CBSE फर्जी मान्यता घोटाला उजागर, प्रिंसिपल गिरफ्तार, 25 छात्रों का भविष्य खतरे में, जांच तेज
फर्जी CBSE मान्यता के नाम पर बड़ा धोखा उजागर
हरियाणा के गुरुग्राम में शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां सेक्टर-9ए स्थित एजुके्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल ने कथित तौर पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की फर्जी मान्यता दिखाकर छात्रों और उनके अभिभावकों को लंबे समय तक गुमराह किया। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक छात्रा को 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड ही नहीं मिला, जिससे परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
रोल नंबर न मिलने से खुली फर्जीवाड़े की परतें
घटना की शुरुआत तब हुई जब एक छात्रा को परीक्षा से ठीक पहले रोल नंबर जारी नहीं किया गया। परिवार ने स्कूल प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब परिजनों ने खुद जांच-पड़ताल की तो सामने आया कि स्कूल की CBSE से कोई वैध संबद्धता ही नहीं है। जो प्रमाण पत्र और संबद्धता नंबर दिखाया गया था, वह पूरी तरह से फर्जी निकला।
पुलिस कार्रवाई और गुजरात से गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेक्टर-9ए थाना पुलिस ने फरवरी 2026 में शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया। जांच आगे बढ़ने पर अपराध शाखा मानेसर ने कार्रवाई करते हुए 18 अप्रैल 2026 को स्कूल की प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिनसे इस पूरे घोटाले की गहराई सामने आई।
10वीं की फर्जी मान्यता पर एडमिशन
पुलिस जांच में सामने आया कि स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया पिछले करीब आठ वर्षों से इस संस्थान को चला रहे थे। स्कूल को केवल आठवीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त थी, लेकिन लालच में आकर प्रबंधन ने 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए भी दाखिले लेना शुरू कर दिया। अभिभावकों को यह विश्वास दिलाया गया कि स्कूल पूरी तरह CBSE से संबद्ध है।
भारी फीस लेकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
स्कूल प्रशासन ने छात्रों से ट्यूशन फीस, बिल्डिंग फंड, परीक्षा शुल्क, कंप्यूटर शुल्क समेत कई तरह की फीस नियमित रूप से वसूली। अभिभावकों को भरोसा था कि उनके बच्चे एक मान्यता प्राप्त स्कूल में पढ़ रहे हैं। लेकिन जब बोर्ड परीक्षा का समय आया, तब सच्चाई सामने आई और छात्रों का पूरा शैक्षणिक साल बर्बाद हो गया।
25 छात्रों का भविष्य अधर में
इस फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा असर उन 25 छात्रों पर पड़ा, जिन्हें 9वीं और 10वीं कक्षा में दाखिला दिया गया था। अब इन छात्रों का एक साल बर्बाद हो चुका है और उनके भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अभिभावकों में भारी आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं।
कई अधिकारियों और स्टाफ पर केस दर्ज
शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया, प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया, वाइस प्रिंसिपल सिमर बत्रा, कोऑर्डिनेटर सोनिया और अन्य स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल था।


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