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नए स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों से बदला खरीदारी का ट्रेंड, रिफर्बिश्ड फोन की मांग में 13% तक उछाल; इतने सस्ते मिल रहे प्रीमियम मॉडल

भारत में रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की मांग 13% तक बढ़ी। जानें iPhone और Samsung के पुराने फोन खरीदने के फायदे और जरूरी सावधानियां।

भारत में नए स्मार्टफोन महंगे होने के बीच रिफर्बिश्ड मोबाइल फोन की मांग बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनकी मांग में 13% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कम बजट में प्रीमियम फीचर्स पाने के लिए ग्राहक iPhone और Samsung जैसे ब्रांड के पुराने मॉडल खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ₹20,000 से ₹45,000 के बजट में ऐसे फोन का विकल्प मिलने से युवाओं और अन्य ग्राहकों का रुझान भी बढ़ रहा है।

नए स्मार्टफोन महंगे होने से रिफर्बिश्ड फोन की बढ़ी मांग

स्मार्टफोन खरीदते समय अब ग्राहक केवल कैमरा, प्रोसेसर और डिजाइन पर ही ध्यान नहीं देते, बल्कि अपने बजट को भी प्राथमिकता देते हैं। चिपसेट और कैमरे जैसी तकनीकों की लागत बढ़ने से नए स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में सीमित बजट में बेहतर फीचर्स वाला फोन खरीदना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है।

इसी वजह से रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन बाजार में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में इन फोन की मांग में 13% तक का उछाल आया है। ग्राहक कम कीमत में अच्छे फीचर्स पाने के लिए रिफर्बिश्ड मोबाइल को नए फोन के विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

₹20,000 से ₹45,000 के बजट में मिल रहे प्रीमियम फोन के विकल्प

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की लोकप्रियता केवल कम कीमत वाले सामान्य मॉडल तक सीमित नहीं है। ₹20,000 से ₹45,000 तक खर्च करने वाले ग्राहकों के लिए भी इस बाजार में कई विकल्प मौजूद हैं। इस बजट में नया फोन खरीदने पर आमतौर पर मिड-रेंज मॉडल मिल सकता है, जबकि रिफर्बिश्ड बाजार में इसी रकम के भीतर पुराने प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने का अवसर मिल सकता है।

इससे उन ग्राहकों को फायदा हो सकता है जो कम कीमत में बेहतर हार्डवेयर और प्रीमियम ब्रांड का अनुभव चाहते हैं। हालांकि, फोन की वास्तविक कीमत और उसकी स्थिति विक्रेता तथा मॉडल के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

iPhone और Samsung के पुराने मॉडल क्यों आ रहे पसंद?

iPhone और Samsung जैसे ब्रांड के प्रीमियम स्मार्टफोन युवाओं, कॉलेज के विद्यार्थियों और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच पसंद किए जाते हैं। इन ब्रांड के नए फ्लैगशिप मॉडल की कीमत ₹70,000 से लेकर ₹1 लाख तक हो सकती है। ऐसे में हर ग्राहक के लिए नया प्रीमियम फोन खरीदना आसान नहीं होता।

रिफर्बिश्ड बाजार में पुराने प्रीमियम मॉडल ₹20,000 से ₹45,000 के बीच मिल सकते हैं। इससे ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम कीमत पर इन ब्रांड के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने का विकल्प मिलता है। यही वजह है कि बजट और फीचर्स के बीच संतुलन बनाने वाले खरीदार ऐसे फोन पर विचार कर रहे हैं।

रिफर्बिश्ड और सामान्य सेकंड-हैंड फोन में क्या है अंतर?

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन और सामान्य सेकंड-हैंड फोन को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। रिफर्बिश्ड फोन को दोबारा बिक्री के लिए उपलब्ध कराने से पहले उसकी स्थिति और कार्यक्षमता की जांच की जाती है। इस प्रक्रिया में बैटरी, स्क्रीन, कैमरा और दूसरे जरूरी हिस्सों को परखा जा सकता है।

अगर किसी हिस्से में खराबी मिलती है, तो जरूरत के अनुसार उसे बदला भी जा सकता है। हालांकि, जांच की गुणवत्ता और मरम्मत की प्रक्रिया विक्रेता पर निर्भर करती है। इसलिए केवल रिफर्बिश्ड का नाम देखकर फोन खरीदना उचित नहीं है। ग्राहक को यह जानकारी लेनी चाहिए कि फोन की जांच किस तरह हुई है और उसकी मौजूदा स्थिति क्या है।

वारंटी और EMI की सुविधा से खरीदारी हो सकती है आसान

कई ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन के साथ 6 महीने से 1 साल तक की वारंटी देते हैं। कुछ विक्रेता EMI के जरिए भुगतान करने और सीमित समय के भीतर फोन बदलने की सुविधा भी उपलब्ध कराते हैं।

इन सुविधाओं से ग्राहकों को खरीदारी का फैसला लेने में सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, हर विक्रेता की शर्तें समान नहीं होतीं। फोन खरीदने से पहले वारंटी की अवधि, उसमें शामिल खराबियां, रिप्लेसमेंट की शर्तें और वापसी की सुविधा को ध्यान से समझना जरूरी है।

कम कीमत में मिल सकते हैं 5G और बेहतर कैमरे वाले फोन

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन का एक प्रमुख आकर्षण यह है कि कम कीमत में पुराने प्रीमियम मॉडल के जरिए बेहतर हार्डवेयर और कई आधुनिक सुविधाएं मिल सकती हैं। इनमें 5G कनेक्टिविटी, बेहतर कैमरा, तेज प्रोसेसर और AI से जुड़े फीचर्स शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, हर पुराने मॉडल में सभी सुविधाएं उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। खरीदने से पहले यह जांचना चाहिए कि फोन में जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट मिल रहे हैं या नहीं। इसके अलावा, बैटरी की स्थिति, कैमरे की कार्यक्षमता और फोन के दूसरे जरूरी फीचर्स की जांच करना भी महत्वपूर्ण है।

छोटे शहरों और कस्बों में भी बढ़ रही रिफर्बिश्ड फोन की पहुंच

रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन की मांग अब केवल दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों में भी ग्राहक इस तरह के फोन खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय मोबाइल दुकानों के जरिए ऐसे स्मार्टफोन तक पहुंच आसान हो रही है। इससे ग्राहकों को अपने बजट के अनुसार अलग-अलग मॉडल और कीमतों की तुलना करने का अवसर मिल सकता है।

आगे कैसा रहेगा रिफर्बिश्ड स्मार्टफोन का बाजार?

नए स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतें रिफर्बिश्ड फोन के बाजार के लिए अवसर पैदा कर रही हैं। कम कीमत में बेहतर फीचर्स पाने की चाह रखने वाले ग्राहकों के लिए पुराने प्रीमियम मॉडल एक विकल्प बन रहे हैं। साथ ही, इस्तेमाल किए गए स्मार्टफोन को दोबारा उपयोग में लाने से इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-वेस्ट को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

हालांकि, रिफर्बिश्ड फोन खरीदते समय केवल कम कीमत को आधार नहीं बनाना चाहिए। बैटरी, स्क्रीन, कैमरा, सॉफ्टवेयर अपडेट और फोन की कुल स्थिति की जांच करना जरूरी है। इसके साथ ही विक्रेता की विश्वसनीयता, वारंटी और रिप्लेसमेंट पॉलिसी की जानकारी लेने के बाद ही खरीदारी का फैसला करना चाहिए।

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