लखनऊ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट टेकऑफ से पहले हादसे का शिकार होने से बची। डिंपल यादव समेत 151 यात्री थे सवार, कैप्टन की सतर्कता से टला बड़ा हादसा।
लखनऊ एयरपोर्ट पर हादसे से बाल-बाल बचे यात्री
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार दोपहर बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E2111, जो दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी, उड़ान भरने से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। विमान में समाजवादी पार्टी की सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सहित कुल 151 यात्री सवार थे। घटना के समय विमान रनवे पर पूरी रफ्तार से दौड़ रहा था, लेकिन पर्याप्त थ्रस्ट न मिलने के कारण टेकऑफ संभव नहीं हो पाया और कैप्टन ने अंतिम क्षणों में समझदारी दिखाते हुए विमान को रनवे पर ही रोक दिया।
विमान टेकऑफ से पहले क्यों हुआ असफल
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार यह फ्लाइट सुबह 11 बजे रवाना होने वाली थी। रनवे पर विमान ने रफ्तार पकड़नी शुरू की, तभी असमान्य आवाज सुनाई दी। यात्रियों ने भी झटके को महसूस किया। जानकारी के अनुसार, विमान को आवश्यक थ्रस्ट नहीं मिल रहा था, जिसकी वजह से वह हवा में उठ नहीं सका। यह स्थिति अत्यंत खतरनाक हो सकती थी क्योंकि विमान पहले ही काफी गति प्राप्त कर चुका था। कैप्टन ने तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगाए और विमान को रनवे के आखिरी छोर से ठीक पहले रोक लिया। इस समझदारी ने एक बड़े हादसे को होने से बचा लिया।
यात्रियों में फैली दहशत और डिंपल यादव की मौजूदगी
विमान में मौजूद यात्रियों ने उस समय के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पूरे विमान में अचानक सनसनी और दहशत फैल गई थी। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी इस फ्लाइट में थीं, जो दिल्ली में पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने जा रही थीं। उनके साथ सपा नेता और पूर्व मंत्री पंडित सिंह के भतीजे सूरज सिंह भी मौजूद थे। सूरज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उस वक्त उन्हें लगा कि अब कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन कैप्टन की बहादुरी ने सभी को सुरक्षित बचा लिया।
इंडिगो की सफाई और यात्रियों के लिए व्यवस्था
इंडिगो एयरलाइंस ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कैप्टन की त्वरित कार्रवाई की वजह से कोई अनहोनी नहीं हुई। प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट्स उपलब्ध कराई जा रही हैं और चाहने वालों को पूर्ण रिफंड का विकल्प भी दिया जा रहा है। एयरलाइन ने इस तकनीकी खराबी की जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी कोई स्थिति न बने।
DGCA ने शुरू की जांच
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि विमान के इंजन या अन्य तकनीकी हिस्से में खराबी आने की संभावना है। DGCA इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह तकनीकी फॉल्ट कैसे हुआ और इसमें किसकी जिम्मेदारी बनती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने रनवे का निरीक्षण किया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी प्रक्रियाओं को फॉलो किया गया।
यात्रियों का अनुभव और राहत की सांस
विमान में मौजूद यात्रियों ने बताया कि उस समय हर कोई डरा हुआ था, लेकिन क्रू मेंबर्स ने पेशेवर तरीके से सभी को शांत रखा। सभी यात्रियों को सुरक्षित विमान से उतारा गया। यात्रियों ने कैप्टन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जिस तरह त्वरित निर्णय लेकर विमान को नियंत्रित किया, वह बेहद सराहनीय है। उनकी बहादुरी ने 151 जिंदगियां बचा लीं।
तकनीकी खराबियों और एविएशन सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर विमानन क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। तकनीकी खराबी के कारण अगर कैप्टन समय पर कदम न उठाते तो यह हादसा बेहद गंभीर हो सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन तकनीकी मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। यात्रियों का भरोसा बनाए रखने के लिए एयरलाइंस को हर बार यह साबित करना होगा कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।
लखनऊ एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट 6E2111 के साथ हुई यह घटना यात्रियों के लिए किसी डरावने अनुभव से कम नहीं थी। डिंपल यादव जैसी वीआईपी यात्री समेत सभी 151 लोग सुरक्षित बच गए, यह कैप्टन और उनकी टीम की सतर्कता का ही परिणाम है। फिलहाल DGCA जांच कर रहा है और उम्मीद है कि इसके बाद एयरलाइंस इस तरह की तकनीकी गड़बड़ियों पर और कड़ा नियंत्रण रखेगी। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि विमानन सुरक्षा में कोई भी लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।


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