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OTP फ्रॉड का खेल खत्म! TRAI ला रहा है नया सिस्टम, अब मोबाइल पर ऐसे आएगा मैसेज



TRAI OTP मैसेज का फॉर्मेट और लॉक स्क्रीन पर कोड दिखने का तरीका बदल सकता है। जानें प्रस्तावित बदलाव और ठगी से बचने के उपाय।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) OTP मैसेज के फॉर्मेट और उन्हें देखने के तरीके में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में OTP को लॉक स्क्रीन पर सीधे दिखाने के बजाय मैसेज ऐप खोलकर देखने की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही, मैसेज में कोड भेजने का उद्देश्य, कंपनी का नाम और उसकी वैधता जैसी जानकारी स्पष्ट की जा सकती है। हालांकि, नए नियमों की अंतिम जानकारी अभी जरूरी होगी।

OTP मैसेज में क्या बदलाव कर सकता है TRAI?

मोबाइल पर आने वाले OTP का इस्तेमाल बैंकिंग, ऑनलाइन भुगतान, अकाउंट लॉगिन और विभिन्न डिजिटल सेवाओं में पहचान की पुष्टि के लिए किया जाता है। कई बार लोग पूरा मैसेज पढ़ने के बजाय नोटिफिकेशन में दिखाई देने वाला कोड देखकर उसका इस्तेमाल कर लेते हैं। ऐसी जल्दबाजी में धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए TRAI OTP मैसेज से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य यूजर्स के लिए मैसेज को समझना आसान बनाना और उन्हें यह पहचानने में मदद करना है कि OTP किस काम के लिए भेजा गया है।

हालांकि, प्रस्तावित बदलावों का अंतिम स्वरूप क्या होगा और इन्हें कब लागू किया जाएगा, इसकी पुष्टि संबंधित नियमों की अंतिम जानकारी सामने आने के बाद ही हो सकेगी।

लॉक स्क्रीन पर सीधे नहीं दिखेगा OTP?

फिलहाल कई स्मार्टफोन में OTP मैसेज का कोड नोटिफिकेशन बार या लॉक स्क्रीन पर ही दिखाई दे जाता है। इससे फोन के आसपास मौजूद कोई दूसरा व्यक्ति भी स्क्रीन देखकर कोड जान सकता है, खासकर तब जब मैसेज की सामग्री लॉक स्क्रीन पर प्रदर्शित हो रही हो।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत OTP को सीधे नोटिफिकेशन या लॉक स्क्रीन पर दिखाने के बजाय उसे देखने के लिए मैसेज ऐप खोलना पड़ सकता है। इसके बाद यूजर मैसेज के भीतर जाकर कोड देख सकेगा।

इस बदलाव से फोन की स्क्रीन पर नजर रखने वाले दूसरे लोगों के लिए OTP देखना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, यह व्यवस्था किस तरह लागू होगी और किन परिस्थितियों में कोड दिखाई देगा, इसकी स्पष्ट जानकारी अंतिम नियमों पर निर्भर करेगी।

OTP मैसेज का फॉर्मेट भी हो सकता है एक जैसा

TRAI OTP भेजने के तरीके और मैसेज के प्रारूप को अधिक स्पष्ट और एकरूप बनाने पर भी विचार कर रहा है। इसके तहत बैंक, ई-कॉमर्स कंपनियां और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म OTP भेजते समय एक निर्धारित फॉर्मेट अपना सकते हैं।

इस व्यवस्था में मैसेज के भीतर यह जानकारी स्पष्ट की जा सकती है कि OTP किस उद्देश्य से भेजा गया है। उदाहरण के तौर पर, कोड अकाउंट में लॉगिन करने, किसी भुगतान की पुष्टि करने या किसी अन्य डिजिटल गतिविधि के लिए आया है।

इसके अलावा, मैसेज में संबंधित कंपनी का नाम और OTP के इस्तेमाल की वैधता अवधि भी बताई जा सकती है। इससे यूजर के लिए यह समझना आसान हो सकता है कि कोड किस सेवा से संबंधित है और उसका उपयोग किस काम में होना है।

ऑनलाइन ठगी के बढ़ते आंकड़े क्यों बढ़ा रहे हैं चिंता?

