झांसी में पूर्व प्रधान ने प्रेमिका रचना यादव की गला दबाकर हत्या की, शव टुकड़े कर बोरियों में भरा, पुलिस ने दो गिरफ्तार किए
झांसी में सनसनीखेज हत्या का खुलासा
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में 13 अगस्त को तब सनसनी फैल गई जब टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र में बोरियों में मिली महिला की लाश ने पूरे इलाके को दहला दिया। जांच के बाद मृतका की पहचान टीकमगढ़ निवासी 32 वर्षीय रचना यादव के रूप में हुई। रचना की हत्या उसके ही प्रेमी, महेवा गांव के पूर्व प्रधान संजय पटेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं था, बल्कि एक प्रेम कहानी का ऐसा खौफनाक अंत था जिसने रिश्तों की सच्चाई को शर्मसार कर दिया।
कैसे बनी दोस्ती से खौफनाक मोहब्बत
रचना यादव शादीशुदा थी लेकिन पढ़ाई और आना-जाना के दौरान उसकी दोस्ती पूर्व प्रधान संजय पटेल से हुई। संजय राजनीति में सक्रिय था और गांव में उसका दबदबा भी था। दोस्ती धीरे-धीरे नजदीकी में बदली और फिर दोनों के बीच गुप्त प्रेम संबंध बन गए। रचना ने कुछ समय बाद संजय पर शादी का दबाव डालना शुरू किया, लेकिन संजय पहले से ही पारिवारिक और राजनीतिक दबावों में फंसा था। शादी का दबाव उसके लिए परेशानी बनता जा रहा था और यही दबाव हत्या की वजह बन गया।
हत्या की रात की खौफनाक साजिश
पुलिस की जांच में सामने आया कि 12 अगस्त की रात संजय ने अपने भतीजे संदीप पटेल और साथी प्रदीप अहिरवार के साथ मिलकर रचना को बुलाया। बातचीत के दौरान विवाद हुआ और गुस्से में तीनों ने मिलकर रचना का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद उन्हें डर था कि पुलिस तक मामला पहुंचेगा और पहचान उजागर हो जाएगी। इसलिए लाश को छुपाने के लिए आरोपियों ने उसे टुकड़ों में काटकर अलग-अलग बोरियों में भर दिया।
बोरियों से निकली हैवानियत की परतें
13 अगस्त की सुबह ग्रामीणों ने खेतों में पड़ी बोरियां देखीं। बदबू आने पर पुलिस को खबर दी गई। जब पुलिस ने बोरियों को खोला तो अंदर महिला का शव टुकड़ों में मिला। इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। DIG झांसी ने तुरंत 10 पुलिस टीमों का गठन कर जांच शुरू कराई। शव पर लगी मिट्टी और बोरियों की जांच ने पुलिस को घटनास्थल और आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता दिखाया।
पुलिस ने ऐसे खोला राज
पुलिस टीमों ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मिट्टी के नमूनों की मदद से आरोपियों की पहचान की। 48 घंटे के अंदर पुलिस ने संजय पटेल और संदीप पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की पूरी कहानी बताई। इस बीच प्रदीप अहिरवार फरार हो गया, जिस पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।
DIG का इनाम और पुलिस टीम की सराहना
DIG झांसी ने हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली टीम को 50 हजार रुपये का इनाम दिया। पुलिस के लिए यह केस चुनौतीपूर्ण था क्योंकि शव की हालत पहचान योग्य नहीं थी। लेकिन पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंचा जा सका।
प्रेम कहानी का खौफनाक अंत
यह मामला केवल एक हत्या का नहीं बल्कि उस रिश्ते का है जिसमें प्यार और भरोसे की जगह दबाव और धोखे ने ले ली। रचना यादव की मौत ने यह साबित कर दिया कि जब रिश्तों में स्वार्थ और डर हावी हो जाते हैं, तो अंजाम केवल खून और तबाही होता है। झांसी का यह हत्याकांड समाज के लिए एक चेतावनी है कि छुपे हुए रिश्ते किस तरह इंसान की जिंदगी को बर्बाद कर सकते हैं।
आगे की कार्रवाई और जांच
पुलिस अब फरार आरोपी प्रदीप की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। वहीं, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है। गांव में घटना के बाद सन्नाटा पसरा है और लोग अभी तक इस बर्बर हत्या को लेकर सहमे हुए हैं।


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