रायबरेली: बेटी के सामने मदरसा टीचर की दिनदहाड़े हत्या! जंगल में घेरकर सीने पर चढ़ गोली मारी, इलाके में दहशत



रायबरेली में बेटी के सामने मदरसा टीचर को गोलियों से भूना गया, जंगल में घेरकर सीने पर चढ़कर की गई दर्दनाक हत्या


रायबरेली की सड़कों पर खौफ का साया: बेटी के सामने बर्बरता की हदें पार

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में दिनदहाड़े एक हैरान कर देने वाली हत्या की घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक मदरसा टीचर को दिनदहाड़े उनकी ही बेटी के सामने गोलियों से भून दिया गया। यह जघन्य हत्या उस वक्त हुई जब पीड़ित अपनी बेटी को ससुराल से लेकर घर लौट रहा था। जंगल से सटे रास्ते पर तीन बाइकों पर सवार छह बदमाशों ने पीछा कर उसे घेर लिया और फिर क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बीच जंगल में उसकी हत्या कर दी।

बेटी के सामने बिछा खून का दरिया: बाइक से पीछा, जंगल में घेरकर मारा

मृतक की पहचान 45 वर्षीय मदरसा टीचर मुर्तजा के रूप में हुई है, जो कि नसीराबाद थाना क्षेत्र के बिन्नावां गांव के निवासी थे। शुक्रवार को वह अपनी बेटी इशरतजहां को ससुराल से लेकर घर लौट रहे थे। बेटी का ससुराल डीह थाना क्षेत्र के पूरे सरदार मजरे रोखा गांव में है। वापसी के दौरान डीह-नसीराबाद रोड पर तीन बाइकों पर सवार करीब छह बदमाश उनका पीछा करने लगे। बदमाशों की संदिग्ध गतिविधियों को देख बेटी ने पिता को आगाह किया, लेकिन तब तक वे नजदीक आ चुके थे।

बेटी ने बदमाशों को पहचानते ही मचाया शोर, लेकिन जंगल में गूंजा सन्नाटा

जैसे ही इशरतजहां ने बदमाशों की पहचान की, वे उसके साथ गाली-गलौज पर उतर आए और जान से मारने की धमकी देने लगे। उनके हाथों में कट्टा देखकर बेटी डर गई और उसने पिता से बाइक छोड़ भागने की गुहार लगाई। मुर्तजा घबराए और बाइक छोड़कर जंगल की ओर दौड़ने लगे। बेटी मदद के लिए चीखती रही, लेकिन सुनसान जंगल के कारण कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा।

सीने पर चढ़कर गोली मारी, बेटी बन गई बेबसी की गवाह

भागते हुए टीचर को बदमाशों ने चारों ओर से घेर लिया। एक हमलावर ने बेरहमी से टीचर को जमीन पर गिराकर उसके सीने पर चढ़ गया और फिर उसके सिर में लगातार गोलियां दाग दीं। यह दृश्य बेटी की आंखों के सामने हुआ, जो चीखती-चिल्लाती रह गई। खून से लथपथ मुर्तजा की मौके पर ही मौत हो गई। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

जंगल में बिखरा खून, पुलिस पर उठे सवाल

घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके से खोखे और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस को मौके से कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे जांच की दिशा तय की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम हो सकती है।

गांव के ही पिता-पुत्र समेत कई पर केस दर्ज, गिरफ्तारी की कोशिश जारी

इस बर्बर हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के ही एक पिता-पुत्र और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। डीह थाने में दर्ज रिपोर्ट में गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और संदिग्धों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।

बेटी की गवाही बन सकती है सबसे बड़ा हथियार

इस घटना में सबसे अहम गवाह खुद मृतक की बेटी है, जिसने न केवल हमलावरों को देखा, बल्कि उनकी धमकियों और गोली चलाने की पूरी वारदात को अपनी आंखों से देखा। पुलिस के अनुसार, इशरतजहां का बयान हत्या के मामले में निर्णायक साबित हो सकता है। बच्ची को फिलहाल संरक्षण में रखा गया है और उसकी सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं।

इलाके में तनाव, मदरसों में खामोशी

घटना की खबर जैसे ही आसपास के गांवों और शहरों में फैली, लोग स्तब्ध रह गए। मुर्तजा एक शांत प्रवृत्ति के इंसान थे और वर्षों से मदरसे में बच्चों को पढ़ा रहे थे। उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी, लेकिन पारिवारिक विवादों और गांव में कुछ लोगों से आपसी रंजिश की चर्चाएं पहले से थीं। उनकी निर्मम हत्या ने मदरसा समुदाय को भी गहरे आघात में डाल दिया है। कुछ मदरसों ने अगले दिन छुट्टी घोषित कर दी।

पुलिस की जांच में क्या-क्या सामने आया?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह हत्या सोची-समझी साजिश का नतीजा है। घटना से पहले से ही बदमाश पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। जिस रास्ते से मुर्तजा को लौटना था, वहां पहले से हमलावर घात लगाकर बैठे थे। उनके पास हथियार भी पहले से थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या पूर्व नियोजित थी। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जो साक्ष्य जुटाए हैं, उन्हें जल्द ही लैब में भेजा जाएगा।

CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

डीह और नसीराबाद रोड पर स्थित दुकानों और मकानों के CCTV कैमरों की फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है। इसके अलावा पीड़ित, उसकी बेटी और आरोपियों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी निकाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले किन-किन लोगों के बीच संवाद हुआ और किसने कब किससे बात की।

क्या थी पुरानी दुश्मनी? 

मुर्तजा की हत्या को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि यह घटना किसी जमीनी विवाद या पारिवारिक रंजिश का परिणाम हो सकती है। गांव में कुछ लोगों से उनके पुराने मतभेद थे, लेकिन कभी यह अंदेशा नहीं था कि मामला इतना हिंसक मोड़ ले लेगा। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि किन-किन लोगों से पीड़ित के संबंध खराब थे और क्या उन्हीं में से किसी ने हत्या की साजिश रची।

कब होगी इंसाफ की घड़ी? इलाके में बेचैनी

पूरे गांव और आसपास के इलाके में लोग इस जघन्य हत्या को लेकर गुस्से में हैं। सभी की मांग है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन कार्रवाई करता, तो शायद एक मासूम बच्ची अपने पिता को अपनी आंखों के सामने मरते हुए न देखती।

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