शादी से पहले ही तय था कत्ल! 59 हजार में दोस्त जुटे, कामाख्या मंदिर बहाने से ले गई और फिर खाई में फेंक दी राजा की लाश



राजा रघुवंशी की हत्या का सच आया सामने, शादी से 11 दिन पहले बना था प्लान, सोनम और राज के प्यार में मौत की कहानी उजागर


मास्टरमाइंड बना प्रेमी राज, सोनम बनी पार्टनर

मेघालय पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि राजा रघुवंशी की हत्या एक प्री-प्लान्ड मर्डर थी। पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक स्येम ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सोनम की शादी से 11 दिन पहले ही राज कुशवाहा ने यह हत्या प्लान कर ली थी। इस केस में कोई सुपारी नहीं दी गई, बल्कि तीनों आरोपी राज के दोस्त थे, जिनमें एक उसका चचेरा भाई है। दोस्ती में उन्होंने मर्डर को अंजाम दिया।

फरवरी में बना दोहरा प्लान, शादी से बचने की थी कोशिश

सोनम और राज ने फरवरी में दो मर्डर प्लान बनाए थे। पहला- सोनम किसी नदी किनारे घूमने के बहाने जाएगी और वहां से ‘गायब’ हो जाएगी ताकि लगे वह नदी में बह गई। दूसरा- किसी अन्य की हत्या कर उसे जला दिया जाएगा और सबको लगेगा कि सोनम मारी गई है। लेकिन दोनों प्लान फेल हुए और सोनम को शादी करनी पड़ी।

11 मई को शादी, 19 मई को पहुंचे आरोपी

सोनम और राजा की शादी 11 मई को हुई। फिर कामाख्या मंदिर के दर्शन के बहाने सोनम राजा को गुवाहाटी लाई। 19 मई को आकाश, आनंद और विशाल गुवाहाटी पहुंच गए थे। वहां मर्डर की पहली कोशिश की गई, लेकिन असफल रहे। फिर सोनम ने प्लान किया कि सोहरा यानी चेरापूंजी चलना चाहिए।

हत्या का दिन: 23 मई को फॉल्स के पास वारदात

23 मई को सोनम और राजा सोहरा के वेईसावडॉन्ग फॉल्स गए। दोपहर 2:00 बजे से 2:18 बजे के बीच जब राजा टॉयलेट गया, तब तीनों आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। मौके पर सोनम भी मौजूद थी। लाश को खाई में फेंका गया और सभी आरोपी भाग निकले।

खून छिपाने के लिए रेनकोट, नकली स्क्रिप्ट तैयार

सोनम ने अपना रेनकोट आरोपी आकाश को दे दिया, ताकि वह अपने खून से सने कपड़े छिपा सके। फिर स्कूटी पर AV पॉइंट तक पहुंचे और वहां से अलग-अलग रास्ते पकड़ लिए। सोनम को बुर्का पहनाकर सिलीगुड़ी भेजा गया ताकि वह ‘किडनैप पीड़िता’ की स्क्रिप्ट प्ले कर सके।

बुर्का पहनकर सोनम ने तय किया लंबा सफर

सोनम सिलीगुड़ी से पटना, फिर आरा, लखनऊ और अंत में इंदौर पहुंची। वहां वह 26 मई से 8 जून तक रही। इस दौरान पुलिस को गुमराह करने की प्लानिंग चलती रही। गाइड के बयान से पुलिस को शक हुआ कि साथ में तीन और लोग थे। इसी से पुलिस की जांच आगे बढ़ी।

राज की सलाह: पीड़िता बनो, किडनैपिंग का ड्रामा करो

राज ने सोनम को सलाह दी कि वह अपने परिवार को फोन कर कहे कि उसे किडनैप किया गया था और वह किसी तरह बच निकली। इस कहानी से वह राजा की हत्या से खुद को अलग साबित करना चाहती थी। लेकिन पुलिस पहले ही ट्रैक पर थी और सच्चाई सामने आने लगी।

59 हजार में मौत का सौदा, दोस्त बने हत्यारे

एसपी ने बताया कि इस केस में कोई बड़ी रकम नहीं दी गई। केवल 59 हजार रुपए खर्च के लिए दिए गए थे। बाकी सब दोस्ती में किया गया। सुपारी किलिंग नहीं थी। राज ने अपने दोस्तों को भावनात्मक रूप से मैनुपुलेट किया और मर्डर में शामिल किया।

तीन बार फेल, चौथी बार मिला मौका

गुवाहाटी, नोंघरियाह और मावलखियात में तीन बार मर्डर की कोशिश नाकाम रही। चौथी बार वेईसावडॉन्ग फॉल्स पर प्लान सफल हुआ। लाश को खाई में फेंककर सब भाग निकले।

पुलिस रिमांड और चार्जशीट की तैयारी

सभी आरोपी आठ दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। सोनम के परिवार को जानकारी थी या नहीं, इसका जवाब जांच देगी। पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं और 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मामले में सोनम पार्टनर है, जबकि मास्टरमाइंड राज कुशवाहा ही है।

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