दिल्ली एयरपोर्ट बना डॉग जोन! विजय गोयल बोले—“हर तरफ कुत्ते ही कुत्ते”, यात्रियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल




दिल्ली एयरपोर्ट पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर विजय गोयल ने जताई चिंता, बोले यात्रियों की सुरक्षा और छवि दोनों खतरे में


दिल्ली एयरपोर्ट पर कुत्तों का कब्ज़ा: पूर्व मंत्री विजय गोयल का तीखा सवाल

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर इन दिनों एक असामान्य दृश्य देखने को मिल रहा है—हर जगह आवारा कुत्तों की मौजूदगी। यात्रियों के बीच घूमते, खाना सूंघते और फास्ट फूड काउंटरों के पास मंडराते कुत्तों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इसी मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने चिंता जताई है और इसे “देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे के लिए चिंताजनक” बताया है।

विजय गोयल का पोस्ट वायरल: “हर तरफ कुत्ते ही कुत्ते”

विजय गोयल ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया जिसमें उन्होंने लिखा—“टी3 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर अंदर और बाहर हर जगह कुत्ते ही कुत्ते! बच्चों और यात्रियों पर भौंकते, खाने के पैकेट सूंघते और फास्ट फूड काउंटरों के आसपास घूमते हुए करीब 12-14 कुत्ते मेट्रो गेट और एस्केलेटर के पास दिखाई दे रहे थे।”
उन्होंने आगे लिखा कि यह दृश्य न केवल शर्मनाक है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता पर सवाल खड़ा करता है। गोयल ने कहा कि इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

आवारा कुत्तों का मुद्दा पहले भी उठा चुके हैं गोयल

यह पहली बार नहीं है जब विजय गोयल ने आवारा कुत्तों की समस्या को उठाया है। इससे पहले भी वे कई बार इस विषय पर पोस्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि “आवारा कुत्तों की समस्या केवल एक प्रशासनिक या नगर निगम की समस्या नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक और मानवीय मुद्दा है।”
गोयल ने जोर दिया कि इन कुत्तों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित शेल्टर होम में रखा जाना चाहिए, जहां उनका टीकाकरण, नसबंदी और देखभाल हो सके। उन्होंने कहा कि अगर सही व्यवस्था हो तो ये न काटेंगे, न ही लोगों को डराएंगे, बल्कि सम्मानपूर्वक जीवन जी सकेंगे।

दो विदेशी कोचों पर कुत्तों के हमले से बढ़ी चिंता

विजय गोयल ने अपने पोस्ट में हाल ही की एक घटना का भी उल्लेख किया जिसमें दो विदेशी कोचों पर आवारा कुत्तों ने हमला किया था। उन्होंने लिखा, “ऐसी घटनाएं न केवल लोगों के लिए खतरनाक हैं बल्कि इससे देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी ठेस पहुंचती है। विदेशी मेहमानों को इस तरह की असुरक्षित स्थिति में देखना भारत जैसे देश की प्रतिष्ठा के लिए अच्छा संदेश नहीं देता।”
उन्होंने कहा कि सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी को इस विषय पर तुरंत एक्शन लेना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

“सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो”

विजय गोयल ने अपने पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने निर्देश दिया था कि “दिल्ली और एनसीआर में 8 हफ्तों के भीतर सभी आवारा कुत्तों को सुरक्षित शेल्टर में शिफ्ट किया जाए।” उन्होंने कहा कि यह आदेश केवल कागज़ों में नहीं रहना चाहिए बल्कि जमीन पर भी लागू होना चाहिए। उन्होंने इसे “दिल्ली-NCR को कुत्तों के आतंक से मुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला” बताया और प्रशासन से उसके पालन की मांग की।

“समस्या हो तो पुलिस को शिकायत करें”

विजय गोयल ने 3 सितंबर के अपने एक पुराने पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था—“पिछले 3 साल से हम आवारा कुत्तों की समस्या पर आवाज उठा रहे हैं। सिर्फ दिल्ली में रोज़ाना करीब 2000 डॉग-बाइट केस दर्ज होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रीट फीडिंग पर रोक लगाई है, फिर भी कुछ लोग इसे लेकर जिद कर रहे हैं। अगर समस्या हो तो पुलिस को शिकायत करें या 8800001412 पर संदेश भेजें।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब लोगों को इस विषय पर जागरूकता के साथ ठोस कदम उठाने होंगे।

दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी पर उठे सवाल

पूर्व मंत्री की पोस्ट के बाद अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने हाई सिक्योरिटी ज़ोन में आवारा कुत्ते कैसे पहुंच रहे हैं। यात्रियों ने भी सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट पर कुत्तों के वीडियो और तस्वीरें शेयर की हैं।
कुछ यात्रियों ने लिखा कि एयरपोर्ट के प्रवेश द्वारों और लगेज एरिया तक में कुत्ते घूमते नजर आए। वहीं कुछ ने बताया कि रात के समय यात्रियों को डराने वाली घटनाएं भी हो रही हैं।

यात्रियों में डर और असुविधा

दिल्ली एयरपोर्ट से रोजाना हजारों देशी और विदेशी यात्री गुजरते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में इस तरह की चूक चिंता का विषय है। यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट परिसर में कुत्तों का इस तरह घूमना न केवल असुरक्षित है बल्कि स्वच्छता और प्रोटोकॉल के भी खिलाफ है। कुछ यात्रियों ने शिकायत की कि बच्चों के साथ यात्रा करने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है क्योंकि बच्चे डर जाते हैं।

नगर निगम और एयरपोर्ट प्रशासन की लापरवाही?

दिल्ली नगर निगम (MCD) और एयरपोर्ट प्रशासन के बीच जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी सुस्त दिख रही है। MCD का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र उनकी सीमा में नहीं आता, जबकि एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि परिसर के बाहर का नियंत्रण नगर निगम के पास है। इस तरह की “जिम्मेदारी टालने” की प्रवृत्ति ही समस्या को बढ़ा रही है।

क्या होगा समाधान?

विजय गोयल ने सुझाव दिया कि दिल्ली जैसे महानगर में ‘एनिमल शेल्टर’ की संख्या बढ़ाई जाए और पशु चिकित्सकों की टीम हर जिले में नियुक्त की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक नसबंदी, टीकाकरण और शेल्टर व्यवस्था मज़बूत नहीं होगी, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता, प्रशासन और NGOs को मिलकर काम करना होगा तभी संतुलित समाधान निकलेगा।

देश की राजधानी के लिए शर्मनाक स्थिति

दिल्ली एयरपोर्ट देश की राजधानी का प्रवेश द्वार है, जहां से रोजाना हजारों विदेशी यात्री गुजरते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट पर कुत्तों की मौजूदगी भारत की छवि को धूमिल करती है। विजय गोयल ने कहा कि अगर इस तरह के दृश्य दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक पर दिखेंगे, तो यह न केवल सुरक्षा की विफलता है बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता की कमी भी दर्शाता है।


प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल की इस पोस्ट ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी और नगर निगम इस पर क्या ठोस कदम उठाते हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक हवाई अड्डे की नहीं, बल्कि देश की साख से जुड़ी बात है। यात्रियों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

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