अब सिर्फ एक घंटे में लखनऊ से सीतापुर! NH-24 हाईवे होगा सिक्स लेन, NHAI ने तैयार किया मेगा प्लान; नहीं करनी पड़ेगी नई जमीन अधिग्रहण!


लखनऊ-सीतापुर NH-24 हाईवे को NHAI 6 लेन बनाएगा, यात्रा समय घटेगा डेढ़ घंटे, रोजाना 40 हजार वाहनों को जाम से राहत मिलेगी।

अब तेज और आसान सफर: लखनऊ से सीतापुर सिर्फ एक घंटे में

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सीतापुर तक का सफर अब पहले से कहीं तेज और आरामदायक होने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नेशनल हाईवे-24 को चार लेन से छह लेन में चौड़ा करने का फैसला लिया है। लगभग 80 से 90 किलोमीटर लंबा यह मार्ग राज्य की राजधानी को उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से जोड़ता है। अब इस सड़क पर वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों में बड़ा सुधार होगा।

NH-24 का महत्व और मौजूदा स्थिति

NH-24 लखनऊ को सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद और दिल्ली जैसे बड़े शहरों से जोड़ता है। फिलहाल यह मार्ग चार लेन का है, और रोजाना इस पर 40,000 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
भारी ट्रैफिक और संकरी लेन के कारण यहां अक्सर लंबे जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती रहती है। खासकर मालवाहक ट्रक और बसों की अधिकता ने यात्रा को समय-साध्य बना दिया है। मौजूदा स्थिति में यह यात्रा दो से ढाई घंटे में पूरी होती है, लेकिन सिक्स लेन बन जाने के बाद यह समय घटकर केवल एक से डेढ़ घंटे रह जाएगा।

NHAI का मास्टर प्लान: 1 से 1.5 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

NHAI ने इस प्रोजेक्ट को फास्ट ट्रैक पर रखा है। अधिकारियों के अनुसार, इस हाईवे के चौड़ीकरण में नई भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि सड़क के दोनों ओर पहले से ही पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।
इसी वजह से प्रोजेक्ट की कुल लागत कम रहेगी और इसे 12 से 18 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल प्राधिकरण ने सर्वे और प्रारंभिक अध्ययन पूरा कर लिया है, और अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। DPR तैयार होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

लागत में भारी कमी, समय की बचत

चूंकि परियोजना में भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा रहा, इसलिए सरकार को न तो किसानों से नई जमीन खरीदनी पड़ेगी और न ही मुआवजा देना होगा। इससे परियोजना की कुल लागत में लगभग 30% की बचत होगी।
इसके अलावा, निर्माण के दौरान मौजूदा ट्रैफिक को बिना बाधित किए साइड लेन बनाकर काम पूरा करने की योजना है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।

यात्रा समय में भारी कमी, ट्रैफिक से राहत

NHAI के अधिकारियों का कहना है कि 6 लेन बनने के बाद इस हाईवे पर यात्रा समय में डेढ़ घंटे तक की कमी आएगी। रोजाना 40,000 से अधिक वाहन, जिनमें निजी कारें, ट्रक, बसें और लॉजिस्टिक कंपनियों के वाहन शामिल हैं, अब बिना रुकावट यात्रा कर सकेंगे।
इससे इंधन की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी।

टोल प्लाजा पर लगेगी हाईटेक मशीनें

इस प्रोजेक्ट में मामपुर इंटौजा टोल प्लाजा को भी आधुनिक बनाया जाएगा। वर्तमान में यह टोल एक निजी कंपनी के पास है, जिसकी अवधि अप्रैल 2026 में समाप्त होगी।
इसके बाद टोल का संचालन NHAI स्वयं करेगा और यहां अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीनें, तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्वचालित FASTag गेट लगाए जाएंगे। इससे वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगेंगी और समय की बचत होगी।

बढ़ता ट्रैफिक बना मुख्य कारण

पिछले 15 वर्षों में लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर वाहनों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। भारी वाहनों, निजी कारों और दोपहिया वाहनों की भीड़ से सड़क की क्षमता पर लगातार दबाव बढ़ता गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर जल्द सड़क चौड़ीकरण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में यह मार्ग राज्य के सबसे जामग्रस्त हाईवे में बदल सकता है। इसलिए NHAI ने इस रूट को प्राथमिकता परियोजना के रूप में चुना है।

सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी का लक्ष्य

अधिकतर दुर्घटनाएँ NH-24 पर मोड़ों और संकरे हिस्सों में होती रही हैं। अब चौड़ीकरण के साथ-साथ सड़क की डिजाइन को भी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुसार तैयार किया जाएगा।
इसमें क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टिव रोड साइन, स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम और इमरजेंसी हेल्पलाइन पॉइंट्स भी जोड़े जाएंगे। इसके अलावा सड़क किनारे ड्राइवर रेस्ट एरिया और पेट्रोलिंग टीम की व्यवस्था की जाएगी ताकि दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता मिल सके।

स्थानीय लोगों और व्यापार को बड़ा फायदा

यह हाईवे सिर्फ यात्रा को आसान नहीं करेगा बल्कि लखनऊ, सीतापुर, महमूदाबाद और हरदोई जैसे जिलों के किसानों और व्यापारियों के लिए भी वरदान साबित होगा।
फसल, दूध, सब्जियों और औद्योगिक माल की ढुलाई अब पहले से तेज और सस्ती होगी।
ट्रैफिक की सुगमता से टूरिज्म सेक्टर को भी लाभ होगा, क्योंकि लखनऊ से नैमिषारण्य, लहरपुर और अन्य तीर्थस्थल तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा।

विशेषज्ञों की राय

परिवहन विशेषज्ञों के मुताबिक, छह लेन बनने से NH-24 पर वाहन क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी। इससे राज्य की GDP में सालाना 0.3% की वृद्धि संभव है।
साथ ही, ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलने पर हर दिन औसतन 10,000 लीटर ईंधन की बचत और पर्यावरणीय प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।

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