मछलीशहर के मोकलपुर में कंबल वितरण संग नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, इंस्पेक्टर इरफान अली बोले—जरूरतमंदों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म



मछलीशहर के मोकलपुर में मां विंध्यवासिनी सेवा ट्रस्ट ने कंबल वितरण व नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया, इंस्पेक्टर इरफान अली ने की सराहना।

इंद्रेश तिवारी की रिपोर्ट 

ठंड के मौसम में मानवीय संवेदना की मिसाल बना मोकलपुर का आयोजन

जौनपुर जनपद की विधानसभा मछलीशहर अंतर्गत मोकलपुर गांव में जब कड़ाके की ठंड अपने चरम पर थी, तब सामाजिक सरोकारों की गर्माहट ने जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। मां विंध्यवासिनी सामाजिक सेवा ट्रस्ट द्वारा दुबे भवन परिसर में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम और नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर ने यह साबित कर दिया कि समाज की असली ताकत सेवा, सहयोग और संवेदना में निहित है। ग्रामीण अंचल में आयोजित इस संयुक्त कार्यक्रम ने न केवल ठंड से राहत पहुंचाई बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का भी सशक्त संदेश दिया। सुबह से ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से जरूरतमंद, बुजुर्ग, महिलाएं और श्रमिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे, जहां सेवा भाव से सुसज्जित स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था संभाली।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे इंस्पेक्टर इरफान अली, सेवा को बताया पुनीत कर्तव्य

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित इरफान अली ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना सबसे पुनीत कार्य है और ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने मां विंध्यवासिनी सामाजिक सेवा ट्रस्ट की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों में ठंड के मौसम में कंबल वितरण और नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं, क्योंकि यही वह समय होता है जब गरीब और असहाय वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है। उनके संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ सेवा कार्यों की खुले दिल से प्रशंसा की।

मां विंध्यवासिनी सामाजिक सेवा ट्रस्ट की भूमिका और उद्देश्य

मां विंध्यवासिनी सामाजिक सेवा ट्रस्ट लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता आ रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है, चाहे वह ठंड से बचाव के लिए कंबल हो या फिर बीमारी से राहत के लिए नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श। मोकलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के सदस्यों ने पहले से ही क्षेत्र में सर्वे कर जरूरतमंदों की पहचान की थी, ताकि सहायता वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे। यही कारण रहा कि कंबल वितरण के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता देखने को मिली और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।

नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में मरीजों को मिला विशेषज्ञ परामर्श

कार्यक्रम के दौरान लगाए गए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टर अरुण कुमार भारती ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने ठंड के मौसम में होने वाली आम बीमारियों, जैसे सर्दी, खांसी, बुखार, जोड़ों का दर्द और रक्तचाप जैसी समस्याओं पर मरीजों को विस्तार से परामर्श दिया। शिविर में पहुंचे मरीजों की जांच के बाद उन्हें आवश्यक दवाएं भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं। डॉक्टर ने लोगों को ठंड से बचाव, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे सर्दियों में खुद को स्वस्थ रख सकें।

ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभाव

मोकलपुर और आसपास के गांवों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर कम ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में मां विंध्यवासिनी सामाजिक सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह शिविर ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा। कई बुजुर्गों और महिलाओं ने पहली बार किसी डॉक्टर से खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं। इससे न केवल उन्हें उपचार मिला बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी। ग्रामीणों ने बताया कि अगर ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर लगाए जाएं तो उन्हें दूर शहरों में जाकर इलाज कराने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी।

आयोजक रूपेश दुबे ने व्यक्त किया आभार

कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद आयोजक रूपेश दुबे ने मंच से सभी अतिथियों, चिकित्सकों, स्वयंसेवकों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे सेवा कार्य संभव हो पाते हैं और भविष्य में भी ट्रस्ट इसी तरह के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य किसी प्रचार के बजाय वास्तविक सेवा है, जिससे समाज के कमजोर वर्ग को राहत मिल सके।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी

इस सेवा कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पं. विनय मिश्र ने कार्यक्रम की खुले शब्दों में सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संस्थाओं की भूमिका तभी सार्थक होती है जब वे जमीन पर उतरकर काम करें, जैसा कि मां विंध्यवासिनी सेवा ट्रस्ट ने किया है। उनके अलावा पंकज सिंह, प्रेमबहादुर सिंह, राजेश कन्नौजिया, अजय सिंह, बटेश्वर मिश्र सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।

ठंड से राहत के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश

कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंदों के चेहरों पर जो संतोष और राहत दिखाई दी, वह इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता रही। ठंड के मौसम में एक कंबल किसी के लिए केवल कपड़ा नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक होता है। यही कारण है कि इस कार्यक्रम ने समाज में आपसी सहयोग और एकजुटता का मजबूत संदेश दिया। ग्रामीणों ने भी ट्रस्ट और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में विश्वास और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

मछलीशहर क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों की बढ़ती जरूरत

मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी आबादी ग्रामीण है, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सहायता सीमित हैं। ऐसे में मां विंध्यवासिनी सामाजिक सेवा ट्रस्ट जैसे संगठनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। मोकलपुर में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि अगर स्थानीय स्तर पर पहल की जाए तो कम संसाधनों में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। यही वजह है कि इस आयोजन की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।

भविष्य में भी जारी रहेंगे सेवा कार्य

कार्यक्रम के समापन पर ट्रस्ट के सदस्यों ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में भी ठंड, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका लक्ष्य है कि समाज के हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचे और कोई भी व्यक्ति अभाव के कारण पीड़ित न रहे। मोकलपुर में हुआ यह आयोजन न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता दिखा, बल्कि भविष्य के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा।

समाज के लिए प्रेरणा बना मां विंध्यवासिनी सेवा ट्रस्ट का प्रयास

कुल मिलाकर मोकलपुर गांव में आयोजित कंबल वितरण और नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर ने यह साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो और उद्देश्य सेवा का हो, तो छोटे स्तर पर भी बड़े बदलाव संभव हैं। इंस्पेक्टर इरफान अली जैसे प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और मजबूती दी, वहीं ग्रामीणों की सहभागिता ने इसे एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। ठंड से राहत, स्वास्थ्य सुरक्षा और मानवीय संवेदना—तीनों का संगम इस कार्यक्रम में देखने को मिला, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।

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