नशे में हैवानियत! छोटे भाई के विवाद में समझाने पहुंचे बड़े भाई की तलवार से काट दी नाक, हालत गंभीर



मुंगेर के जलालाबाद में नशे में धुत युवक ने छोटे भाई के विवाद में समझाने आए बड़े भाई की तलवार से नाक काट दी, हालत गंभीर


मुंगेर में रिश्तों का खून, एक पल में इंसानियत शर्मसार

बिहार के मुंगेर जिले से सामने आई यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज में तेजी से फैल रही हिंसा, नशे और आपसी रिश्तों में बढ़ती कटुता की भयावह तस्वीर पेश करती है। असरगंज थाना क्षेत्र के जलालाबाद गांव में जो हुआ, उसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खून-खराबे में बदल गया, जहां नशे में धुत एक युवक ने अपने ही चचेरे भाई पर तलवार से हमला कर उसकी नाक लगभग पूरी तरह काट दी।

यह घटना उस समय और भी गंभीर हो गई, जब सामने आया कि पीड़ित युवक किसी झगड़े को बढ़ाने नहीं, बल्कि उसे शांत कराने गया था। रिश्तों को जोड़ने निकला इंसान खुद बुरी तरह जख्मी होकर अस्पताल की बेड पर जिंदगी और मौत से जूझने को मजबूर हो गया।

जलालाबाद गांव में कैसे भड़की हिंसा की चिंगारी

जानकारी के अनुसार, यह घटना असरगंज थाना क्षेत्र के जलालाबाद गांव की है। गांव के रहने वाले अजय चौधरी का अपने छोटे भाई नीरज चौधरी के साथ चचेरे भाई प्रदीप चौधरी का किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद कोई बड़ा या गंभीर नहीं था, बल्कि हंसी-मजाक और आपसी कहासुनी से जुड़ा बताया जा रहा है।

दिन के समय इस विवाद को कई बार सुलझाने की कोशिश की गई और कुछ समय के लिए मामला शांत भी हो गया। गांव वालों और परिजनों को लगा कि अब बात खत्म हो चुकी है, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि शाम ढलते ही यह मामूली विवाद खौफनाक रूप ले लेगा।

शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा आरोपी

देर शाम प्रदीप चौधरी शराब के नशे में धुत होकर अपने घर पहुंचा। नशे का असर इतना ज्यादा था कि वह घर के बाहर गाली-गलौज करने लगा। उसकी आवाजें सुनकर आसपास के लोग भी इकट्ठा होने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख अजय चौधरी बीच-बचाव के लिए आगे आया।

अजय का मकसद साफ था—वह अपने चचेरे भाई को समझाना चाहता था ताकि विवाद और न बढ़े और गांव में शांति बनी रहे। लेकिन नशे में चूर प्रदीप के दिमाग पर जैसे खून सवार था।

समझाने गया भाई बना हिंसा का शिकार

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के परिजनों के अनुसार, जैसे ही अजय चौधरी ने प्रदीप को समझाने की कोशिश की, वह और ज्यादा उग्र हो गया। बहस बढ़ने से पहले ही प्रदीप ने अचानक तलवार निकाल ली और अजय पर जानलेवा हमला कर दिया।

इस हमले में अजय चौधरी की नाक पर सीधा वार किया गया, जिससे उसकी नाक का करीब 99 प्रतिशत हिस्सा कट गया। खून की धार बहने लगी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। किसी को समझ ही नहीं आया कि कुछ सेकंड में हालात इतने बेकाबू कैसे हो गए।

खून से लथपथ अजय, गांव में मचा कोहराम

तलवार के वार से अजय चौधरी जमीन पर गिर पड़ा। उसकी हालत बेहद गंभीर थी। चेहरे से लगातार खून बह रहा था और वह दर्द से कराह रहा था। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई।

परिजन और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह अजय को संभालकर असरगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। रास्ते भर उसकी हालत नाजुक बनी रही।

