108 लड़कियों का शिकार, ‘हाय-हैलो’ से शुरू हुआ खौफनाक खेल! अमरावती कांड में सामने आया ‘लव गुरु’ का गुप्त नेटवर्क



अमरावती कांड में 108 लड़कियों के शोषण का खुलासा, आरोपी अयान अहमद का ‘लव गुरु’ नेटवर्क जांच के घेरे में

अमरावती कांड: शातिर प्लानिंग से रचा गया पूरा जाल

महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा क्षेत्र से सामने आया यह मामला अब देशभर में सनसनी का कारण बन चुका है। जांच एजेंसियों की सक्रियता के बीच जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे घटनाक्रम को और भी भयावह बना दिया है। मुख्य आरोपी अयान अहमद पर आरोप है कि उसने सुनियोजित तरीके से एक ऐसा नेटवर्क खड़ा किया, जिसके जरिए वह युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। यह मामला केवल व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें एक संगठित तंत्र के संकेत भी मिलने लगे हैं।

‘हाय-हैलो छोड़ो’ से शुरू होती थी बातचीत

जांच में सामने आया है कि आरोपी बातचीत की शुरुआत एक बेहद अलग और मनोवैज्ञानिक तरीके से करता था। वह सामान्य अभिवादन से बचते हुए सीधे सवाल करता था—“हाय-हैलो छोड़ो, आप वही हो ना जो वहां मिले थे?” इस तरह की शुरुआत सामने वाले को चौंकाती थी और बातचीत में उलझा देती थी। धीरे-धीरे वह भरोसा बनाकर युवतियों को अपने प्रभाव में ले लेता था। यह तरीका इतना प्रभावी था कि कई लड़कियां बिना शक किए उसके संपर्क में आ जाती थीं।

‘लव गुरु’ का रहस्यमय रोल

पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू एक कथित ‘लव गुरु’ का सामने आना है। जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी को इस व्यक्ति से टिप्स और रणनीतियां मिलती थीं, जिनकी मदद से वह लड़कियों को टारगेट करता था। यह ‘लव गुरु’ कौन है, कहां से ऑपरेट करता है और उसके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं—इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस गहन जांच कर रही है। यह एंगल इस केस को और भी गंभीर बना रहा है, क्योंकि इससे संगठित अपराध की संभावना मजबूत हो रही है।

कैफे और प्राइवेट लोकेशन का इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग स्थानों का इस्तेमाल करता था ताकि किसी को शक न हो। अमरावती, अचलपुर और परतवाड़ा के कई कैफे इस मामले में जांच के दायरे में आए हैं। इन कैफे में कपल्स के लिए अलग-अलग बंद कंपार्टमेंट बने हुए थे, जहां गोपनीयता के नाम पर संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस ने इन कैफे संचालकों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की है कि उन्हें इन गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं।

किराए के फ्लैट का बार-बार इस्तेमाल

आरोपी ने अपने दोस्त मानव सुगंधे के कठोरा रोड स्थित किराए के फ्लैट का कई बार इस्तेमाल किया। जांच में पता चला है कि यह फ्लैट 7 से 8 बार इस तरह की गतिविधियों के लिए उपयोग में लाया गया। इस खुलासे के बाद पुलिस ने फ्लैट मालिक को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। यह जांच की जा रही है कि क्या फ्लैट मालिक को इन गतिविधियों की जानकारी थी या वह पूरी तरह अनजान था।

वझ्झर डैम गार्डन तक फैला नेटवर्क

मामले की कड़ियां केवल कैफे और फ्लैट तक सीमित नहीं रहीं। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि आरोपी और पीड़िताओं की मुलाकात वझ्झर डैम के गार्डन में भी होती थी। पुलिस की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और वहां से संबंधित सबूत जुटाने की कोशिश की। इससे यह साफ होता है कि आरोपी अलग-अलग स्थानों का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क को फैलाए हुए था।

सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो

इस पूरे मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है, जिसमें पीड़िताओं के आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल किए गए। फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इन क्लिप्स को साझा किया गया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया। साइबर सेल की मदद से अब तक 41 अकाउंट्स को हटाया जा चुका है, लेकिन जांच एजेंसियां अभी भी इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

SIT की सख्त कार्रवाई और हिरासत में लोग

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक कई लोगों को हिरासत में लिया है। करीब 10 संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियां शामिल हैं।

108 लड़कियों का शोषण, 300 से ज्यादा क्लिप्स

जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले में 108 लड़कियों के शोषण की बात सामने आई है। इनके 300 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए, जो बाद में सोशल मीडिया पर फैलाए गए। यह आंकड़ा इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है और इसे हाल के सबसे बड़े शोषण मामलों में से एक बना देता है।

पीड़िताओं से आगे आने की अपील

जांच एजेंसियां लगातार पीड़िताओं से आगे आने की अपील कर रही हैं। महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से संपर्क कर उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसकी समीक्षा की है। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि पीड़िताओं को न्याय मिले और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

जांच का अगला चरण और बढ़ता दायरा

अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस ‘लव गुरु’ की पहचान, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैले कंटेंट की पूरी जांच कर रही है। इस मामले ने कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब ढूंढना अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है

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