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Jio IPO ने मचाया तहलका! 1.25 करोड़ आवेदन और 4.5 लाख करोड़ की बोलियां, एक साथ बने 12 बड़े रिकॉर्ड



जियो IPO को 4.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां और 1.25 करोड़ से अधिक आवेदन मिले। जानिए IPO के 12 बड़े रिकॉर्ड।

मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के IPO को 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं और निवेशकों ने रिकॉर्ड संख्या में आवेदन किए। 23 अक्टूबर को बंद हुए इस इश्यू को 1.25 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिले, जो दुनिया के किसी भी IPO के लिए सबसे बड़ी संख्या बताई गई है। सफल कैपिटल और इन्वेस्टोयार्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस IPO ने भारतीय प्राइमरी मार्केट में मांग और निवेशक भागीदारी से जुड़े 12 रिकॉर्ड बनाए हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO को मिली रिकॉर्डतोड़ मांग

मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी का नया रिकॉर्ड बनाया है। 30,213 करोड़ रुपये के इस सार्वजनिक निर्गम के लिए निवेशकों ने कुल 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाईं। सफल कैपिटल के आंकड़ों के मुताबिक, इस इश्यू ने मांग, आवेदन संख्या और विभिन्न निवेशक श्रेणियों में भागीदारी से जुड़े कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए।

जियो का IPO 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और 23 अक्टूबर को बंद हुआ। अंतिम दिन तक इस इश्यू को 20 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे अधिक मांग दर्ज की गई।

1.25 करोड़ से अधिक आवेदन, दुनिया में बना नया रिकॉर्ड

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की सबसे बड़ी उपलब्धियों में आवेदनों की संख्या शामिल है। इस इश्यू को 1.25 करोड़ से अधिक आवेदन मिले, जबकि इससे पहले 97.33 लाख आवेदनों का रिकॉर्ड था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जियो दुनिया का पहला IPO बना जिसे एक करोड़ से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए।

इस रिकॉर्ड में खुदरा निवेशकों, संस्थागत निवेशकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों की भागीदारी शामिल रही। आवेदन संख्या के लिहाज से इस इश्यू ने निवेशकों की व्यापक भागीदारी का नया स्तर दर्ज किया।

4.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां

जियो IPO के लिए प्राप्त बोलियों का कुल मूल्य 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह भारतीय IPO बाजार में पहले दर्ज 4.4 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड से ज्यादा है। इस तरह जियो ने कुल बोली मूल्य के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया।

30,213 करोड़ रुपये के इश्यू के मुकाबले मिली इतनी बड़ी मांग ने इसे देश के सबसे बड़े IPO में शामिल किया। सफल कैपिटल और इन्वेस्टोयार्ड के आंकड़ों के अनुसार, बोलियों के मूल्य और इश्यू के आकार से जुड़े सात रिकॉर्ड इस निर्गम के नाम रहे।

संस्थागत निवेशकों ने लगाईं 3.87 लाख करोड़ रुपये की बोलियां

जियो IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB श्रेणी के निवेशकों की भूमिका सबसे बड़ी रही। इस श्रेणी से 3.87 लाख करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। इससे पहले इस श्रेणी में 3.86 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड दर्ज था।

संस्थागत निवेशकों की मांग ने कुल सब्सक्रिप्शन को मजबूत आधार दिया। IPO के अंतिम दिन भी इसी श्रेणी में सबसे अधिक दिलचस्पी देखने को मिली। कुल मिलाकर, संस्थागत निवेशकों की बोलियों ने जियो के निर्गम को मांग के लिहाज से नया रिकॉर्ड बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पहले ही दिन 67,117 करोड़ रुपये की बोलियां

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO ने खुलने के पहले दिन ही मांग का रिकॉर्ड बना दिया। 21 अक्टूबर को निवेशकों की ओर से 67,117 करोड़ रुपये की बोलियां लगाई गईं। पहले दिन इश्यू तीन गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ।

इससे पहले किसी IPO के पहले दिन सब्सक्रिप्शन का रिकॉर्ड 1.04 गुना था। जियो के इश्यू ने पहले ही दिन इस स्तर को पीछे छोड़ दिया और शुरुआती निवेशक मांग के मामले में नया रिकॉर्ड दर्ज किया।

नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की मांग

जियो IPO में नॉन-इंस्टीट्यूशनल श्रेणी से भी एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की मांग आई। इस श्रेणी में रिटेल निवेशकों, हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स यानी HNI निवेशकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों से संबंधित भागीदारी शामिल रही।

शेयरधारकों के लिए आरक्षित श्रेणी में ही 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुईं। इससे पहले इस श्रेणी में 9,350 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड था। जियो के IPO में इस कैटेगरी की मांग पुराने रिकॉर्ड से दोगुने से भी ज्यादा रही।

रिलायंस के शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित

जियो प्लेटफॉर्म्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र मौजूदा शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित किए थे। इस व्यवस्था के तहत शेयरधारकों को सामान्य खुदरा निवेशक श्रेणी से अलग IPO में आवेदन करने का अवसर मिला।

शेयरधारकों की आरक्षित श्रेणी में 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां आने के साथ इस हिस्से ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 21 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

IPO खुलने से पहले 8,110 करोड़ रुपये का एंकर आवंटन

सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन शुरू होने से पहले ही जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को संस्थागत निवेशकों से बड़ी मांग मिली थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मांग आने के बाद 212 निवेशक खातों और योजनाओं को 8,110 करोड़ रुपये का एंकर आवंटन दिया गया।

एंकर निवेशकों को किया गया यह आवंटन सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले संस्थागत निवेशकों की भागीदारी को दर्शाता है। IPO के सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के दौरान भी संस्थागत निवेशक सबसे प्रमुख श्रेणी बने रहे।

खुदरा निवेशकों के एक करोड़ से ज्यादा आवेदन

जियो IPO में खुदरा निवेशकों की भागीदारी ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। इस श्रेणी से एक करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जो खुदरा निवेशक आवेदनों के मामले में अब तक की सबसे बड़ी संख्या बताई गई है।

कुल आवेदन संख्या में खुदरा निवेशकों की बड़ी हिस्सेदारी ने जियो के सार्वजनिक निर्गम को व्यापक निवेशक भागीदारी वाला इश्यू बना दिया। इस श्रेणी में दर्ज रिकॉर्ड जियो IPO की उन प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है, जिनके कारण आवेदन संख्या से संबंधित पांच रिकॉर्ड बनने की बात कही गई है।

छोटे और बड़े HNI निवेशकों ने भी तोड़े पुराने रिकॉर्ड

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में छोटे हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स यानी HNI निवेशकों की ओर से 5.75 लाख से अधिक आवेदन मिले। इससे पहले इस श्रेणी में 4,99,825 आवेदनों का रिकॉर्ड था। जियो के इश्यू ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया।

बड़े HNI निवेशकों की ओर से भी 3.5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इस श्रेणी में पिछला रिकॉर्ड 2,71,403 आवेदनों का था। दोनों श्रेणियों में दर्ज आवेदनों की संख्या ने निवेशकों की भागीदारी के नए स्तर को दर्शाया।

कर्मचारियों की श्रेणी में भी दो लाख से अधिक आवेदन

जियो IPO में कर्मचारियों के लिए आरक्षित श्रेणी को भी अच्छी भागीदारी मिली। इस कैटेगरी में दो लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिसे एक नया रिकॉर्ड बताया गया है।

इस तरह जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम में खुदरा निवेशकों, संस्थागत निवेशकों, HNI निवेशकों, कर्मचारियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों की भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड दर्ज हुए।

26 अक्टूबर को अलॉटमेंट और 28 अक्टूबर को लिस्टिंग की उम्मीद

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में शेयर आवंटन का आधार 26 अक्टूबर को तय होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर सूचीबद्ध होने वाले हैं।

30,213 करोड़ रुपये के इस निर्गम को 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां और 1.25 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिलने के साथ जियो IPO ने भारतीय प्राइमरी मार्केट में कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। अब निवेशकों की नजर शेयर आवंटन और निर्धारित लिस्टिंग तारीख पर है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 


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