प्राथमिक उपचार के बाद भागलपुर रेफर

असरगंज पीएचसी में डॉक्टरों ने अजय चौधरी की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। लेकिन नाक लगभग पूरी तरह कट जाने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया।

परिजन बिना समय गंवाए घायल को लेकर भागलपुर के बड़े अस्पताल के लिए रवाना हो गए। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन चेहरे पर गहरे जख्म और मानसिक आघात ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।

परिजनों का दर्द, रिश्तों पर उठते सवाल

पीड़ित अजय चौधरी के परिजनों का कहना है कि यह विवाद इतना छोटा था कि किसी को अंदाजा भी नहीं था कि मामला इस हद तक पहुंच जाएगा। उनका कहना है कि अजय हमेशा परिवार और रिश्तों को जोड़कर रखने की कोशिश करता था।

परिजनों के मुताबिक, विवाद सिर्फ हंसी-मजाक से जुड़ा था, लेकिन शराब और गुस्से ने प्रदीप को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने इंसानियत और रिश्तों की सारी सीमाएं लांघ दीं।

पुलिस को दी गई सूचना, जांच में जुटी थाना पुलिस

घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। असरगंज थाना पुलिस को जैसे ही इस सनसनीखेज हमले की सूचना मिली, पुलिस टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पीड़ित के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। बताया जा रहा है कि परिवार की प्राथमिकता इस समय घायल अजय का इलाज है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलते ही आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी की दबंगई से गांव में दहशत

इस घटना के बाद जलालाबाद गांव में भय का माहौल है। लोगों के बीच यह चर्चा है कि यदि मामूली विवाद में इस तरह तलवार से हमला किया जा सकता है, तो कोई भी सुरक्षित नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का व्यवहार पहले से ही दबंग किस्म का रहा है और शराब पीने के बाद वह अक्सर गाली-गलौज करता था।

गांव के बुजुर्गों और सामाजिक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

नशा बना हिंसा की सबसे बड़ी वजह

इस पूरे मामले में एक बार फिर शराब और नशे की भूमिका सामने आई है। नशे की हालत में इंसान क्या कर बैठे, इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है। एक ही परिवार के लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि खून बहा और जिंदगी भर का जख्म मिल गया।

बिहार में शराबबंदी के बावजूद इस तरह की घटनाएं प्रशासन और समाज दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अवैध शराब और नशे की पहुंच आज भी गांव-गांव तक बनी हुई है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

चेहरे पर जख्म, जिंदगी भर का दर्द

नाक कटने की घटना सिर्फ शारीरिक चोट नहीं होती, बल्कि यह पीड़ित के मानसिक और सामाजिक जीवन को भी गहरे तौर पर प्रभावित करती है। अजय चौधरी को अब लंबा इलाज, सर्जरी और मानसिक आघात से गुजरना पड़ेगा।

परिजन इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि आगे चलकर अजय की जिंदगी कैसे सामान्य होगी। चेहरे पर स्थायी निशान और हुए नुकसान की भरपाई आसान नहीं है।

कानून के शिकंजे में आएगा आरोपी?

अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीणों और परिजनों को उम्मीद है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेगी और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते विवादों को सही तरीके से नहीं संभाला गया और नशे पर लगाम नहीं लगाई गई, तो हालात कभी भी बेकाबू हो सकते हैं।

मुंगेर की वारदात ने छोड़ा गहरा सवाल

मुंगेर की यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि समाज के सामने आई एक कड़वी सच्चाई है। रिश्तों में बढ़ती हिंसा, नशे की लत और गुस्से पर काबू न होना आज बड़ी समस्याएं बन चुकी हैं।

जलालाबाद गांव में हुई यह वारदात लंबे समय तक लोगों के दिलों में डर और सवाल छोड़ जाएगी—क्या रिश्तों की कीमत अब इतनी सस्ती हो गई है कि समझाने वाले की नाक तलवार से काट दी जाए?

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