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UP Flood in Ganga: रात में शहरी आबादी में घुसा गंगा का पानी, मणिकर्णिका घाट से दिखा गंगा का बढ़ता जलस्तर, घाटों का सम्पर्क टूटा




वाराणसी। गंगा में बढ़ाव से तटवर्ती इलाकों में मचे दहशत के बीच रविवार की सुबह राहत की खबर है। सुबह 10 बजे के बाद जलस्तर में बढ़ाव रुक गया है। अब गंगा स्थिर हो गई हैं। केंद्रीय जल आयोग ने संभावना जतायी है कि आगामी घंटों में गंगा का घटाव शुरू हो सकता है। हालांकि उधर, रात तक दो सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव होने से बाढ़ का पानी गंगा किनारे के शहरी आबादी में घुसने लगा है। अस्सी नाला बैक फ्लो होने लगा है। सामने घाट के सामने स्थित ज्ञानप्रवाह नाले के मुहाने तक पानी पहुंच गया है। जलस्तर स्थिर होने से कॉलोनियों में पानी घुसने की अभी कोई संभावना नहीं दिख रही है। 

पहले से ही वरुणा में पलट प्रवाह होने  से करीब 60 से अधिक परिवार बाढ़ राहत शिविर में शरण लिये हैं। गंगा किनारे पूरी तरह स्नान, ध्यान व बोटिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित हो चुकी है। आयोग कार्यालय के मुताबिक सुबह 10 बजे का जलस्तर 69.77 मीटर है। जो चेतावनी बिंदू से महज आधा मीटर ही दूर है। चेतावनी बिंदू 70.26 और खतरा का निशान 71.26 मीटर पर है। रातभर पानी बढ़ने से चिरईगांव व चोलापुर ब्लॉक के क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती इलाकों के खेतों व आबादी में पानी घुस आया है। करीब 100 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल की फसलें व सब्जियां डूब चुकी हैं। बाढ़ के पानी का सबसे ज्यादा प्रभाव वरुणा के तटवर्ती इलाकों में है। 

कई परिवारों ने अपने घर-मकान को छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण लिये हैं। डीएम कौशल राज शर्मा ने नगर निगम, राजस्व विभाग, पुलिस और एनडीआरएफ की जवानों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करते हुए निगरानी करने के कड़े निर्देश दिये हैं। सामनेघाट नाला से पानी मारुति नगर कॉलोनी तक घुस आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी तरह से पानी बढ़ता रहेगा तो सोमवार तक मारुति नगर, काशी पुरम, गायत्री नगर आदि कॉलोनियों की सड़कों पर पानी फैल जाएगा। पानी देख लोग सुरक्षित स्थान के लिए सामान पैकिंग करने लगे हैं।



मणिकर्णिका घाट पर स्तिथ अलवर मंदिर के पुजारी प्रद्युम शर्मा 'बनारसी' ने बताया गंगा के बढ़ते जलस्तर के बारे में।

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