बरेली में न्यू ईयर मनाने जा रहे दो दोस्तों की ट्रैक्टर-ट्रॉली से भीषण टक्कर में मौत, नैनीताल हाईवे पर हादसे से मातम।
नए साल की खुशियों पर एक पल में फिरा मातम
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में नए साल का जश्न मनाने निकले दो जिगरी दोस्तों की खुशियां एक पल में मातम में बदल गईं। जिस सफर को दोनों युवक हंसी, उत्साह और नए साल की उमंग के साथ शुरू करके निकले थे, वही सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। बहेड़ी थाना क्षेत्र में नैनीताल हाईवे पर हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे ने न सिर्फ दो घरों के चिराग बुझा दिए, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। सड़क दुर्घटना, ट्रैक्टर-ट्रॉली की लापरवाही और हाईवे पर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
घर से निकलते वक्त चेहरे पर थी मुस्कान
मोहल्ला गोदाम, बहेड़ी के रहने वाले मोहम्मद सैफ और मोहम्मद महताब आपस में गहरे दोस्त थे। उम्र के इस पड़ाव पर जहां सपने आकार ले रहे होते हैं, वहीं दोनों दोस्तों ने नए साल की शुरुआत पहाड़ों की ठंडी हवाओं और नैनीताल की खूबसूरती के बीच करने का प्लान बनाया था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह दोनों युवक काफी खुश नजर आ रहे थे। घर से निकलते वक्त उन्होंने जल्दी लौटने और नए साल की शुभकामनाएं देने की बात कही थी। किसी को जरा भी अंदेशा नहीं था कि यही मुस्कान हमेशा के लिए आखिरी होगी।
नैनीताल जाने की तैयारी और अधूरा रह गया सपना
नए साल पर नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल पर जाने का सपना आजकल युवाओं में आम है। मोहम्मद सैफ और मोहम्मद महताब भी इसी उत्साह में बाइक से नैनीताल के लिए निकले थे। दोनों ने हेलमेट पहना हुआ था और सामान्य सावधानी भी बरत रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि शाम तक दोनों की सकुशल वापसी होगी और नए साल की खुशियां घर लौटेंगी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। नैनीताल हाईवे पर मुंडिया टोल प्लाजा से पहले उनकी बाइक एक ऐसे हादसे का शिकार हुई, जिसने सब कुछ खत्म कर दिया।
नैनीताल हाईवे पर पल भर में मचा कोहराम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित हो गई। भारी वाहन होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रॉली सीधे बाइक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक कई फीट दूर जा गिरे। सड़क पर खून बिखर गया और कुछ ही सेकेंड में वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीर कुछ समझ पाते, उससे पहले ही दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हेलमेट के बावजूद नहीं बच सकी जान
हादसे के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि आखिर हेलमेट पहनने के बावजूद युवकों की जान क्यों नहीं बच सकी। जानकारों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे भारी वाहन की टक्कर में अक्सर सीने और अंदरूनी अंगों में गंभीर चोटें आती हैं। बाइक की रफ्तार और सामने से आ रहे भारी वाहन के कारण टक्कर का असर जानलेवा साबित हुआ। दोनों युवकों को सीने में गंभीर चोटें आईं, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। यह हादसा एक बार फिर बताता है कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ भारी वाहनों की लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है।
हादसे के बाद चालक फरार, पुलिस अलर्ट
हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद बहेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही सामने आ रही है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी फरार चालक की तलाश की जा रही है।
सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा और प्रशासन की जिम्मेदारी
यह हादसा कोई पहला मामला नहीं है, जब ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे भारी वाहन हाईवे पर जानलेवा साबित हुए हों। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण इलाकों से निकलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना किसी सुरक्षा मानक के हाईवे पर दौड़ते हैं। न तो उनमें रिफ्लेक्टर होते हैं और न ही कई बार चालक यातायात नियमों का पालन करते हैं। बरेली-नैनीताल हाईवे पर पहले भी कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। यह घटना प्रशासन और यातायात व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
मोहल्ला गोदाम में पसरा सन्नाटा
जैसे ही हादसे की खबर मोहल्ला गोदाम पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया। दोनों युवकों के घरों में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हालत में हैं और किसी को यकीन नहीं हो रहा कि जिन बेटों को उन्होंने हंसते-खेलते घर से विदा किया था, वे अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। मोहम्मद सैफ और मोहम्मद महताब को मोहल्ले में बेहद शरीफ, मिलनसार और मेहनती युवक बताया जाता था। उनकी अचानक मौत से हर आंख नम है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मोहम्मद सैफ के पिता सलीम और मोहम्मद महताब के पिता लईक अहमद का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार वालों का कहना है कि दोनों युवक घर की उम्मीद थे। नए साल के जश्न की जगह अब घरों में मातम पसरा है। मां-बाप अपने बच्चों की तस्वीरें सीने से लगाए बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर उनकी क्या गलती थी। पूरे मोहल्ले के लोग शोक में डूबे हुए हैं और सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर इरादतन हत्या के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईवे पर किस स्थिति में चल रही थी और क्या उसके पास जरूरी कागजात थे या नहीं। इस मामले में परिवहन विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
नए साल पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं
हर साल नए साल के आसपास सड़क दुर्घटनाओं के मामले बढ़ जाते हैं। लोग घूमने-फिरने निकलते हैं, रफ्तार बढ़ जाती है और कई बार भारी वाहन नियमों की अनदेखी करते हैं। बरेली का यह हादसा भी उसी कड़ी का हिस्सा बन गया है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हाईवे पर सख्त निगरानी और नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होगा, तब तक ऐसे हादसों पर लगाम लगाना मुश्किल है।
एक हादसा, कई सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ट्रैक्टर-ट्रॉली को हाईवे पर चलने की अनुमति थी। क्या चालक नशे में था या तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। क्या समय रहते प्रशासन ने हाईवे पर भारी वाहनों के लिए अलग लेन या नियम लागू किए होते, तो यह हादसा टल सकता था। इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन तब तक दो परिवारों का नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकेगा।
पूरे इलाके में शोक की लहर
मोहम्मद सैफ और मोहम्मद महताब की मौत की खबर फैलते ही पूरे बरेली जिले में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग इस हादसे को नए साल की सबसे दुखद खबर बता रहे हैं। हर कोई यही कह रहा है कि एक पल की लापरवाही ने दो जिंदगियां छीन लीं। यह घटना एक कड़वा सच है कि सड़क पर जरा सी चूक कितनी भारी पड़ सकती है।
दर्दनाक याद बन गया नया साल
जिस नए साल का स्वागत खुशियों, उत्साह और उमंग के साथ होना था, वही नया साल इन दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। मोहम्मद सैफ और मोहम्मद महताब की कहानी हर उस परिवार को झकझोर देती है, जो अपने बच्चों को सुरक्षित मानकर घर से बाहर भेजता है। यह हादसा एक चेतावनी भी है कि सड़क पर निकलते वक्त सावधानी और नियमों का पालन कितना जरूरी है।
जांच जारी, इंसाफ की उम्मीद
फिलहाल पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है और परिजन इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि दोषी को सख्त सजा मिल सके। यह उम्मीद की जा रही है कि इस हादसे के बाद प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर कुछ ठोस कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।


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