‘मम्मी को फांसी दो… तीनों अंकल को भी ले जाओ’: संभल में पति के टुकड़े कर फेंकने वाली पत्नी पर बड़ा खुलासा, 10 साल की बेटी ने खोला राज




संभल में पति की हत्या कर टुकड़े करने के केस में 10 वर्षीय बेटी का चौंकाने वाला बयान सामने आया, तीन अंकल के आने का राज खोला


संभल मर्डर केस: मेरठ के सौरभ राजपूत केस जैसा खौफनाक हत्याकांड, पत्नी ने प्रेमी संग टुकड़ों में काटा पति का शव

उत्तर प्रदेश के संभल में एक खौफनाक हत्या ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब पतरौआ रोड के पास ईदगाह के नाले में एक युवक का टुकड़ों में कटा हुआ शव मिला। यह हत्या किसी फिल्मी कहानी जैसी नहीं, बल्कि हकीकत में इंसानी हैवानियत की सीमा पार कर देने वाली घटना थी। पत्नी और उसके प्रेमी समेत तीन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर राहुल नाम के व्यक्ति की हत्या कर उसकी लाश के कई टुकड़े कर दिए। फिर उन्हें अलग-अलग जगह ठिकाने लगा दिया। इस केस ने लोगों को मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड की याद दिला दी, जिसमें प्रेम प्रसंग के चलते पति की हत्या कर शव को काटकर फेंक दिया गया था।

जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक और चौंकाने वाला रहस्य लगा। मृतक राहुल की 10 वर्षीय बेटी ने पुलिस को बताया कि पिता की अनुपस्थिति में घर पर तीन अलग-अलग युवक आया करते थे। बच्ची ने साफ कहा कि उसकी मां और तीनों आरोपियों को फांसी दी जानी चाहिए, क्योंकि उन्हीं की वजह से उसके पिता की मौत हुई। बच्ची के इस बयान ने केस को नया मोड़ दे दिया है।

यह पूरा मामला सिर्फ हत्या का नहीं, बल्कि अवैध संबंध, घरेलू तनाव, लोभ, अविश्वास और रिश्तों के टूटने की कहानी है। संभल जिले के लिए यह घटना किसी सदमे से कम नहीं। पुलिस टीम अब सिर, हाथ और पैर की तलाश में जुटी हुई है। कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं कि आखिर तीनों आरोपी घर क्यों आते थे, हत्या की असली वजह क्या थी और शव को कहाँ-कहाँ फेंका गया।

शव की पहचान बाजू पर गुदे टैटू से हुई, शुरुआत में नहीं मिले थे सिर और धड़

सबसे पहले पुलिस को 15 दिसंबर की सुबह सूचना मिली कि ईदगाह के पास नाले में एक बोरी पड़ी है, जिसमें इंसानी अंग भरे हुए हैं। जब थैला खोला गया, तो एक युवक का हाथ मिला, जिस पर ‘राहुल’ नाम का टैटू गुदा था। पुलिस ने तुरंत आसपास के थानों में गुमशुदगी की जानकारी खंगाली। उसी दौरान यह सामने आया कि कस्बा गंवा निवासी राहुल नाम का व्यक्ति 18 नवंबर से लापता था और उसकी पत्नी रूबी ने 24 नवंबर को चंदौसी कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज भी कराई थी।

पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि शव मानव का है। पुलिस को शक होने लगा कि हत्या घर में ही की गई होगी और शव को बाद में टुकड़े कर अलग-अलग हिस्सों में फेंका गया होगा। उसी आधार पर पुलिस टीम मृतक के घर पहुंची और वहीं सच्चाई का बड़ा हिस्सा उजागर होने लगा।

घर से बरामद स्कूटी, लोहे की रॉड, टॉयलेट ब्रश और हीटर बने अहम सबूत

शव मिलने के बाद पुलिस ने मृतक के घर की तलाशी ली। शक गहराता ही गया, क्योंकि घर से ऐसे औज़ार मिले जिनका इस्तेमाल शव काटने में किया जा सकता था। स्कूटी, बैग, लोहे की रॉड, बिजली हीटर, ब्रश, कपड़े और खून के निशान ने पुलिस को यकीन दिलाया कि शव के अंश घर में ही काटे गए और रात के अंधेरे में ठिकाने लगाए गए।

