स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

ताजा खबरें

5/National/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

क्या खत्म होगी No Cost EMI? रिटेलर्स का दावा- स्कीम बंद होते ही सस्ते हो सकते हैं स्मार्टफोन


AIMRA ने No Cost EMI स्कीम बंद करने की मांग की। रिटेलर्स का दावा, इससे स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत कम हो सकती है।

अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले समय में फोन की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों से नो कॉस्ट ईएमआई स्कीम बंद करने की मांग की है। एसोसिएशन का दावा है कि इस स्कीम की लागत पहले से ही फोन की कीमत में जोड़ दी जाती है, जिससे सभी ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।

नो कॉस्ट ईएमआई स्कीम पर दोबारा विचार करने की मांग

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने सैमसंग, एपल, शाओमी, वीवो, ओप्पो और रियलमी जैसी कंपनियों को पत्र भेजकर नो कॉस्ट ईएमआई स्कीम की समीक्षा करने का अनुरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था स्मार्टफोन की खुदरा कीमतों को प्रभावित कर रही है।

एआईएमआरए के अनुसार, 24 महीने तक चलने वाली नो कॉस्ट ईएमआई योजना की लागत कंपनियों को फोन की कीमत का लगभग 17 से 19 प्रतिशत तक पड़ती है। एसोसिएशन का दावा है कि बाद में यही खर्च उत्पाद की खुदरा कीमत में शामिल कर दिया जाता है। इसके कारण केवल ईएमआई पर खरीदने वाले ही नहीं, बल्कि एकमुश्त भुगतान करने वाले ग्राहकों को भी अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।

रिटेलर्स ने दिया सामान्य कंज्यूमर लोन मॉडल अपनाने का सुझाव

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, एआईएमआरए के चेयरमैन कैलाश लाखयानी ने सुझाव दिया है कि कंपनियां नो कॉस्ट ईएमआई के बजाय सामान्य ब्याज वाले कंज्यूमर लोन मॉडल को अपनाएं। उनका कहना है कि ऑटोमोबाइल और हाउसिंग सेक्टर में पहले से इसी प्रकार की व्यवस्था लागू है।

उनके अनुसार, यदि यह मॉडल अपनाया जाता है तो स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत कम हो सकती है। साथ ही बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान ग्राहकों की आवश्यकता के अनुसार अधिक अवधि, यहां तक कि 48 महीने तक के लोन की सुविधा भी उपलब्ध करा सकते हैं। एसोसिएशन का मानना है कि इससे अधिक ग्राहकों तक फाइनेंस की पहुंच बढ़ सकती है।

इंडस्ट्री का पक्ष क्या है

इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यदि नो कॉस्ट ईएमआई स्कीम समाप्त होती है, तो लोन लेकर स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को ब्याज का भुगतान स्वयं करना होगा। दूसरी ओर, एकमुश्त भुगतान करने वाले ग्राहकों को फोन अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल सकते हैं।

अधिकारियों का यह भी कहना है कि सामान्य कंज्यूमर लोन पर लगने वाला ब्याज कई मामलों में उस लागत से कम हो सकता है, जिसे कंपनियां नो कॉस्ट ईएमआई उपलब्ध कराने के लिए वहन करती हैं।

समान स्पेसिफिकेशन वाले फोन की कीमत का उदाहरण

एआईएमआरए ने अपने पक्ष में एक उदाहरण भी दिया है। एसोसिएशन के अनुसार, समान स्पेसिफिकेशन वाले कुछ स्मार्टफोन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। उदाहरण के तौर पर रियलमी C83 5G की कीमत रियलमी P4 Lite से अधिक बताई गई है, जबकि दोनों स्मार्टफोन में समान हार्डवेयर उपलब्ध कराया गया है।


साभार: इकोनॉमिक्स टाइम्स

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