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मछलिशहर में मची है लूट- झोलाछाप डॉक्टर बेलगाम, दो से तीन दिन भर्ती कर वसूल लेते है 20 से 30 हजार रुपये।



रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ इन्द्रेश तिवारी

मछलिशहर  (जौनपुर) झोलाछाप डॉक्टरों के इस समय चांदी है। दो से तीन दिन अगर भर्ती मरीज होता है तो 20 से 30 हजार का बिल बनाकर जबरन रुपया लेते है। यह बल्कि कही बाहर का क्लीनिक नही है। मछलीशहर  कस्बे में एक नही दर्जनो  प्राइवेट हास्पिटल पर यह गोरखधंधा खूब फल फूल रहा है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग उन पर अंकुश लगाने में नाकाम है। लोग बताते हैं कि झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या घटने के बजाए दिनोंदिन बढ़ रही है। नगर पंचायत में हजारों की आबादी के बीच जौनपुर रोड पर एक ऐसा चिकित्सक है कि जहां एक रुम में दर्जनों बच्चों को भर्ती करके अवैध रुप से बिल बनाकर धनउगाही में लिप्त है।

कैसे करते हैं इलाज

झोलाछाप डॉक्टर पहले उल्टा सीधा इलाज करते हैं, इसके बाद जब स्थिति काबू से बाहर हो जाती है तो किसी बड़े डॉक्टर को दिखाने के नाम पर अपनी पीछा छुड़ा लेते हैं। हालांकि, तब तक स्थिति यह हो जाती है कि मरीज को बचाया जाना संभव ही नहीं रहता है। ये डॉक्टर बुखार की जांच के लिए कोई भी टेस्ट तक कराने की सलाह नहीं देते हैं। उल्टी, दस्त आदि सामान्य बीमारियों के अलावा मियादी बुखार, डेंगू, मलेरिया, हैजा, पीलिया, मष्तिष्क ज्वर, चिकन पॉक्स व एलर्जी तक का इलाज करने से नहीं चूकते। बिना प्रशिक्षण के लोगों को इंजेक्शन लगाने के साथ ग्लूकोज व अन्य दवाओं को चढ़ा देते हैं। दवा की डोज की सही जानकारी न होने के बावजूद सामान्य बीमारी में लोगों को दवा की हैवी डोज दे देते हैं। इसके चलते कई बार लोगों को एलर्जी व शारीरिक अपंगता तक हो जाती हैं।

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