घर में मिली स्कूटी से पुलिस का संदेह और मजबूत हो गया कि शव के टुकड़े इसी वाहन पर ले जाकर फेंके गए होंगे। घर की सफ़ाई ऐसे की गई थी, जैसे कोई बड़ा राज छिपाया गया हो। लेकिन इसी घर में दो मासूम बच्चे भी रहते थे, जिनकी मौजूदगी ने हत्या को घिनौने स्तर पर पहुंचा दिया।

बच्चों की मौजूदगी में चलता था यह पूरा खेल, 10 वर्षीय बेटी बनी गवाह

राहुल और रूबी के दो बच्चे हैं। बेटी की उम्र 10 साल और भाई उससे छोटा। बेटी ने मां की पोल खोलते हुए कहा कि घर में गौरव, सौरभ और अभिषेक नाम के पुरुष अक्सर आते थे। राहुल जब घर पर नहीं होते थे, तब यह तीनों आते और मां से बात करते। बच्ची के बयान ने पूरे थाना तंत्र को हिला दिया। उसने कहा:

“पापा घर पर नहीं होते थे, तो तीनों अंकल आते थे। हमारे लिए चॉकलेट लाते थे। मम्मी हम दोनों को कमरे से बाहर भेज देती थी। अभिषेक अंकल कहते थे कि कुछ महीनों बाद मम्मी मेरी हो जाएगी।”

बच्ची ने बताया कि जिस दिन हत्या हुई वह और उसका भाई स्कूल में थे। लौटने के बाद घर का माहौल अलग लगा। वह समझ नहीं पाई कि क्या हुआ है।

बेटी की मांग: ‘मम्मी को फांसी दो, तीनों अंकल को भी ले जाओ’

बच्ची के बयान को सुनकर हर कोई स्तब्ध रह गया। उसने कहा कि वह अपनी मां से बेहद डरती है। बच्ची का कहना है:
“उन्होंने मेरे पापा को मार दिया। उन्हें फांसी होनी चाहिए। मेरी मां और तीनों अंकल को ले जाओ। वे सब गलत हैं।”

यह पहली बार है जब किसी मर्डर केस में 10 साल की बच्ची के भावनात्मक बयान ने केस का सबसे मजबूत आधार तैयार किया है।

पुलिस के शक की वजह बना गर्भ निरोधक इंजेक्शन का हिसाब, प्रेमी संग पकड़ में आई पत्नी

जांच के दौरान पता चला कि रूबी अभिषेक नाम के युवक से प्रेम करती थी। दोनों के बीच छुपकर नजदीकियां बढ़ रही थीं। पति को बीच से हटाना जरूरी था, इसलिए षड्यंत्र रचा गया। धीरे-धीरे गौरव और सौरभ भी शामिल हो गए।

राहुल गायब होने के बाद जब रूबी ने गुमशुदगी दर्ज कराई, तो पुलिस को शक हुआ। वजह यह थी कि रूबी बयान देते समय न तो डर दिखा रही थी और न ही परेशान नजर आ रही थी। बल्कि पूछताछ के दौरान घबराहट साफ देखी जा सकती थी।

18 नवंबर को हुई थी हत्या, शव काटने और टुकड़े फेंकने में लगे कई दिन

जांच से पता चला कि 18 नवंबर को सुबह बच्चे स्कूल चले गए थे। घर पर राहुल और रूबी थे। इसी दौरान तीनों आरोपी आए। हत्या लोहे की रॉड और बिजली हीटर से हमला कर की गई। फिर उसे प्लास्टिक शीट पर रखा गया और धीरे-धीरे शरीर के टुकड़े किए गए। कुछ टुकड़े घर में छिपाए गए, कुछ उसी रात नाले और आसपास के इलाकों में फेंके गए।

कुछ हिस्से जलाने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने यह भी पाया कि घर में कुछ रेत और केमिकल इस्तेमाल किए गए थे, ताकि खून के निशान दबे रहें।

पुलिस की टीम शव के बाकी हिस्सों की तलाश में जुटी, नाले, खेत, बाग और जंगल की खाक छानी जा रही है

