ताजा खबरें

5/National/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की समुचित भागीदारी से ही पूरा होगा विकसित भारत का संकल्प.... डॉ. महेंद्र त्रिपाठी


जौनपुर के बिहारी महिला महाविद्यालय में जेंडर डेमोक्रेसी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, महिलाओं की भागीदारी पर वक्ताओं ने रखे विचार।

नगर स्थित बिहारी महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हो रहा आयोजन

भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद द्वारा नारी शक्ति वंदन अभियान के तहत  विकसित भारत 2047 पर "जेंडर डेमोक्रेसी" विषय पर वक्ताओं ने दिया व्याख्यान

मछली शहर (जौनपुर).....नगर स्थित बिहारी महिला महाविद्यालय में नारी शक्ति वंदन अभियान के दौरान भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद के बैनर तले विकसित भारत 2047 के तहत "जेंडर डेमोक्रेसी" विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का  आयोजन किया गया।आयोजन के प्रथम दिवस का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व निदेशक वासुदेव यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता टीडी पीजी कालेज के प्रोफेसर डॉ.महेंद्र त्रिपाठी ने जेंडर डेमोक्रेसी पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि विजन विकसित भारत 2047 में महिलाओं की भूमिका अहम होगी।


जब तक समाज के निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की समुचित भागीदारी नहीं होगी, तब तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।उन्होंने आगे कहा कि समाज में महिला - पुरुष की समान भागीदारी होनी चाहिए तभी जाकर देश में जेंडर डेमोक्रेसी अपने उद्देश्य के तरफ आगे बढ़ेगा।आज महिलाएं हर कदम पर पुरुषों के साथ कदमताल कर रही है।किसी भी क्षेत्र में वह कम नहीं है।महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को आगे कर हम सभी विजन विकसित भारत 2047 को प्राप्त कर सकते है।



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ.अजय कुमार दुबे, डॉ.राजकुमार यादव,प्राचार्य शैलेन्द्र कुमार कौशल आदि वक्ताओं ने भी महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम सुन्दर यादव ने किया।वही कार्यक्रम का कुशल संचालन कर रहे डॉ.सुशील मिश्र ने महाविद्यालय के संस्थापक स्व.फौजदार यादव का संस्मरण करते हुए उन्हें दूरदृष्टा बताया,जिन्होंने 2002 में ही महिलाओं के लिए महाविद्यालय खोलकर बहुत पहले ही नारी सशक्तिकरण की शुरुवात  कर दी थी।
कार्यक्रम में दूर - दूर से आए अतिथियों के साथ - साथ पूरा स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रही।

रिपोर्ट: इंद्रेश तिवारी/जौनपुर 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