लाइव क्रिकेट स्कोर

वाराणसी: टूरिज्म गिल्ड और उत्तर प्रदेश पर्यटन के संयुक्त तत्वाधान में बाइक द्वारा द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा का आयोजन किया गया



वाराणसी :  टूरिज्म गिल्ड और उत्तर प्रदेश पर्यटन के संयुक्त  तत्वाधान में बाइक द्वारा द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश पर्यटन के कार्यालय से सुबह ७ बजे पर्यटन अधिकारी श्रीमान कीर्तिमान श्रीवास्तव जी  द्वारा झंडी दिखा कर रवाना किया गया।

टूरिज्म गिल्ड के सभी सदस्य बाइक द्वारा सबसे पहले महामृतुंजय मंदिर गए वहा दर्शन पूजा करने के बाद ओंकारेश्वर मच्छोदरी पार्क के पास से गोदौलिया श्री काशीविश्वनाथ और अन्य मंदिर का दर्शन कर के  मान मंदिर घाट से केदार घाट फिर कमच्छा वहा से सिगरा टीला और अंत में बैजनाथ इस्थित बैजनाथ मंदिर में दर्शन किया यात्रा को सम्पन किया।

१२ ज्योतिर्लिग में महाकालेश्वर मंदिर, नागेश्वर मंदिर / ओंकारेश्वर मंदिर / त्रयंबकेश्वर मंदिर / विशेश्वर मंदिर / भीमेश्वर मंदिर / रामेश्वर महादेव / सोमेश्वर महादेव / केदारेश्वर महादेव / घुमेश्वर महादेव / भिमार्जुन महादेव और बैजनाथ महादेव है।

इस अवसर पर वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष श्री संदीप पटियाल जी ने बताया कि काशी धार्मिक पयर्टन का महत्वपूर्ण स्थान है , उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा काशी में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अलावा  धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पंचकोसी यात्रा, अष्ट भैरव यात्रा और नवदुर्गा यात्रा पर भी काम चल रहा है।

टूरिज्म गिल्ड के उपाध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि काशी द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा पावन पथ में आने वाली यात्राओं में से एक है । इस यात्रा में भगवान शिव के १२ जोतिर्लिंग की प्रतिकृति का काशी में ही दर्शन प्राप्त हो सकता है  l सचिव श्री सुभाष कपूर ने कहा कि बहुत सारे यात्री  अलग अलग प्रदेशों में १२ जोतिर्लिंग की यात्रा के लिए जाते हैं , उनके लिए ये एक बहुत अच्छा अवसर है की वो एक जगह काशी में ही बारहों ज्योतिर्लिंग के दर्शन प्राप्त कर सकते हैं ।
 
टूरिज्म गिल्ड के संयुक्त सचिव श्री अनिल त्रिपाठी ने बताया कि पर्यटकों को और आकर्षित करने के लिए विलुप्त हो चुकी अंतरगृही यात्रा / आदित्य यात्रा / भैरव यात्रा आदि को समय/समय पर करवा कर पूरे देश में उसके महात्म को प्रसारित किया जाएगा जिससे यात्री काशी में आए तो कोई न कोई पैदल यात्रा भी करें।
 
वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के सदस्य श्री शिव त्रिपाठी ने बयाया की सभी ज्योतिर्लिंग के पुजारियों ने वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के इस कदम की सराहना की और देश और दुनिया के लोग काशी में ही आकर बारह ज्योतिर्लिग की यात्रा काशी में ही कर सकेंगे।

राशिद खान ने वाराणसी टूरिज्म गिल्ड की ओर से माननीय पर्यटन मंत्री श्री नीलकंठ तिवारी जी को विशेष आभार जताया जिनके निर्देश और सहयोग से काशी के इन महत्वपूर्ण मंदिरों को विश्व के पटल पर रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।

सदस्य प्रवीण मेहता ने कहा कि काशी और काशी के आस पास  के सभी पर्यटन स्थल जैसे विंधाचयल धाम / प्रयागराज / अयोध्या / चित्रकूट और अन्य टूरिस्ट स्थल जैसे चंद्रप्रभा / सोनभद्र आदि को विश्व पटल पर लाया जाएगा वाराणसी टूरिज्म गिल्ड का यह प्रयास जल्द ही रंग लायेगा और पर्यटन उद्योग को आगे बढ़ाने मदद मिलेगी।व्यापार और नौकरी के नए अवसर मिलेंगे।

इस कार्यक्रम को करने में मुख्य रूप से पर्यटन विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक पर्यटन श्री अविनाश चंद्र मिश्र जी का महत्व योगदान रहा जिन्होंने हमेशा काशी और काशी के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ाने में अपना योगदान देते रहते है । क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी श्री कीर्तिमान श्रीवास्तव जी ने इस कार्यक्रम में अपना महत्त्वपूर्ण और विशेष योगदान दिया जिससे ये बाइक यात्रा सकुशल संपन्न की जा सकी। वीटीजी इनका आभारी हैं।

पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन सुरक्षा अधिकारी भी शामिल थे जिन्होंने पूरी यात्रा साथ की और सहयोग दिया जिनमे मुख्य रूप से श्री डी के गुप्ता, श्री हितेंद्र सिंह और श्री हरिशंकर तिवारी जी प्रमुख थे।
 
इस यात्रा में वाराणसी के सभी मुख्य ट्रैवल एजेंट और टूर ऑपरेटर ने भाग लिया। मुख्य रूप से श्री प्रदीप चौरसिया / प्रवीण मेहता / अंकित श्रीवास्तव / राशिद खान / राजीव रंजन / नौनिहाल सिंह / श्री सैमुदिन खान / आदित्य राय / रेहान खान / प्रदीप राय / प्रवीण राणा / अभय सहाय / शिव त्रिपाठी / राम पांडे, श्री अनूप कुमार / श्री शुशील सिंह / माजिद खान / अभय सहाय / सुधांशु सक्सेना / विक्रम सिंह / अवनीस पाठक / संतोष सिंह / जितेंद्र सिंह / अभिषेक पाठक / विवेक तिवारी / विवेक राय / गोकुल जी / गाइड असोसिएशन से अजय सिंह / अनूप सेठ / रंजीत गुप्ता / जैनेन्द्र राय / अशोक वर्मा / संजय गुप्ता / अनिल चतुर्वेदी / राजेंद्र यादव / शैलेश त्रिपाठी / पुलकित गुप्ता / विमल पाठक / पी एन सिंह / राजेश विषकर्मा व अन्य लोंग उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