OTP मैसेज से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव की जरूरत को ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के संदर्भ में देखा जा रहा है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में ऑनलाइन धोखाधड़ी से संबंधित लगभग 2.62 लाख शिकायतें दर्ज की गई थीं। वर्ष 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 24.02 लाख से अधिक हो गई।

इसी अवधि में ऑनलाइन धोखाधड़ी में लोगों के फंसे पैसों की रकम में भी बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वर्ष 2021 में यह राशि लगभग 551 करोड़ रुपये थी, जबकि वर्ष 2025 में बढ़कर 22,495 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

यहां ध्यान देना जरूरी है कि ये आंकड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी की सभी तरह की शिकायतों और उनसे जुड़ी रकम को दर्शाते हैं। इन्हें केवल OTP फ्रॉड के मामलों का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।

ठग किस तरह OTP का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बनाते हैं?

ऑनलाइन ठगी करने वाले कई बार खुद को बैंक कर्मचारी या किसी कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। बातचीत के दौरान वे अलग-अलग बहाने बनाकर OTP मांग सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति मैसेज पढ़े बिना या कोड भेजने का उद्देश्य समझे बिना OTP साझा कर देता है, तो उसके बैंक खाते या डिजिटल अकाउंट की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

OTP का इस्तेमाल किसी लेनदेन या लॉगिन की पुष्टि के लिए किया जा सकता है। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति को कोड बताने से अनधिकृत गतिविधि का जोखिम बढ़ सकता है।

प्रस्तावित बदलावों के जरिए मैसेज में उद्देश्य और कंपनी की जानकारी स्पष्ट करने की कोशिश की जा सकती है, ताकि यूजर को कोड का संदर्भ समझने में आसानी हो।

क्या नए नियम लागू होने के बाद OTP फ्रॉड पूरी तरह बंद हो जाएगा?

OTP मैसेज देखने के तरीके और उसके फॉर्मेट में बदलाव से यूजर्स को अधिक सतर्क रहने में मदद मिल सकती है। लेकिन केवल इन बदलावों से ऑनलाइन धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त होने की गारंटी नहीं है।

धोखाधड़ी करने वाले नए तरीके अपना सकते हैं और WhatsApp तथा Telegram जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए भी लोगों को निशाना बना सकते हैं। इसलिए डिजिटल सुरक्षा के लिए यूजर्स की सावधानी भी जरूरी है।

अगर किसी व्यक्ति ने कोई भुगतान या लॉगिन करने की कोशिश नहीं की है और फिर भी उसके फोन पर बैंक का OTP आता है, तो उसे उस कोड को किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। ऐसे मामले में अपने बैंक खाते और संबंधित गतिविधियों की जांच करना भी जरूरी है।

OTP फ्रॉड से बचने के लिए किन बातों का रखें ध्यान?

OTP मिलने पर केवल कोड देखकर आगे बढ़ने के बजाय पूरा मैसेज पढ़ें। यह जांचें कि कोड किस काम के लिए भेजा गया है और क्या आपने वास्तव में उस गतिविधि को शुरू किया था।

अगर कोई व्यक्ति फोन करके खुद को बैंक कर्मचारी या कंपनी का अधिकारी बताता है और OTP मांगता है, तो उसके साथ कोड साझा न करें। अनचाहे OTP को गंभीरता से लें, खासकर तब जब आपने संबंधित सेवा का इस्तेमाल नहीं किया हो।

TRAI की प्रस्तावित व्यवस्था OTP मैसेज को अधिक स्पष्ट बनाने और स्क्रीन पर कोड दिखाई देने से जुड़े जोखिम को कम करने की दिशा में एक बदलाव हो सकती है। हालांकि, इसकी वास्तविक उपयोगिता और लागू होने वाली शर्तों के बारे में अंतिम नियमों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।


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