हत्या के बाद शव के कई हिस्से गायब हैं। खासतौर पर सिर, पैर और कुछ आंतरिक अंगों की तलाश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन्हें अलग-अलग दिशाओं में ले जाकर ठिकाने लगाया गया।

फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड लगातार तलाश में लगे हैं। आसपास के CCTV कैमरे खंगाले जा रहे हैं। इलाके के मोबाइल टावर लोकेशन भी रिकॉर्ड की जा रही है।

हत्या की वजह: शक, झगड़ा और अवैध संबंध

बच्ची के बयान से काफी हद तक साबित हो गया है कि रूबी का अभिषेक से संबंध था। राहुल को इस बात की भनक थी, इसलिए दोनों के बीच लगातार झगड़े होते थे। कई बार घर से चीखें और बहस पड़ोसियों ने भी सुनी थी।

माना जा रहा है कि राहुल बीच से हट जाए, तो रूबी और अभिषेक साथ रह सकते थे। शायद इसी वजह से पति की हत्या करने का फैसला लिया गया।

स्थानीय लोग दहशत में, गांव में चर्चा— 'शरीर काटने में हिम्मत नहीं, प्लानिंग पुरानी थी'

गांव के लोगों का कहना है कि राहुल शांत स्वभाव का था। शराब नहीं पीता था। मेहनत करता था। कभी लड़ाई झगड़ा नहीं करता था। रूबी के बारे में लोगों को कम जानकारी थी, क्योंकि वह घर से कम निकलती थी।

कई ग्रामीणों ने कहा कि शव काटना किसी सामान्य व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता। यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि पूरी तैयारी के साथ की गई।

गांव में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल, बच्ची की हालत भावनात्मक रूप से नाजुक

बच्ची ने जो बयान दिया है, वह भावनात्मक तनाव से भरा हुआ है। उसकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है। बाल कल्याण विभाग अब बच्चे की काउंसलिंग करा रहा है।

लोगों का कहना है कि अपराधी सिर्फ पति को नहीं, बल्कि दो मासूम बच्चों की खुशियां भी छीन गए।

हिरासत में तीन आरोपी: रूबी, अभिषेक और गौरव; सौरभ फरार, तलाश जारी

पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। रूबी, अभिषेक और गौरव से पूछताछ जारी है। वहीं चौथा आरोपी सौरभ फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

क्राइम हिस्ट्री की जांच, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन की पड़ताल जारी

जांच टीम ने आरोपी और पीड़ित के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। कॉल रिकॉर्ड में कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। चैट में भविष्य की योजनाओं के संकेत भी मिल रहे हैं।

लोकेशन ट्रैकिंग से पता चला है कि आरोपी हत्या के बाद शहर के कई इलाकों में घूमे थे, जहां शव के टुकड़े फेंके गए।

जेल भेजे जाने से पहले मेडिकल, बयान रिकॉर्ड और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

आरोपियों का मेडिकल कराया गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट जल्द आएगी। उसी के आधार पर अंतिम चार्जशीट तैयार की जाएगी।

परिवार वालों का आरोप: 'इस केस में सिर्फ प्रेम प्रसंग नहीं, पैसों का भी खेल'

राहुल के परिजनों का कहना है कि हत्या सिर्फ प्रेम संबंधों की वजह से नहीं हुई। इसमें पैसे का बड़ा रोल है। राहुल काफी समय से कमाई कर रहा था। बैंक खातों में जमा पैसे, गहने और जमीन को लेकर पत्नी और प्रेमी लालच में थे।

पुलिस प्रवक्ता: 'मामला संवेदनशील है, हर एंगल से जांच होगी'

पुलिस ने बयान दिया कि यह बेहद संवेदनशील केस है। आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो कड़ी सजा होगी। बच्‍ची के बयान को पूरी अहमियत दी जाएगी।

केस में आने वाले बड़े सवाल

– हत्या की असली वजह क्या है?
– शव को कहाँ-कहाँ फेंका गया?
– क्या बच्चों को पहले से सच्चाई पता थी?
– क्या और लोग शामिल थे?
– क्या हत्या की साजिश पहले से बनी थी?

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