कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने बयान को प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताते हुए सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। वहीं, कांग्रेस ने सफाई दी है कि खरगे की टिप्पणी का संदर्भ प्रधानमंत्री के पिता नहीं, बल्कि बीजेपी और आरएसएस के वैचारिक नेतृत्व से था। इस मामले में पटना कोतवाली में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
खरगे के बयान से क्यों गरमाई देश की राजनीति?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रविवार को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में दिए गए बयान को बीजेपी ने आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की भाषा राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी ने सोमवार को देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला किया। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सभी प्रदेश मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी खरगे के बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाएं लांघने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि खरगे की टिप्पणी को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। पार्टी नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष के बयान में इस्तेमाल किए गए ‘बाप’ शब्द का संदर्भ प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता से नहीं था।
पटना के कार्यक्रम में क्या बोले थे मल्लिकार्जुन खरगे?
रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर ‘मोदी नहीं जाएगा’ का नारा लगाया। इसके जवाब में खरगे ने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा… बाप भी जाएगा।’
इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया। बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करार दिया, जबकि कांग्रेस ने बयान का अलग संदर्भ बताते हुए अध्यक्ष का बचाव किया।
#WATCH | A ruckus broke out during Congress national president Mallikarjun Kharge's address at the 139th birth anniversary celebration of Dr. Shri Krishna Singh in Patna, Bihar A person present at the event said that PM Modi would not go anywhere, Kharge responded, "Modi ka baap bhi jayega."
— ANI (@ANI) October 25, 2026
समाचार एजेंसी ANI की ओर से साझा किए गए वीडियो के मुताबिक, टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारे लगाने वाले व्यक्ति को हॉल से बाहर निकाल दिया। इस दौरान उसके साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी वादों पर भी खरगे ने उठाए सवाल
पटना में अपने भाषण के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अन्य मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री को ‘आदतन झूठा’ बताते हुए उनके चुनावी वादों पर सवाल उठाए।
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सत्ता में आने के शुरुआती 100 दिनों के भीतर विदेशों से काला धन वापस लाने का वादा किया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि उस वादे का क्या हुआ और वह पैसा कहां है।
इस तरह खरगे के भाषण में प्रधानमंत्री पर की गई राजनीतिक टिप्पणी के साथ चुनावी वादों को लेकर भी आलोचना शामिल रही। हालांकि, फिलहाल राजनीतिक विवाद का प्रमुख केंद्र उनके उस बयान को लेकर है, जिसे बीजेपी ने प्रधानमंत्री के परिवार का अपमान बताया है।
खरगे के बयान के खिलाफ सोमवार को देशभर में प्रदर्शन करेगी बीजेपी
कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी के विरोध में बीजेपी ने सोमवार को देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक, सभी प्रदेश मुख्यालयों पर कार्यकर्ता एकत्र होकर खरगे के बयान के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे।
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। पार्टी ने इस टिप्पणी को राजनीतिक संवाद की मर्यादा के विपरीत बताया है।
इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां बीजेपी बयान को लेकर कांग्रेस से जवाब मांग रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि टिप्पणी का अर्थ उस तरह निकाला जा रहा है, जैसा उसका आशय नहीं था।
अमित शाह ने कांग्रेस पर लगाया राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके परिवार को लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया हो।
शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने पहले भी प्रधानमंत्री की मां के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री को ‘मौत का सौदागर’ कहे जाने और उनकी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर ‘चायवाला’ कहकर निशाना साधने का भी उल्लेख किया।
गृह मंत्री ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पर राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाएं पार करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद लगातार चुनावी पराजयों के कारण कांग्रेस निराश है और उसके पास जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस नीति या मुद्दा नहीं बचा है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियों का जवाब जनता देगी। उनके बयान से स्पष्ट है कि बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी को राजनीतिक रूप से प्रमुख मुद्दा बनाया है।
प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर भी उठाए सवाल
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर हताश है और इसी कारण उसके नेताओं की भाषा लगातार आपत्तिजनक होती जा रही है।
भंडारी ने दिल्ली में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की रैली का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को इस रैली में अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की आशंका है।
दरअसल, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की तैयारी में है। विपक्षी दल बीजेपी के पक्ष में कथित चुनावी अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोपों को लेकर अपनी बात रखने वाले हैं।
बीजेपी प्रवक्ता ने इस प्रस्तावित रैली को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। इस तरह खरगे की टिप्पणी को लेकर जारी विवाद के बीच दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
कांग्रेस ने दी सफाई, पवन खेड़ा ने बताया बयान का अलग संदर्भ
बीजेपी की आलोचना के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मल्लिकार्जुन खरगे का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि पटना के कार्यक्रम में नारेबाजी करने वाला व्यक्ति बीजेपी का कार्यकर्ता था और उसने कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण में बाधा डाली।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी लगातार खरगे को अपमानित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने उत्तराखंड में कथित शुद्धिकरण की घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के साथ पहले भी उनकी दलित पहचान के कारण अपमानजनक व्यवहार किया गया था।
खरगे की टिप्पणी का संदर्भ स्पष्ट करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता की ओर नहीं था। उनके मुताबिक, खरगे ने ‘बाप’ शब्द का इस्तेमाल बीजेपी के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके प्रमुख मोहन भागवत के संदर्भ में किया था।
कांग्रेस की ओर से दी गई इस सफाई के बाद विवाद के दोनों पक्षों के तर्क सामने आए हैं। बीजेपी बयान को प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बता रही है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि टिप्पणी का आशय अलग था।
#WATCH | Noida: Congress MP Pawan Khera says, "This is the second time that individuals from the Sangh and the Bharatiya Janata Party (BJP) have behaved disrespectfully toward Kharge ji. Previously, they engaged in a despicable act, so-called purification ritual in Uttarakhand, solely because he is a Dalit. Today, in Bihar, while Kharge ji was delivering a speech, a BJP worker rudely said that Modi will not go anywhere; even if your own father were to come, he still wouldn't leave. Such absurd and offensive language was used against a veteran, senior leader. In response, Kharge ji retorted that Modi will indeed go and so will his father referring to his ideological mentor: the Sangh, and Mohan Bhagwat. This repeated disrespect toward our national president is happening at the direct behest of Modi and Shah. The nation will not forgive this. The nation is watching..."
— ANI (@ANI) October 25, 2026
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर भी पवन खेड़ा ने लगाए आरोप
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खरगे के साथ इस तरह की घटनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हो रही हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
इस मामले में फिलहाल बीजेपी की ओर से देशभर में विरोध प्रदर्शन की घोषणा और कांग्रेस की ओर से दी गई सफाई प्रमुख घटनाक्रम हैं। खरगे की टिप्पणी को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। बीजेपी इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बता रही है, जबकि कांग्रेस अपने अध्यक्ष के बयान के संदर्भ को लेकर अलग दावा कर रही है।
साभार: ANI


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