देवरिया में 5 साल से पाली जा रही बिल्ली ‘हूर’ लापता, परिवार ने FIR दर्ज कराई, पोस्टर लगाए और 10 हजार इनाम घोषित किया।
देवरिया की न्यू कॉलोनी से शुरू हुई एक अनोखी तलाश
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में इन दिनों एक पालतू बिल्ली की गुमशुदगी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। मामला शहर की न्यू कॉलोनी का है, जहां रहने वाले युसूफ चिश्ती के परिवार की पालतू सफेद बिल्ली अचानक लापता हो गई। इस बिल्ली का नाम ‘हूर’ है और बीते पांच वर्षों से वह परिवार का हिस्सा थी। हूर के अचानक गायब होने के बाद परिवार का दर्द केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़कों, चौराहों और सोशल मीडिया तक फैल गया। शहर भर में पोस्टर लगवाए गए, जिनमें साफ लिखा गया कि जो भी हूर को सुरक्षित खोजकर लाएगा, उसे 10 हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
पांच साल पुराना रिश्ता, जो पालतू से परिवार तक पहुंचा
हूर कोई साधारण पालतू जानवर नहीं थी, बल्कि युसूफ चिश्ती की बेटी एमन के लिए परिवार के सदस्य जैसी थी। एमन को बचपन से ही जानवरों से बेहद लगाव रहा है। दिल्ली में रहने वाले एक करीबी दोस्त से उसने सफेद रंग की इस बिल्ली को गोद लिया था और उसे अपने साथ देवरिया ले आई थी। उस समय एमन के पास पहले से एक भूरे रंग की बिल्ली भी थी, ताकि दोनों साथ खेल सकें और अकेलापन महसूस न हो। धीरे-धीरे दोनों बिल्लियां घर की दिनचर्या का हिस्सा बन गईं। घर के हर कोने में उनकी मौजूदगी महसूस होती थी और परिवार के हर सदस्य की दिनचर्या हूर के इर्द-गिर्द घूमने लगी थी।
20 दिसंबर की वो तारीख, जब सब कुछ बदल गया
परिवार के अनुसार 20 दिसंबर की सुबह सब कुछ सामान्य था। हूर रोज की तरह घर में घूम रही थी, खाना खाया और फिर कहीं चली गई। आमतौर पर वह कुछ देर बाद लौट आती थी, लेकिन उस दिन शाम ढल गई और हूर वापस नहीं आई। पहले परिवार को लगा कि शायद वह आसपास ही कहीं होगी, लेकिन जब पूरी रात बीत गई और अगले दिन भी कोई सुराग नहीं मिला, तो चिंता गहराने लगी। आसपास के घरों, गलियों और छतों तक तलाश की गई, लेकिन हूर का कोई पता नहीं चला।
तलाश से शुरू हुई उम्मीद, उम्मीद से पोस्टर तक
जब परिवार की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं, तो उन्होंने शहर में पोस्टर लगवाने का फैसला किया। देवरिया की गलियों, दुकानों, बिजली के खंभों और चौराहों पर हूर की तस्वीर वाले पोस्टर दिखाई देने लगे। पोस्टरों में साफ लिखा गया कि हूर सफेद रंग की पालतू बिल्ली है, जो अगर किसी को दिखे या मिले तो तुरंत दिए गए नंबर पर संपर्क करें। पोस्टर में 10 हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी किया गया, ताकि लोग गंभीरता से तलाश में सहयोग करें। यह दृश्य आम लोगों के लिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि आमतौर पर गुमशुदगी के पोस्टर इंसानों के लिए लगाए जाते हैं, लेकिन यहां एक बिल्ली के लिए पूरे शहर में अभियान चल रहा था।
पुलिस तक पहुंचा मामला, दर्ज हुई गुमशुदगी रिपोर्ट
परिवार ने केवल पोस्टरों तक ही सीमित न रहते हुए स्थानीय थाने में बिल्ली की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर औपचारिक कार्रवाई शुरू की। हालांकि यह मामला किसी अपराध की श्रेणी में नहीं आता, फिर भी पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू की और लोगों से जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला भले ही अनोखा लगे, लेकिन नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सोशल मीडिया पर भी शुरू हुई ‘हूर को खोजो’ मुहिम
शहर की सड़कों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी हूर की तलाश शुरू हो गई। स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम स्टोरीज में हूर की तस्वीरें शेयर की जाने लगीं। कई लोगों ने इसे इंसान और पालतू जानवर के बीच के भावनात्मक रिश्ते का उदाहरण बताया। कुछ लोगों ने परिवार की तारीफ की कि वे अपने पालतू जानवर को महज जानवर नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानते हैं।
लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया, कोई भावुक तो कोई हैरान
हूर की गुमशुदगी पर देवरिया के लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। कुछ लोगों ने इसे बेहद भावुक कर देने वाला मामला बताया और परिवार के दर्द को समझा। वहीं कुछ लोगों को यह अजीब भी लगा कि एक बिल्ली के लिए FIR और इनाम तक घोषित किया गया। हालांकि ज्यादातर लोग इस बात पर सहमत दिखे कि पालतू जानवरों के साथ लोगों का लगाव अब पहले से कहीं ज्यादा गहरा हो गया है।
जानवर और इंसान के रिश्ते की बदलती तस्वीर
यह घटना केवल एक बिल्ली की गुमशुदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पालतू जानवरों के प्रति बदलते नजरिए को भी दर्शाती है। पहले जहां पालतू जानवरों को केवल घर की रखवाली या मनोरंजन का साधन माना जाता था, वहीं अब उन्हें परिवार के सदस्य की तरह देखा जाने लगा है। उनके बीमार होने पर इलाज कराया जाता है, उनके लिए खास खाना और देखभाल की जाती है, और उनके खो जाने पर वैसा ही दर्द महसूस होता है, जैसा किसी अपने के बिछड़ने पर होता है।
परिवार की अपील, जिसने भी देखा हो बताए
युसूफ चिश्ती और उनकी बेटी एमन ने शहरवासियों से अपील की है कि अगर किसी को भी सफेद रंग की यह बिल्ली कहीं दिखाई दे, तो तुरंत सूचना दें। परिवार का कहना है कि हूर के वापस आ जाने से उन्हें सबसे बड़ी खुशी मिलेगी और इनाम की राशि भी बिना किसी हिचक के दी जाएगी। उनके अनुसार, पैसे से ज्यादा जरूरी है परिवार के उस सदस्य का वापस लौट आना, जो पांच सालों से उनके जीवन का हिस्सा रहा है।
अब भी जारी है तलाश, उम्मीद जिंदा है
घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन परिवार की उम्मीद अब भी कायम है। हर फोन कॉल पर दिल धड़कता है, हर संदेश में एक नई आस बंधती है। देवरिया की गलियों में लगे पोस्टर आज भी लोगों को हूर की याद दिला रहे हैं। यह मामला न सिर्फ शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि यह दिखाता है कि इंसान और जानवर के बीच का रिश्ता कितना गहरा और भावनात्मक हो सकता है। हूर की तलाश अब केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे शहर की सामूहिक उम्मीद बन चुकी है।


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