लाल किले से PM मोदी ने विकसित भारत, सप्तधारा, आत्मनिर्भरता, युवाशक्ति और महिला भागीदारी पर कई बड़े संदेश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराकर देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, युवाशक्ति और महिला भागीदारी पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 5-7 दशकों में जो काम नहीं हो सका, उसे आने वाले 5-7 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा।
लाल किले से पीएम मोदी ने दिया विकसित भारत का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हर घर तिरंगा और हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा और देश को बड़े सपने देखने होंगे, क्योंकि बड़े सपने सोच के दायरे को भी विस्तार देते हैं।
आत्मनिर्भर भारत पर प्रधानमंत्री का जोर
पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में देश का दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है। देश को आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश का अपना सामर्थ्य तैयार नहीं होता। इसलिए भारत को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और अपने हितों की सुरक्षा खुद करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
पिछले 12 वर्षों में विकास की रफ्तार का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास की रफ्तार पकड़ी है और अलग-अलग क्षेत्रों में काम हुआ है। डिजिटल और इनोवेशन के क्षेत्र में भी भारत ने अपनी पहचान बनाई है। उनके मुताबिक डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना बढ़ा है। गैस कनेक्शन देने की रफ्तार हर साल औसतन 6 गुनी ज्यादा हुई और गरीबों को घर देने की गति हर साल 3 गुनी ज्यादा रही। उन्होंने यह भी कहा कि सैकड़ों कानूनों को खत्म किया गया है।
पुराने कानूनों के बजाय आधुनिक व्यवस्था पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि पिछली शताब्दी के कानूनों के आधार पर 21वीं शताब्दी की गति से आगे नहीं बढ़ा जा सकता। उन्होंने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो के विस्तार का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार पिछले एक दशक में विकास की ऐसी रफ्तार, विस्तार और उपलब्धियां देखने को मिली हैं। उनके अनुसार इन उपलब्धियों के आधार पर 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प अधूरा नहीं रह सकता।
विकसित भारत के लिए पीएम मोदी का ‘सप्तधारा’ आह्वान
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए ‘सप्तधारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को नई दिशा और नई धाराओं की जरूरत है। छोटे पुर्जों से लेकर बड़े उत्पाद तक देश में तैयार करने होंगे और कॉस्ट, क्वालिटी तथा स्केल पर ध्यान देना होगा।
प्रधानमंत्री ने शक्ति की सप्तधारा में मैन्यूफैक्चरिंग पावर, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, गति शक्ति, रक्षा बल, ग्रीन इकॉनमी एवं ब्लू इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को शामिल किया।
सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सुरक्षा पर भी जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स और एनर्जी सिक्योरिटी के क्षेत्र में महारत हासिल करेगा। उन्होंने बताया कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और आने वाले समय में 4-5 और प्लांट शुरू होंगे।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आने वाली दुनिया को ऊर्जा के बिना चलाना मुश्किल होगा। उन्होंने 2047 तक 100 जीगावाट एटमी एनर्जी का लक्ष्य भी सामने रखा।
कच्चे तेल पर निर्भरता का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार देश संसाधनों की कमी के कारण नहीं रुकता, बल्कि सोच की सीमाएं आगे बढ़ने में बाधा बनती हैं। उन्होंने कहा कि देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है और यह गलत सोच का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि 99 फीसदी नो-गो एरिया को गो-अहेड एरिया बनाया गया है। इसके साथ ही समुद्र के भीतर नए-नए भंडार खोजने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
70 शहरों से 700 शहरों तक पाइप से गैस पहुंचाने का दावा
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश में केवल 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी। पिछले 12 वर्षों में इसे 70 से बढ़ाकर 700 शहरों तक पहुंचाया गया है। उन्होंने इसे विकास की रफ्तार बताया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक 2014 से पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों तक पाइप से गैस पहुंचती थी, जबकि अब 1.75 करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम हो रहा है।
कोरोना और युद्ध के दौर का भी किया उल्लेख
लाल किले से प्रधानमंत्री ने पिछले 10-12 वर्षों के दौरान सामने आई चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था और अर्थव्यवस्था भी चरमरा गई थी। कोरोना के बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध की खबरें सामने आईं। उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया का उल्लेख करते हुए कहा कि कई जगह तनाव का माहौल रहा।
महंगाई और खाद की कीमतों पर सरकार के कदम गिनाए
पीएम मोदी ने कहा कि देश को डराने और चिंतित रखने की कोशिशों के बावजूद एक के बाद एक कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि आज देश में गैस, पेट्रोल और यूरिया उपलब्ध है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महंगाई का बोझ सरकार ने अपने कंधों पर उठाया।
उन्होंने कहा कि 3000 रुपये का यूरिया किसानों को 300 रुपये में दिया जाता है, जबकि भारत में डीएपी 1350 रुपये में मिल रहा है।
2047 के विकसित भारत लक्ष्य पर फिर दोहराया संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 का विकसित भारत का लक्ष्य मजबूत नींव पर खड़ा है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है, वही इस लक्ष्य का हिस्सा है। पीएम मोदी ने कहा कि अब रुकने का समय नहीं है और देश की दिशा तय हो चुकी है। लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना होगा।
फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश केवल सरकार से नहीं बनता, बल्कि हर नागरिक इसमें जुड़ा होता है। उन्होंने सवाल रखा कि आने वाले एक दशक में फॉर्च्यून 500 की सूची में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि वैश्विक नेतृत्व अब भारत के हाथ में होना चाहिए।
नक्सलवाद और माओवाद को लेकर पीएम मोदी का बयान
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में दशकों पुरानी चुनौतियों को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने नक्सलवाद और माओवाद को लेकर कहा कि इससे लाखों युवाओं का भविष्य तबाह हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया गया था और अब यह अपनी आखिरी सांसें गिनने के लायक भी नहीं बचा है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे लोगों को पहचानना होगा।
विकसित भारत के सबसे बड़े लाभार्थी होंगे युवा
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह विकसित भारत की बात करते हैं और देश को तेज गति से आगे बढ़ाने की बात करते हैं तो इसका सबसे बड़ा लाभार्थी और साधक देश का युवा है। उन्होंने युवाशक्ति को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर आगे बढ़ने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी भी देश का युवा ही है। इसलिए विकसित भारत के लक्ष्य को युवाओं के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना जरूरी है।
महिला आरक्षण पर पीएम मोदी की राजनीतिक दलों से अपील
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कानून पर राजनीति हुई। प्रधानमंत्री ने महिलाओं को 33 फीसदी भागीदारी देने की अपील की।
उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से महिलाओं के लिए आगे आने और इस दिशा में साथ देने की अपील की।
5-7 साल में बड़े बदलाव का लक्ष्य
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने विकास की गति को और तेज करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 50-70 वर्षों में जो काम नहीं हो सका, वह आने वाले 5-7 वर्षों में किया जा सकता है। विकसित भारत के संकल्प के साथ उन्होंने आत्मनिर्भरता, मैन्यूफैक्चरिंग, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, युवाशक्ति और महिला भागीदारी को आगे बढ़ाने की बात कही।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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