दिल्ली एयरपोर्ट पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर विजय गोयल ने जताई चिंता, बोले यात्रियों की सुरक्षा और छवि दोनों खतरे में
दिल्ली एयरपोर्ट पर कुत्तों का कब्ज़ा: पूर्व मंत्री विजय गोयल का तीखा सवाल
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर इन दिनों एक असामान्य दृश्य देखने को मिल रहा है—हर जगह आवारा कुत्तों की मौजूदगी। यात्रियों के बीच घूमते, खाना सूंघते और फास्ट फूड काउंटरों के पास मंडराते कुत्तों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इसी मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने चिंता जताई है और इसे “देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे के लिए चिंताजनक” बताया है।
विजय गोयल का पोस्ट वायरल: “हर तरफ कुत्ते ही कुत्ते”
आवारा कुत्तों का मुद्दा पहले भी उठा चुके हैं गोयल
दो विदेशी कोचों पर कुत्तों के हमले से बढ़ी चिंता
“सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो”
विजय गोयल ने अपने पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने निर्देश दिया था कि “दिल्ली और एनसीआर में 8 हफ्तों के भीतर सभी आवारा कुत्तों को सुरक्षित शेल्टर में शिफ्ट किया जाए।” उन्होंने कहा कि यह आदेश केवल कागज़ों में नहीं रहना चाहिए बल्कि जमीन पर भी लागू होना चाहिए। उन्होंने इसे “दिल्ली-NCR को कुत्तों के आतंक से मुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला” बताया और प्रशासन से उसके पालन की मांग की।
“समस्या हो तो पुलिस को शिकायत करें”
दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी पर उठे सवाल
यात्रियों में डर और असुविधा
दिल्ली एयरपोर्ट से रोजाना हजारों देशी और विदेशी यात्री गुजरते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की चूक चिंता का विषय है। यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट परिसर में कुत्तों का इस तरह घूमना न केवल असुरक्षित है बल्कि स्वच्छता और प्रोटोकॉल के भी खिलाफ है। कुछ यात्रियों ने शिकायत की कि बच्चों के साथ यात्रा करने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है क्योंकि बच्चे डर जाते हैं।
नगर निगम और एयरपोर्ट प्रशासन की लापरवाही?
दिल्ली नगर निगम (MCD) और एयरपोर्ट प्रशासन के बीच जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी सुस्त दिख रही है। MCD का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र उनकी सीमा में नहीं आता, जबकि एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि परिसर के बाहर का नियंत्रण नगर निगम के पास है। इस तरह की “जिम्मेदारी टालने” की प्रवृत्ति ही समस्या को बढ़ा रही है।
क्या होगा समाधान?
विजय गोयल ने सुझाव दिया कि दिल्ली जैसे महानगर में ‘एनिमल शेल्टर’ की संख्या बढ़ाई जाए और पशु चिकित्सकों की टीम हर जिले में नियुक्त की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक नसबंदी, टीकाकरण और शेल्टर व्यवस्था मज़बूत नहीं होगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता, प्रशासन और NGOs को मिलकर काम करना होगा तभी संतुलित समाधान निकलेगा।
देश की राजधानी के लिए शर्मनाक स्थिति
दिल्ली एयरपोर्ट देश की राजधानी का प्रवेश द्वार है, जहां से रोजाना हजारों विदेशी यात्री गुजरते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट पर कुत्तों की मौजूदगी भारत की छवि को धूमिल करती है। विजय गोयल ने कहा कि अगर इस तरह के दृश्य दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक पर दिखेंगे, तो यह न केवल सुरक्षा की विफलता है बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी भी दर्शाता है।
टी3 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर अंदर और बाहर हर जगह कुत्ते ही कुत्ते! 🐕बच्चों और यात्रियों पर भौंकते, खाने के पैकेट सूँघते और फास्ट फूड काउंटरों के आसपास घूमते हुए करीब 12–14 कुत्ते मेट्रो गेट और एस्केलेटर के पास दिखाई दे रहे थे।ऐसा दृश्य देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में… pic.twitter.com/bn8vMfyfVb— Vijay Goel (@VijayGoelBJP) October 22, 2025
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की इस पोस्ट ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी और नगर निगम इस पर क्या ठोस कदम उठाते हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक हवाई अड्डे की नहीं, बल्कि देश की साख से जुड़ी बात है। यात्रियों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।


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