बस्ती में नकली नोटों का बड़ा खेल बेनकाब… ‘पैसा डबल’ का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, नेपाल कनेक्शन से चौंकी पुलिस



बस्ती में जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश, 4.20 लाख नकली करेंसी बरामद, नेपाल कनेक्शन की जांच, पांच आरोपी गिरफ्तार


बस्ती में जाली नोट गिरोह का खुलासा

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पुलिस ने एक बड़े जाली करेंसी सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबे समय से आम लोगों को ‘पैसा डबल’ करने का लालच देकर ठगी कर रहा था और नकली नोटों का जाल फैलाकर आर्थिक व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रहा था। पुलिस ने इनके कब्जे से ₹4,20,000 मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं, जिनमें ₹500, ₹200 और ₹100 के नोट शामिल हैं।

सीमा पार कनेक्शन ने बढ़ाई गंभीरता

इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह का कनेक्शन भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों तक फैला हुआ था। गिरफ्तार आरोपियों में एक व्यक्ति नेपाल के रुपनदेही जिले का निवासी बताया जा रहा है, जो महराजगंज में रहकर इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नकली नोट सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

शनिवार को पुलिस को मुखबिर से सटीक जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग नकली नोटों की बड़ी खेप लेकर बक्सई घाट पुल के पास आने वाले हैं। सूचना मिलते ही थाना वाल्टरगंज, स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही आरोपी मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन मुस्तैदी से काम लेते हुए टीम ने पांचों को मौके पर ही पकड़ लिया।

तलाशी में सामने आया नकली नोटों का जखीरा

पकड़े गए आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 17 गड्डियां बरामद हुईं, जिनमें बड़ी मात्रा में नकली नोट पाए गए। प्रारंभिक जांच में ये नोट बेहद उच्च गुणवत्ता के कूटरचित पाए गए, जिन्हें आम आदमी आसानी से पहचान नहीं सकता। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 स्मार्टफोन और 3 मोटरसाइकिल भी बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था।

‘पैसा डबल’ का झांसा देकर करते थे ठगी

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। खासकर बैंक से नकदी निकालकर लौटने वाले किसान और मध्यम वर्गीय लोग इनके टारगेट होते थे। गिरोह के सदस्य पीड़ित को विश्वास में लेकर कहते थे कि उनके पास ऐसा केमिकल या तकनीक है जिससे पैसे को दोगुना किया जा सकता है।

वे असली नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर बीच में नकली नोट रख देते थे। इसके बाद भीड़भाड़ वाले इलाके में पीड़ित को गड्डी थमा दी जाती थी और बदले में असली रकम लेकर आरोपी मौके से फरार हो जाते थे।

पहले भी दर्ज हैं आपराधिक मामले

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल नबीउल्लाह उस्मानी पर पहले से ही गोरखपुर और कुशीनगर जिलों में जाली नोट चलाने के कई मामले दर्ज हैं। इससे साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग जिलों में अपने नेटवर्क का विस्तार कर चुका था।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

इस पूरे मामले में पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और नकली मुद्रा के कारोबार से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है जो कई जिलों में सक्रिय रहा है और इसके नेटवर्क की गहराई काफी बड़ी हो सकती है।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बरामद नकली नोटों की गुणवत्ता और इनके स्रोत की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन इलाकों में इसका नेटवर्क फैला हुआ है।

आगे और गिरफ्तारियां संभव

पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के कुछ और सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सर्विलांस और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय लिंक को ध्यान में रखते हुए जांच को और तेज किया गया है।

आम लोगों के लिए चेतावनी

इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ‘पैसा डबल’ या आसान कमाई के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस तरह का प्रस्ताव देता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, क्योंकि ऐसे गिरोह न केवल लोगों को ठगते हैं बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

इस कार्रवाई के बाद बस्ती पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने एक संगठित जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़ कर कई संभावित ठगी की घटनाओं को होने से पहले ही रोक दिया है।

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